देशभर में आज सोने की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव के बाद गोल्ड रेट में ऐसी गिरावट दिख रही है, जिसने खरीदारी की प्लानिंग कर रहे लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। हाल के दिनों में लगातार ऊंचाई छूने के बाद अब सोने के दाम नरम पड़े हैं और 10 ग्राम गोल्ड पिछले हाई लेवल की तुलना में काफी सस्ता नज़र आ रहा है।

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आज 10 ग्राम सोने के रेट में बड़ा बदलाव
पिछले कुछ हफ्तों से सोना नए-नए रिकॉर्ड बना रहा था, लेकिन अब मार्केट में तेज़ करेक्शन देखने को मिला है। 24 कैरेट और 22 कैरेट दोनों कैटेगरी में प्रति 10 ग्राम कीमत पहले के मुकाबले घट गई है, जिससे कुल मिलाकर हज़ारों रुपये की राहत मिल सकती है। यह गिरावट अचानक नहीं, बल्कि लगातार कई सत्रों में दिखी तेज़ी के बाद आई है, इसलिए इसे नैचुरल प्रॉफिट बुकिंग भी माना जा रहा है।
अगर कोई निवेशक या आम ग्राहक हाल की तेजी के डर से खरीदारी टाल रहा था, तो अब उसके पास बेहतर एंट्री पॉइंट बनाने का मौका है। कम रेट का फायदा विशेष तौर पर उन लोगों को होगा जो आने वाले महीनों में शादी, सगाई या किसी बड़े फंक्शन के लिए गहने खरीदने की सोच रहे हैं।
इंटरनेशनल मार्केट से मिल रहा बड़ा संकेत
सोने की कीमतों पर सिर्फ घरेलू मांग का नहीं, बल्कि ग्लोबल मार्केट का भी गहरा असर रहता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं में तेज़ गिरावट आती है, तो उसका सीधा असर भारतीय बाज़ार में दिखता है। हाल की तेजी के बाद विदेशी बाज़ारों में भी गोल्ड और सिल्वर में तेज़ प्रॉफिट बुकिंग दिखी, जिससे कॉमेक्स जैसी कमोडिटी एक्सचेंज पर रेट नीचे खिसकने लगे।
इसी ट्रेंड का असर यह हुआ कि भारत में भी 24K, 22K और 18K सोने के रेट नरम पड़ गए। वहीं रुपया–डॉलर एक्सचेंज रेट, ग्लोबल मंदी की आशंका और ब्याज दरों को लेकर चल रही अटकलें भी सोने को ऊपर-नीचे खींचती रहती हैं। अभी जो फेज़ चल रहा है, उसमें सोना लंबी रैली के बाद कुछ समय के लिए सांस लेता हुआ दिख रहा है।
शहरवार रेट क्यों अलग-अलग दिखते हैं?
अक्सर लोग यह देखकर कन्फ्यूज हो जाते हैं कि एक ही दिन में अलग-अलग शहरों में रेट में अच्छा-खासा फर्क क्यों है। इसकी सबसे बड़ी वजह लोकल टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट, मेकिंग चार्ज और स्थानीय ज्वेलर्स के मार्जिन होते हैं। मेट्रो शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में रेट आम तौर पर नेशनल एवरेज के आसपास रहते हैं, लेकिन छोटे शहरों या कस्बों में थोड़ा ऊपर या नीचे दिख सकते हैं।
इसके अलावा, जहां शादी-ब्याह का सीज़न या त्योहारों की डिमांड ज़्यादा होती है, वहां पर दुकानदार हल्की-फुल्की प्रीमियम प्राइसिंग भी रख देते हैं। इसलिए अखबार, टीवी या इंटरनेट पर दिखने वाले औसत रेट को रेफरेंस मानें, लेकिन फाइनल खरीद से पहले अपने शहर की विश्वसनीय ज्वेलरी दुकान पर या आधिकारिक वेबसाइट/ऐप पर रेट ज़रूर कन्फर्म करें।
क्या अभी सोना खरीदना सही समय है?
जो लोग सोने को सिर्फ गहने के रूप में देखते हैं, उनके लिए यह समय बजट के हिसाब से किफायती साबित हो सकता है, क्योंकि गिरावट के बाद समान वजन में पहले से कम कीमत चुकानी पड़ रही है। अगर आपकी शादी या कोई बड़ा फंक्शन करीब है, तो आज जैसे कमजोर रेट पर थोड़ा-थोड़ा सोना खरीदकर आप आगे की संभावित तेजी से खुद को बचा सकते हैं।
निवेश के नज़रिए से देखें तो सोने को हमेशा लंबी अवधि का सेफ एसेट माना जाता है। एकमुश्त बड़ी खरीद करने के बजाय अलग-अलग किस्तों में (SIP की तरह) गोल्ड खरीदना रिस्क को बैलेंस कर सकता है। फिजिकल ज्वेलरी के अलावा गोल्ड कॉइन, गोल्ड बार, डिजिटल गोल्ड या गोल्ड से जुड़ी फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स भी एक विकल्प हो सकते हैं, बशर्ते आप अपने रिस्क प्रोफाइल और जरूरत को ध्यान में रखकर फैसला लें।
गोल्ड खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?
- हमेशा BIS हॉलमार्क वाला गोल्ड ही चुनें ताकि शुद्धता पर भरोसा रहे।
- 24K, 22K और 18K में से कौन-सा कैरेट आपके काम के लिए सही है, यह पहले तय कर लें; गहनों के लिए आमतौर पर 22K और 18K ज्यादा प्रैक्टिकल माने जाते हैं।
- मेकिंग चार्ज, वेस्टेज, GST और अन्य चार्ज की पूरी डिटेल लिखित में लें, सिर्फ प्रति ग्राम रेट देखकर डील फाइनल न करें।
- अगर आप निवेश के लिए खरीद रहे हैं, तो रेट के साथ-साथ बायबैक पॉलिसी और एक्सचेंज वैल्यू भी चेक कर लें।
अंत में, आज की गिरावट उन लोगों के लिए सुनहरा मौका है जो लंबे समय से सोना महंगा होने की वजह से खरीद से पीछे हट रहे थे। रेट थोड़ा नरम होने के बावजूद फैसला भावनाओं से नहीं, योजना बनाकर लें, ताकि “सोना खरीदने वालों की चांदी” सच में आपकी जेब के लिए फायदेमंद सौदा बन जाए।
















