
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार किसानों को होली का विशेष तोहफा दे रही है। कृषि विभाग ने सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन (SMAM) योजना के तहत आधुनिक कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी की घोषणा की है। अनुदान पर उपलब्ध 91 प्रकार के यंत्रों की बुकिंग 25 फरवरी से शुरू हो चुकी है, जो 4 मार्च तक चलेगी। किसान विभाग की वेबसाइट www.agridarshan.up.gov.in पर जाकर आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह पहल न केवल खेती को यंत्रीकृत बनाएगी, बल्कि किसानों की लागत घटाकर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
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किसानों के लिए लॉटरी सरीखा लाभ
कृषि यंत्रों पर सब्सिडी किसानों के लिए लॉटरी सरीखी साबित हो रही है। ट्रैक्टर, रोटावेटर, थ्रेशर, हैपी सीडर, रीपर, सीड ड्रिल, स्प्रे मशीन जैसे लोकप्रिय यंत्रों पर 40-80% तक अनुदान मिलेगा। इसके अलावा फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सुपर सीडर, मल्चर, बैच ड्रायर, सोलर ड्रायर पर भी भारी छूट है। त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत बैच ड्रायर और मेज सेलर पर विशेष लाभ।
अधिकतम अनुदान राशि ₹2.6 लाख तक है, जिससे छोटे और सीमांत किसान भी महंगे यंत्र सस्ते दामों पर खरीद सकेंगे। विभाग के अनुसार, फार्म मशीनरी बैंक, कृषि ड्रोन, कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) और इन-सीटू क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट योजनाओं के तहत ये सुविधाएं उपलब्ध हैं।
सरल बुकिंग प्रक्रिया
बुकिंग प्रक्रिया बेहद सरल रखी गई है। किसानों को upagriculture.com या agridarshan.up.gov.in पर ‘किसान कॉर्नर’ सेक्शन में जाकर ‘यंत्र बुकिंग प्रारंभ’ लिंक पर क्लिक करना होगा। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन के दस्तावेज अपलोड करने पड़ेंगे। चयन लॉटरी सिस्टम या पहले आओ-पहले पाओ आधार पर होगा। टोकन कन्फर्म होने के बाद 10 दिनों के अंदर डीलर से यंत्र खरीदकर रसीद और फोटो upyantratraking.in या मुख्य पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। जनसेवा केंद्रों पर भी सहायता उपलब्ध है। विभाग ने चेतावनी दी है कि सीटें सीमित हैं, इसलिए त्वरित आवेदन जरूरी।
पिछले आंकड़े और प्रभाव
यह योजना उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों के लिए वरदान है। 2017-18 से 2025 तक प्रदेश में लगभग तीन लाख कृषि यंत्र वितरित हो चुके हैं। इनमें 2.31 लाख एकल यंत्र, 8405 कस्टम हायरिंग सेंटर, 7351 फार्म मशीनरी बैंक शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनवरी तक ही 7777 यंत्र, 51 CHC और 64 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित हो चुके हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि योगी सरकार खेती को तकनीकी क्रांति से जोड़ने में गंभीर है। इससे पराली जलाने की समस्या कम हुई, उत्पादकता बढ़ी और किसानों की मेहनत घटी। विशेषज्ञों का मानना है कि SMAM से किसान प्रति हेक्टेयर 20-25% अधिक फसल काट सकेंगे।
उपलब्ध यंत्रों की सूची
| यंत्र प्रकार | सब्सिडी (%) | अधिकतम अनुदान |
|---|---|---|
| ट्रैक्टर/रोटावेटर | 40-80 | ₹2-4 लाख |
| थ्रेशर/सीड ड्रिल | 50 | ₹1-2 लाख |
| हैपी सीडर/रीपर | 50-80 | ₹2.6 लाख |
| बैच ड्रायर | विशेष | मक्का योजना |
पात्रता और चुनौतियां
पात्रता में सामान्य, SC/ST किसान शामिल हैं। प्रति किसान अधिकतम 5 यंत्र। छोटे किसानों को प्राथमिकता मिलेगी। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि होली से पहले यह तोहफा किसानों के चेहरे पर खुशी का रंग भर देगा। पिछले वर्षों की सफलता से उत्साहित किसान अब डिजिटल पोर्टल पर सक्रिय हैं। हालांकि, इंटरनेट कनेक्टिविटी और जागरूकता की कमी ग्रामीण क्षेत्रों में चुनौती बनी हुई है। विभाग ने जिला स्तरीय शिविर आयोजित करने का ऐलान किया है।
विशेषज्ञों और किसानों की राय
कृषि विशेषज्ञ डॉ. रामेश सिंह ने कहा, “यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाएगी। यंत्रों से श्रम लागत 30% घटेगी।” किसान नेता हरिकिशोर सिंह ने सराहना करते हुए कहा कि सरकार की यह पहल किसान हितैषी है। वहीं, कुछ किसानों ने सुझाव दिया कि आवेदन प्रक्रिया को और सरल बनाया जाए। कुल मिलाकर, योगी सरकार की यह स्कीम खेती के क्षेत्र में नई क्रांति लाएगी। किसान भाइयों, देर न करें- 4 मार्च अंतिम तिथि है। समृद्ध खेती के लिए अभी आवेदन करें!
















