
अगर आप भी गूगल पे (Google Pay), फोनपे (PhonePe) या पेटीएम (Paytm) जैसे डिजिटल पेमेंट ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, फरवरी महीने की शुरुआत के साथ ही नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के नियमों में कई अहम बदलाव किए हैं, इन नियमों का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।
Table of Contents
ट्रांजैक्शन की नई सीमा (Transaction Limits)
नए नियमों के अनुसार, अब सामान्य UPI ट्रांजैक्शन की दैनिक सीमा 1 लाख रुपये तय की गई है। हालांकि, अस्पताल और शिक्षण संस्थानों जैसे महत्वपूर्ण भुगतानों के लिए इस सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं, नए यूजर्स के लिए पहले 24 घंटों में ट्रांजैक्शन की सीमा केवल 5,000 रुपये ही रहेगी।
इनएक्टिव UPI आईडी पर कार्रवाई
सुरक्षा कारणों से, NPCI ने उन UPI आईडी को बंद करने का निर्देश दिया है जो पिछले एक साल से सक्रिय (Inactive) नहीं हैं। यदि आपने लंबे समय से अपनी किसी आईडी से कोई लेनदेन नहीं किया है, तो वह डिएक्टिवेट की जा सकती है।
गलत भुगतान रोकने के लिए नया फीचर
अब ट्रांजैक्शन को अंतिम रूप देने से पहले यूजर को प्राप्तकर्ता (Recipient) का नाम स्क्रीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। इसके अलावा, अनजान नंबरों से आने वाले ‘Collect Request’ पर भी सीमाएं लगाई गई हैं, ताकि धोखाधड़ी के मामलों को कम किया जा सके।
10 सेकंड का अनिवार्य समय
लेनदेन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए अब ट्रांजैक्शन पूरा करने के लिए 10 सेकंड का एक अनिवार्य समय (Timeframe) तय किया गया है, इससे तकनीकी खामियों के कारण अटकने वाले ट्रांजैक्शंस की निगरानी आसान होगी।
यह भी देखें: Agniveer Retirement: पहला बैच रिटायर होने जा रहा है! अग्निवीरों को कितनी मिलेगी पेंशन? जानें
अटके हुए पैसों का रिफंड
अगर आपका ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है और बैंक से पैसे कट जाते हैं, तो नए दिशा-निर्देशों के तहत अब रिफंड की प्रक्रिया पहले के मुकाबले काफी तेज होगी, बैंकों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर ग्राहकों का पैसा वापस करना होगा।
बैलेंस चेक और बैंक लिंकिंग पर भी नजर
NPCI ने अब एक दिन में कितनी बार बैंक बैलेंस चेक किया जा सकता है और कितनी बार बैंक खाते को ऐप से लिंक/डी-लिंक किया जा सकता है, इस पर भी दैनिक सीमाएं निर्धारित कर दी हैं।
ये सभी बदलाव डिजिटल इंडिया की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाए गए हैं, यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे अपने UPI ऐप्स को अपडेट रखें और किसी भी संदिग्ध लिंक या रिक्वेस्ट पर क्लिक न करें, अधिक जानकारी के लिए आप ABP Live या आधिकारिक NPCI वेबसाइट पर विस्तृत रिपोर्ट देख सकते हैं।
















