
आज के डिजिटल दौर में हर घर WiFi राउटर से गूंजता है और स्मार्टफोन मोबाइल इंटरनेट से जुदा ही नहीं होता। रात के सन्नाटे में भी ये डिवाइस चुपचाप इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड्स (EMF) बिखेरते रहते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे सवालों ने बहस छेड़ दी है- क्या रात में WiFi या मोबाइल डेटा बंद कर देना चाहिए? क्या ये सेहत के लिए जहर है या महज अफवाह? विशेषज्ञों और रिसर्च की गहराई में उतरते हैं तो तस्वीर साफ होती है: खतरा कम है, लेकिन फायदे जरूर हैं।
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रिसर्च क्या कहती है?
WiFi और मोबाइल नेटवर्क non-ionizing रेडिएशन उत्सर्जित करते हैं, जो X-रे जैसी ionizing किरणों से अलग है। इनमें DNA तोड़ने की ताकत नहीं, लेकिन लंबे एक्सपोजर पर सवाल उठते हैं। ICNIRP जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक, घरेलू WiFi का स्तर सुरक्षित सीमा (0.1-1 mW/m²) में रहता है। WHO ने इसे ‘संभवतः कैंसरकारी’ (Group 2B) कैटेगरी में रखा, जो कॉफी या पिकल्ड वेजिटेबल्स जितना ही है- यानी कोई पक्का खतरा साबित नहीं।
कई अध्ययन, जैसे ब्रिटिश स्लीप फाउंडेशन के, EMF से नींद पर हल्का असर मानते हैं। मेलाटोनिन हार्मोन (जो नींद लाता है) पर सूक्ष्म बदलाव दिखे, लेकिन बड़े ट्रायल्स (जैसे NTP स्टडी) इसे खारिज करते हैं। नींद की दिक्कत ज्यादातर ब्लू लाइट और नोटिफिकेशंस से आती है, न कि रेडिएशन से।
नींद और दिमाग पर असर
रातभर चालू राउटर ब्रेन वेव्स को बाधित कर सकता है, जिससे डीप स्लीप फेज कम हो। एक स्विस स्टडी में पाया गया कि EMF से REM स्लीप प्रभावित होती है, लेकिन प्रभाव नगण्य था। सुबह थकान या चिड़चिड़ापन महसूस हो तो राउटर बेडरूम से दूर रखें। मोबाइल फोन को हेड के पास रखना ज्यादा रिस्की है, क्योंकि SAR वैल्यू ऊंची होती है। एक्सपर्ट सलाह: एयरप्लेन मोड या दूर रखें।
बच्चे, गर्भवती महिलाएं और कैंसर का डर
बच्चों का दिमाग विकासशील होता है, इसलिए EU के कुछ डॉक्टर सावधानी बरतने को कहते हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स स्मार्टफोन को सोते वक्त दूर रखने की सिफारिश करती है। गर्भवती महिलाओं पर स्टडीज मिश्रित हैं- कोई जन्म दोष नहीं मिले। कैंसर को लेकर 20+ सालों की रिसर्च (IARC रिपोर्ट) कोई लिंक नहीं जोड़ पाई। IARC चेयरमैन का कहना है, “डेटा अपर्याप्त है, लेकिन घबराहट की जरूरत नहीं।”
WiFi बंद करने के फायदे
रात में WiFi ऑफ करने से:
- बेहतर नींद: नोटिफिकेशंस बंद, दिमाग शांत। स्लीप कोच इसाबेला गोर्डन इसे रिकमेंड करती हैं।
- बिजली बचत: राउटर 5-10W खींचता है; सालाना 20-30 यूनिट बचत। पर्यावरण को फायदा।
- सुरक्षा: हैकिंग रिस्क 90% कम। अनचाहे लॉगिन बंद।
- डिवाइस लाइफ: राउटर की उम्र 20% बढ़े।
| फायदा | प्रभाव | बचत/सुधार |
|---|---|---|
| नींद | गहरी स्लीप, कम थकान | 1-2 घंटे ज्यादा |
| बिजली | सालाना 20-30 यूनिट | ₹200-400 |
| सुरक्षा | हैकिंग खतरा कम | डेटा प्राइवेसी |
| पर्यावरण | CO2 उत्सर्जन घटे | ग्रीन एनर्जी |
















