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PF Withdrawal: UAN नंबर खो गया? बिना UAN के भी निकाल सकते हैं PF का पैसा, जानें तरीका

पुरानी नौकरी का PF अटका है? बिना UAN के फॉर्म भरें, 4 स्टेप में घर बैठे या EPFO ऑफिस जाकर पैसा ले आएं। गलती से न फंसें, ये आसान तरीका अपनाएं और कमाई बचाएं। लाखों लोग कर चुके सफल!

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नौकरी छोड़ने के बाद प्रॉविडेंट फंड की गठरी अगर अटकी हो और यूनिफाइड अकाउंट नंबर याद न हो, तो परेशान न हों। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने पुराने खातों के लिए खास ऑफलाइन प्रक्रिया शुरू की है, जिससे लाखों कर्मचारी बिना UAN के अपनी पूरी राशि निकाल पा रहे हैं। यह सुविधा उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो दशकों पुरानी नौकरियों के PF पर निर्भर हैं।

पुराने जमाने में PF खाते अलग-अलग कंपनियों के पास रहते थे और UAN सिस्टम 2014 के बाद आया। आज भी करोड़ों खाते बिना UAN के लंबे समय से निष्क्रिय पड़े हैं। इनमें अरबों रुपये जमा हैं, जो ब्याज के साथ बढ़ते जा रहे हैं। अच्छी बात यह है कि EPFO अब मैनुअल सत्यापन से क्लेम पास कर रहा है। बस सही दस्तावेज जमा करें और 20 से 45 दिनों में पैसा बैंक खाते में आ जाता है।

PF Withdrawal: UAN नंबर खो गया? बिना UAN के भी निकाल सकते हैं PF का पैसा, जानें तरीका

जरूरी कागजात तैयार रखें

सबसे पहले फॉर्म 19 भरें, जो पूरी PF राशि निकालने के लिए होता है। अगर पेंशन का हिस्सा है तो फॉर्म 10C भी जोड़ें। इनके साथ कैंसल्ड चेक या बैंक पासबुक की कॉपी लगाएं, ताकि खाता सही साबित हो सके। पहचान के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी काफी हैं। नियोक्ता से एक सादा कागज लें, जिसमें आपका नाम, जॉइनिंग और लिविंग डेट लिखी हो। पुरानी सैलरी स्लिप या फॉर्म 16 से पुराना PF नंबर ढूंढ लें, इससे काम तेज होता है।

ये फॉर्म EPFO की वेबसाइट से मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं। सब कुछ ब्लॉक लेटर्स में साफ-साफ भरें। नाम में स्पेलिंग गलती या तारीखों में अंतर न हो, वरना फॉर्म वापस आ सकता है। आधार लिंक न होने पर भी चलेगा, लेकिन यह सत्यापन को सरल बनाता है।

चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ें

प्रक्रिया शुरू करने के लिए सबसे पहले पुराने एम्प्लॉयर से बात करें। वे PF नंबर या सत्यापन पत्र दे देंगे। फिर नजदीकी EPFO क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचें। वहां फॉर्म और कागजात जमा करें। अधिकारी मैनुअल जांच करेंगे और क्लेम आईडी जारी देंगे। उसके बाद स्टेटस ऑनलाइन या SMS से ट्रैक करें। स्वीकृति मिलते ही सीधे बैंक में ट्रांसफर हो जाता है।

अगर आप ग्रामीण इलाके में हैं, तो लोकल EPFO सेंटर या कॉमन सर्विस सेंटर की मदद लें। रिजाइनेशन के बाद दो महीने इंतजार करना पड़ सकता है। बड़े शहरों में प्रक्रिया थोड़ी तेज है, लेकिन छोटे स्थानों पर धैर्य रखें। कई लोगों ने बताया कि पहली बार में दस्तावेज कम पड़ने से देरी हुई, इसलिए सब चेकलिस्ट तैयार रखें।

संभावित परेशानियां दूर करें

सबसे आम समस्या नाम या बैंक डिटेल में गड़बड़ी है। इसे बचाने के लिए फॉर्म भरने से पहले सारी जानकारी दोबारा मिलान करें। अगर खाता बहुत पुराना है, तो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ सकता है। कोविड के बाद डिजिटल क्लेम बढ़े हैं, लेकिन ऑफलाइन अभी भी मजबूत विकल्प है। अनक्लेम्ड खातों के लिए भी यही रास्ता अपनाएं, वरना ब्याज बंद हो सकता है।

भविष्य के लिए UAN जरूर सक्रिय करें। पैन या आधार से यह आसानी से हो जाता है। इससे बैलेंस चेक, ट्रांसफर और ऑनलाइन निकासी संभव हो जाती है। SMS सर्विस आजमाएं: EPFOHO ENG मोबाइल नंबर पर 7738299899 भेजें।

जागरूकता ही सुरक्षा है

सरकार ने डिजिटल इंडिया के तहत कई सुविधाएं दीं, लेकिन पुराने PF धारकों को अब भी ऑफलाइन रास्ता अपनाना पड़ता है। लुधियाना जैसे औद्योगिक शहरों में सैकड़ों लोग हर महीने इस तरीके से पैसे निकाल रहे हैं। समय रहते क्लेम करें, ताकि सेविंग्स बेकार न जाएं। सलाह यही है कि कागजात पूरे रखें और जल्दबाजी न करें। आपकी मेहनत का फल जरूर मिलेगा।

Author
info@gurukulbharti.in

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