कंपनी सेक्रेटरी (CS) बनना आज के युवाओं के लिए गोल्डन करियर ऑप्शन है, जहाँ आप बड़ी कंपनियों में बोर्ड मीटिंग्स मैनेज करते हैं, कानूनी सलाह देते हैं और लाखों की सैलरी पाते हैं। 12वीं पास करने के बाद ही स्टार्ट करें, तीन स्तरों के एग्जाम क्लियर करें और 15-20 महीनों में प्रोफेशनल बन जाएँ। आइए इसके बनने के पूरे प्रोसेस, एग्जाम से लेकर ट्रेनिंग तक की पूरी जानकारी लेख में जानते हैं।

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योग्यता और कैसे करें शुरुआत?
12वीं कक्षा किसी भी स्ट्रीम से उत्तीर्ण करें, कॉमर्स स्ट्रीम वालों को कॉन्सेप्ट्स समझने में आसानी होती है, लेकिन न्यूनतम 50% अंक जरूरी हैं। उत्तीर्ण होने के तुरंत बाद ICSI (इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर CSEET (कंपनी सेक्रेटरी एक्जीक्यूटिव एंट्रेंस टेस्ट) के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाएँ। ग्रेजुएट्स (UG/PG) सीधे एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम में एंट्री ले सकते हैं, बिना CSEET के। CSEET की रजिस्ट्रेशन फीस लगभग ₹1,500 और CSEGF (फाउंडेशन) के लिए ₹4,500 है, जो पहला स्टेप पूरा करने का आसान निवेश है।
CS कोर्स के तीनों स्तर!
कंपनी सेक्रेटरी (CS) कोर्स तीन मुख्य स्तरों में चलता है। नया CSEET सिस्टम 12वीं पासर्स के लिए आसान बनाता है। हर स्तर पर स्पष्ट सब्जेक्ट्स, एग्जाम डेट्स और पासिंग नियम हैं।
1. CSEET (एंट्रेंस/फाउंडेशन स्तर)
- पेपर: 4 विषय – बिजनेस कम्युनिकेशन, लीगल एप्टीट्यूड (बेसिक लॉ), इकोनॉमिक एंड बिजनेस अवेयरनेस, करंट अफेयर्स।
- एग्जाम समय: साल में 4 बार (मई, जुलाई, नवंबर, जनवरी)।
- पासिंग मार्क्स: कुल 50%, हर पेपर में 40%। MCQ टाइप, 2 घंटे।
- समयसीमा: 12वीं के 6 महीने बाद दें; 4 महीने की तैयारी काफी।
2. एग्जीक्यूटिव स्तर
- पेपर: 7 विषय, 2 मॉड्यूल/ग्रुप में – मॉड्यूल 1: कंपनी लॉ, सिक्योरिटी लॉज, बेसिक इकोनॉमिक्स; मॉड्यूल 2: कंपनी एकाउंट्स, टैक्स लॉ, कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग।
- एग्जाम समय: साल में 2 बार (जून, दिसंबर)।
- पासिंग मार्क्स: हर पेपर में 40%, मॉड्यूल में 50%। थ्योरी+MCQ।
- समयसीमा: CSEET के बाद 8 महीने स्टडी पीरियड।
3. प्रोफेशनल स्तर
- पेपर: 9 विषय, 3 मॉड्यूल/ग्रुप में – मॉड्यूल 1: गवर्नेंस रिस्क एंड कंप्लायंस; मॉड्यूल 2: कैपिटल मार्केट एंड फाइनेंशियल सर्विसेज; मॉड्यूल 3: स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट एंड इलेक्टिव्स।
- एग्जाम समय: साल में 2 बार (जून, दिसंबर)।
- पासिंग मार्क्स: हर पेपर में 40%, मॉड्यूल में 50%। केस स्टडी बेस्ड।
- समयसीमा: एग्जीक्यूटिव के बाद 15 महीने स्टडी पीरियड।
परीक्षा पैटर्न
कंपनी सेक्रेटरी (CS) के एग्जाम जून और दिसंबर में आयोजित होते हैं। हर पेपर में न्यूनतम 40% अंक लाने जरूरी हैं, साथ ही कुल मिलाकर 50% स्कोर चाहिए। CSEET में नेगेटिव मार्किंग लागू है, इसलिए सावधानी से जवाब दें। ICSI आधिकारिक स्टडी मटेरियल मुफ्त उपलब्ध कराता है, कोचिंग आपकी सुविधा पर निर्भर। Executive और Professional स्तरों पर डिस्क्रिप्टिव/MCQ मिक्स पैटर्न रहता है। तैयारी के लिए पिछले पेपर सॉल्व करें।
ट्रेनिंग और मेंबरशिप
एग्जीक्यूटिव लेवल पास करने के बाद 15 महीने का प्रैक्टिकल ट्रेनिंग शुरू होता है, जो किसी अनुभवी कंपनी सेक्रेटरी (CS) की देखरेख में होता है। प्रोफेशनल लेवल पूरा करने पर 3 महीने की एडवांस्ड ट्रेनिंग (मुख्य रूप से मेट्रो सिटी में) करनी पड़ती है। उसके बाद ICSI मेंबरशिप ले लें आपको ACS (Associate Company Secretary) टाइटल मिलेगा, और बाद में FCS (Fellow) अपग्रेड कर सकते हैं। कुल प्रोसेस 2-3 साल का होता है, ट्रेनिंग में स्टाइपेंड ₹10,000-25,000 मासिक मिलता है।
सैलरी और जॉब के मौके
फ्रेशर्स को शुरुआत में ₹6-12 लाख सालाना (मेट्रो सिटी या MNCs में ₹15 लाख तक) मिलता है। 3-5 साल अनुभव के बाद ₹20-40 लाख, और सीनियर लेवल पर ₹50 लाख+। टॉप जॉब्स जैसे चीफ कंप्लायंस ऑफिसर, कॉर्पोरेट गवर्नेंस एक्सपर्ट या लीगल एडवाइजर। TCS, Infosys, Reliance जैसी बड़ी कंपनियों में भर्तियाँ, या खुद का प्राइवेट प्रैक्टिस शुरू करें।
















