
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत अपना घर बनाने का सपना देख रहे कई लाभार्थियों के लिए बुरी खबर है, हालिया आंकड़ों और सरकारी अपडेट के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों की आवास सब्सिडी और किस्तें अधर में लटक गई हैं, यदि आप भी अगले भुगतान का इंतजार कर रहे हैं, तो तुरंत अपनी आवेदन फाइल और दस्तावेजों की जांच कर लें।
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आधार और बैंक खाते में डेटा का अंतर (Mismatch)
सब्सिडी न आने का सबसे बड़ा कारण आधार कार्ड और बैंक खाते में नाम या जन्मतिथि का अलग-अलग होना है, यदि आपके आधार में नाम की स्पेलिंग बैंक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती, तो DBT (Direct Benefit Transfer) प्रक्रिया फेल हो जाती है।
आय वर्ग (Income Category) का गलत चयन
PMAY के तहत सब्सिडी आपकी सालाना आय पर निर्भर करती है।
- EWS: ₹3 लाख तक
- LIG: ₹3 लाख से ₹6 लाख
- MIG: ₹6 लाख से ₹9 लाख (PMAY-U 2.0 के तहत संशोधित)
गलत आय वर्ग चुनने पर पात्रता रद्द कर दी जाती है。
संपत्ति के स्वामित्व की जानकारी छिपाना
योजना की पहली शर्त यह है कि आवेदक या उसके परिवार के पास देश में कहीं भी कोई ‘पक्का घर’ नहीं होना चाहिए, सत्यापन के दौरान यदि किसी पुराने घर या जमीन का पता चलता है, तो लाभार्थी को तुरंत अपात्र घोषित कर दिया जाता है।
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जियो-टैगिंग और निर्माण प्रगति (Geo-tagging Status)
ग्रामीण क्षेत्रों में किस्तें निर्माण के स्तर (प्लिंथ, लिनटल, छत) के आधार पर जारी होती हैं, यदि आपने निर्माण की फोटो (Geo-tagging) समय पर अपडेट नहीं करवाई है या कार्य रोक दिया है, तो अगली किस्त रोक दी जाएगी।
सह-आवेदक (Co-applicant) के नियमों की अनदेखी
PMAY-U 2.0 और पिछली योजनाओं में महिलाओं के नाम पर स्वामित्व या सह-स्वामित्व को प्राथमिकता दी गई है, यदि आपने परिवार के सदस्यों या जीवनसाथी की सही जानकारी नहीं दी है, तो भी आवेदन फंस सकता है।
















