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UP Industrial Corridor: यूपी में बनेगा नया इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, 292 हेक्टेयर जमीन होगी अधिग्रहित

उत्तर प्रदेश सरकार ललितपुर में 292 हेक्टेयर भूमि पर नया इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बना रही है। कल्यानपुरा गांव में UPIDA अधिग्रहण शुरू करेगी। बुंदेलखंड को ऑटो, टेक्सटाइल निवेश से रोजगार मिलेंगे। योगी सरकार का 'ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी' लक्ष्य मजबूत होगा। किसानों को मुआवजा व स्किल ट्रेनिंग। मेरठ मॉडल की तर्ज पर प्रोजेक्ट।

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UP Industrial Corridor: यूपी में बनेगा नया इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, 292 हेक्टेयर जमीन होगी अधिग्रहित

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए ललितपुर जिले में एक महत्वाकांक्षी इंडस्ट्रियल कॉरिडोर स्थापित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। लगभग 292 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण के साथ यह परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार का यह कदम ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ के लक्ष्य को साकार करने की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

परियोजना की घोषणा और UPIDA को निर्देश

उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPIDA) को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह कॉरिडोर ललितपुर जिले के कल्यानपुरा गांव और उसके आसपास के क्षेत्रों में विकसित होगा, जो बुंदेलखंड के पिछड़े इलाके को औद्योगिक हब के रूप में बदल देगा।

राज्य सरकार ने इसकी मुख्य विशेषता के रूप में 292 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की है, जिसमें आधुनिक कारखाने, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क और अन्य औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी। UPIDA के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अधिग्रहण प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चलेगी, जिसमें किसानों को बाजार मूल्य से अधिक मुआवजा और वैकल्पिक भूमि के विकल्प दिए जाएंगे।

बुंदेलखंड में निवेश और रोजगार के अवसर

परियोजना का प्राथमिक उद्देश्य बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करना है, जहां लंबे समय से विकास की कमी रही है। ललितपुर जैसे जिले, जो खनिज संसाधनों से समृद्ध हैं, अब ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेशकों का केंद्र बनेंगे। इससे स्थानीय युवाओं को हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर न केवल स्थानीय जीडीपी को बढ़ावा देगा, बल्कि क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उत्तर प्रदेश का व्यापक औद्योगिकरण अभियान

यह घोषणा उत्तर प्रदेश के व्यापक औद्योगिकरण अभियान का हिस्सा है। पहले ही गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे मेरठ में 292 हेक्टेयर भूमि वाले कॉरिडोर की योजना ने निवेशकों का ध्यान खींचा है, और अब ललितपुर मॉडल उसकी तर्ज पर बुंदेलखंड को जोड़ेगा। राज्य सरकार ने पिछले वर्ष 12 जिलों में 3,827 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित कर एक्सप्रेसवे से जुड़े कॉरिडोर विकसित किए हैं, जबकि डिफेंस कॉरिडोर में 96 प्रतिशत अधिग्रहण पूरा हो चुका है।

ललितपुर प्रोजेक्ट इसी श्रृंखला का विस्तार है, जहां UPIDA ने प्रशासनिक मंजूरी सुनिश्चित कर दी है। अधिग्रहण पर लगभग 453 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार है, जिसमें घर, पेड़-पौधों जैसी संपत्तियों का अलग मूल्यांकन होगा। प्रभावित परिवारों को स्किल ट्रेनिंग और प्राथमिकता से नौकरियां भी दी जाएंगी।

भविष्य की संभावनाएं

स्थानीय किसानों और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही है। कल्यानपुरा गांव के सरपंच रामस्वरूप ने बताया, “सरकार का यह कदम हमारी पीढ़ियों के लिए वरदान है। मुआवजे के साथ रोजगार मिलेगा तो गांव बदलेगा।” हालांकि, कुछ किसान संगठनों ने मुआवजे की दरें बढ़ाने की मांग की है, जिस पर जिला प्रशासन लगातार बैठकें कर रहा है। UPIDA की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रक्रिया कुछ ही माहों में पूरी हो सकती है, और निवेशक रुचि पहले से ही दिख रही है।

केंद्रीय और राज्य स्तर पर ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत यह परियोजना राष्ट्रीय महत्व की है। उत्तर प्रदेश अब देश का सबसे बड़ा निवेश गंतव्य बन चुका है, और ललितपुर कॉरिडोर इसकी पुष्टि करता है। आने वाले समय में बुंदेलखंड न केवल रोजगार देगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की मंजिल तक ले जाएगा। अधिक जानकारी के लिए UPIDA की वेबसाइट जरूर देखें।

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info@gurukulbharti.in

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