
भारतीय रेलवे साल 2026 में एक नए युग की शुरुआत कर चुका है, हाई-स्पीड और अत्याधुनिक सुविधाओं के लिए मशहूर ‘वंदे भारत’ अब स्लीपर अवतार में पटरियों पर दौड़ने लगी है, पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के सफल संचालन के बाद, रेलवे अब देशभर के कई महत्वपूर्ण रुट्स पर इन ट्रेनों का जाल बिछाने की तैयारी में है।
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2026 के अंत तक 12 ट्रेनों का लक्ष्य
रेल मंत्रालय के अनुसार, साल 2026 के अंत तक कुल 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें पटरियों पर उतारने की योजना है, इनमें से 10 नई ट्रेनों का निर्माण इसी साल पूरा कर लिया जाएगा रेलवे का मुख्य उद्देश्य लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक और तेज बनाना है।
इन प्रमुख रूट्स पर मिलेगी सौगात
सूत्रों के अनुसार, 2026 में जिन रूट्स पर स्लीपर वर्जन चलाने की सबसे ज्यादा संभावना है, उनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- गुवाहाटी – हावड़ा: इस रुट पर देश की पहली स्लीपर सेवा शुरू हो चुकी है।
- दिल्ली – मुंबई और दिल्ली – हावड़ा: इन दोनों ‘गोल्डन क्वाड्रिलेटरल’ रूट्स पर ट्रायल के बाद नियमित सेवा शुरू की जाएगी।
- मुंबई – बेंगलुरु: दक्षिण भारत और आर्थिक राजधानी के बीच की दूरी अब रात भर में तय होगी।
- दिल्ली – चेन्नई: उत्तर और दक्षिण भारत के बीच यह सबसे लंबी दूरी की वंदे भारत होगी।
- बेंगलुरु – हैदराबाद: दो बड़े आईटी हब के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलेगी।
शानदार सुविधाएं और रफ्तार
वंदे भारत स्लीपर कोच राजधानी एक्सप्रेस से भी कहीं अधिक आधुनिक हैं।
- रफ्तार: यह ट्रेन 160 से 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है।
- कोच कंपोजिशन: इसमें कुल 16 कोच होंगे, जिनमें एसी 3-टियर, एसी 2-टियर और फर्स्ट एसी की सुविधा दी गई है।
- आराम: यात्रियों को झटकों से बचाने के लिए विशेष ‘बोल्स्टरलेस बोगियां’ लगाई गई हैं। साथ ही, बेहतर कुशनिंग और लाइटिंग का ध्यान रखा गया है।
- सुरक्षा: ट्रेन पूरी तरह से ‘कवच’ (स्वदेशी एंटी-कोलिजन सिस्टम) से लैस है।
किराया और समय की बचत
अनुमान के मुताबिक, वंदे भारत स्लीपर का किराया राजधानी एक्सप्रेस की तुलना में थोड़ा अधिक हो सकता है, लेकिन इसकी रफ्तार और तकनीक से यात्रा के समय में 2 से 3 घंटे की कमी आएगी, 3AC का संभावित किराया ₹2,300 के आसपास शुरू हो सकता है।
















