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UP Expressway Corridor: यूपी में 750 KM लंबा नया एक्सप्रेसवे कॉरिडोर! ₹1500 करोड़ का बजट मंजूर, इन 22 जिलों की चमक जाएगी किस्मत।

उत्तर प्रदेश को 'एक्सप्रेसवे प्रदेश' बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ी छलांग लगाई है राज्य सरकार ने हरियाणा के पानीपत से पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और कुशीनगर तक प्रस्तावित 750 किलोमीटर लंबे नए एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के निर्माण की कवायद तेज कर दी है, इस महात्वाकांक्षी परियोजना के तहत औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridors) विकसित करने के लिए प्रशासन ने ₹1500 करोड़ का प्रारंभिक बजट मंजूर कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति दे दी है

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UP Expressway Corridor: यूपी में 750 KM लंबा नया एक्सप्रेसवे कॉरिडोर! ₹1500 करोड़ का बजट मंजूर, इन 22 जिलों की चमक जाएगी किस्मत।
UP Expressway Corridor: यूपी में 750 KM लंबा नया एक्सप्रेसवे कॉरिडोर! ₹1500 करोड़ का बजट मंजूर, इन 22 जिलों की चमक जाएगी किस्मत।

उत्तर प्रदेश को ‘एक्सप्रेसवे प्रदेश’ बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ी छलांग लगाई है, राज्य सरकार ने हरियाणा के पानीपत से पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और कुशीनगर तक प्रस्तावित 750 किलोमीटर लंबे नए एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के निर्माण की कवायद तेज कर दी है, इस महात्वाकांक्षी परियोजना के तहत औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridors) विकसित करने के लिए प्रशासन ने ₹1500 करोड़ का प्रारंभिक बजट मंजूर कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति दे दी है।

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पश्चिमी यूपी से पूर्वांचल तक सीधा जुड़ाव

यह नया कॉरिडोर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सीमा को सीधे नेपाल सीमा और पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ेगा, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीमों ने मार्ग के एलाइनमेंट (नक्शे) को अंतिम रूप देने के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया है, लगभग ₹35,000 करोड़ की लागत से तैयार होने वाला यह एक्सप्रेसवे न केवल सफर का समय कम करेगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

22 जिलों की चमकेगी किस्मत

इस कॉरिडोर के निर्माण से यूपी के करीब 22 जिलों की आर्थिक स्थिति में भारी सुधार की उम्मीद है, यह मार्ग शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर करेगा, एक्सप्रेसवे के किनारे बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) की तर्ज पर बड़े औद्योगिक केंद्र विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे।

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उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर का बिछेगा जाल

2026 की नवीनतम योजना के अनुसार, सरकार केवल एक कॉरिडोर तक सीमित नहीं है, राज्य में 6 नए उत्तर-दक्षिण (North-South) कॉरिडोर को भी हरी झंडी दी गई है, जो पुराने एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ेंगे, इनमें प्रमुख हैं:

  • श्रावस्ती-प्रयागराज कॉरिडोर: 262 किमी (अयोध्या होकर)।
  • कुशीनगर-वाराणसी कॉरिडोर: 220 किमी (देवरिया और गाजीपुर होकर)।
  • लखीमपुर खीरी-बांदा कॉरिडोर: 502 किमी (सीतापुर और लखनऊ होकर)।

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व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह 750 किमी लंबा कॉरिडोर कुशीनगर और गोरखपुर जैसे पर्यटन केंद्रों को पश्चिमी भारत के औद्योगिक हब से जोड़ेगा। इससे कृषि उत्पादों के निर्यात और पर्यटन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी, सरकार का लक्ष्य है कि अगले कुछ वर्षों में राज्य के हर जिले को एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़कर यूपी की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

UP Expressway Corridor
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info@gurukulbharti.in

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