
राजधानी के लाखों मेट्रो यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। दिल्ली सरकार ने मेट्रो के 21 प्रस्तावित और पुराने स्टेशनों के नामों की समीक्षा के बाद महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। कुल 12 नाम यथावत रखे गए, जबकि 7 स्टेशनों में संशोधन और 2 के नाम पूरी तरह बदल दिए गए। यह फैसला जनभावनाओं, स्थानीय पहचान और क्षेत्रीय महत्व को ध्यान में रखकर लिया गया है, जिससे यात्रियों को दिशा समझने में आसानी होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में राज्य नाम प्राधिकरण (SNA) ने 21 फरवरी 2026 को यह निर्णय लिया। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) में प्रस्तावित नामों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा, “मेट्रो स्टेशन केवल आवागमन केंद्र नहीं, बल्कि इलाके की सांस्कृतिक-सामाजिक पहचान के प्रतीक हैं। हर प्रस्ताव पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की राय ली गई।”
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यथावत रखे गए 12 नाम
SNA ने इन स्टेशनों को उनकी लोकप्रियता और मौजूदा पहचान के कारण अपरिवर्तित रखा:
- मजलिस पार्क, भलस्वा, हैदरपुर बादली मोड़, दीपाली चौक।
- यमुना विहार, भजनपुरा, खजूरी खास, सूरघाट।
- झरोड़ा माजरा, बुराड़ी, पुष्पांजलि, मौजपुर-बाबरपुर।
ये नाम पहले से ही यात्रियों के बीच प्रचलित हैं, इसलिए इन्हें बदले बिना रखा गया।
7 स्टेशनों में संशोधन
सात स्टेशनों के नामों में आसपास के प्रमुख इलाकों या धार्मिक स्थलों को जोड़कर संयुक्त नाम दिए गए, ताकि लोकेशन स्पष्ट हो:
| पुराना नाम | नया नाम |
|---|---|
| प्रशांत विहार | उत्तर पितामपुरा-प्रशांत विहार |
| जगतपुर | जगतपुर-वजीराबाद |
| डेरावल नगर | नानक प्याऊ-डेरावल नगर |
| खानपुर | खानपुर-वायुसैनाबाद |
| सोनिया विहार | नानकसर-सोनिया विहार |
| मयूर विहार पॉकेट-1 | श्री राम मंदिर मयूर विहार |
| वेस्ट एन्क्लेव | मंगोलपुर कलां-वेस्ट एन्क्लेव |
ये बदलाव यात्रियों के लिए भ्रम दूर करने वाले हैं। उदाहरणस्वरूप, प्रशांत विहार अब उत्तर पितामपुरा से जुड़ गया, जो इलाके की वास्तविकता दर्शाता है।
दो स्टेशनों के पूर्ण परिवर्तन
दो स्टेशनों के नाम स्थानीय मांगों के अनुरूप पूरी तरह बदले:
- नॉर्थ पितामपुरा → हैदरपुर विलेज।
- पितामपुरा → मधुबन चौक।
पीतमपुरा क्षेत्र में ये बदलाव नवंबर 2025 से चर्चा में थे। हैदरपुर गांव वालों ने DMRC के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि स्टेशन उनकी जमीन पर बन रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे स्वीकार कर स्थानीय भावनाओं का सम्मान किया।
SNA का कार्यक्षेत्र और प्रक्रिया
राज्य नाम प्राधिकरण शहरी विकास विभाग के अधीन 29 सदस्यीय निकाय है। मुख्यमंत्री इसके चेयरपर्सन और मुख्य सचिव उपाध्यक्ष होते हैं। SNA दिल्ली में सड़कें, पार्क, कॉलोनियां, मेट्रो स्टेशन और मूर्तियां आदि के नामकरण का अधिकार रखता है, लेकिन MCD/NDMC क्षेत्रों पर नहीं। हर प्रस्ताव पर तथ्यात्मक जांच और चर्चा होती है।
यात्रियों पर प्रभाव और भविष्य
रूट या सेवाओं में कोई बदलाव नहीं, सिर्फ नाम अपडेट होंगे। DMRC मैप, ऐप, एनाउंसमेंट और साइनेज जल्द अपडेट करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “भविष्य में जनहित के तर्कसंगत प्रस्तावों पर विचार करेंगे।” यात्रियों को सलाह: दिल्ली मेट्रो ऐप चेक करें। यह कदम फेज-4 विस्तार को मजबूत बनाएगा।
















