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UP Land Registry: 1 फरवरी से बिना आधार नहीं होगी जमीन रजिस्ट्री, योगी सरकार का बड़ा फैसला

योगी सरकार का बड़ा फैसला! अब उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के लिए आधार अनिवार्य। बिना कार्ड का रजिस्ट्रेशन रद्द, लाखों डील्स पर खतरा। क्या करें? पूरा नियम, अपडेट स्टेप्स और बचाव टिप्स – अभी पढ़ें वरना पछताएंगे!

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उत्तर प्रदेश में संपत्ति खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने एक सख्त कदम उठाया है। आज से यानी 1 फरवरी 2026 को शुरू हो चुके इस नियम के तहत कोई भी जमीन या प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री बिना आधार सत्यापन के मुमकिन नहीं। यह बदलाव पुराने जमाने के फर्जीवाड़े और विवादों को खत्म करने की दिशा में बड़ा प्रयास है, जहां लाखों लोग सालाना संपत्ति सौदों में फंसते हैं।

UP Land Registry: 1 फरवरी से बिना आधार नहीं होगी जमीन रजिस्ट्री, योगी सरकार का बड़ा फैसला

क्यों लाया गया यह सख्त नियम?

जमीन से जुड़े घोटाले उत्तर प्रदेश की बड़ी समस्या बने हुए थे। लोग नकली कागजातों से रजिस्ट्री करा लेते थे, जिससे कोर्ट में केसों का पहाड़ खड़ा हो जाता। अब आधार के बायोमेट्रिक चेक से खरीदार, बेचने वाले और गवाहों की असली पहचान तय होगी। ई-केवाईसी और डिजिटल साइन की मदद से प्रक्रिया पेपरलेस हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में फैले जमीन विवादों पर भी लगाम लगेगी। विशेषज्ञ बताते हैं कि यह डिजिटल इंडिया का असली रूप है, जो आम आदमी को सीधा फायदा पहुंचाएगा।

नई प्रक्रिया क्या है?

सबसे पहले आपको ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेना होगा। सरकारी पोर्टल पर जाकर जमीन के कागजात अपलोड करें। रजिस्ट्री ऑफिस पहुंचने पर आधार नंबर से बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन होगा – अंगूठा, उंगली या आंख की स्कैनिंग। सब कुछ क्लियर होने के बाद फोटो खिंचवाएं, हस्ताक्षर करें और स्टांप ड्यूटी चुकाकर काम पूरा। सभी तहसील और उप-रजिस्ट्रार दफ्तरों में नए डिवाइस लग चुके हैं, जो सेंट्रल सर्वर से लिंक्ड हैं। अगर आधार लिंक नहीं है, तो पहले उसे अपडेट कर लें। देरी न करें, वरना सौदा रुक सकता है।

आम लोगों को क्या फायदे मिलेंगे?

यह नियम पारदर्शिता लाएगा, जिससे बाहरियों का दखल कम होगा। छोटे किसान या शहर के फ्लैट खरीदार अब निश्चिंत रह सकेंगे। विवादित जमीनों की खरीद पर रोक लगेगी, क्योंकि रिकॉर्ड रीयल-टाइम चेक होगा। अनुमान है कि कोर्ट केसों में 30 प्रतिशत तक कमी आएगी। महिलाओं और कमजोर वर्गों को भी सुरक्षित सौदा मिलेगा। लंबे समय में संपत्ति बाजार मजबूत बनेगा, क्योंकि खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा। हालांकि, शुरुआत में कुछ परेशानी हो सकती है, लेकिन जल्द ही सब आसान हो जाएगा।

चुनौतियां और समाधान के उपाय

कई लोगों के पास आधार नहीं या पुराना है। ऐसे में नजदीकी आधार सेंटर पर जाकर तुरंत बनवाएं या अपडेट कराएं। बुजुर्गों या दूरदराज गांव वालों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। अगर तकनीकी खराबी हो, तो मैनुअल चेक का प्रावधान रहेगा, लेकिन यह सीमित होगा। सरकार ट्रेनिंग कैंप चला रही है, ताकि लोग खुद प्रक्रिया सीख लें। योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में यह फैसला भूमि सुधारों की नई मिसाल बनेगा।

डिजिटल भविष्य की ओर

यह सिर्फ शुरुआत है। जल्द ही ब्लॉकचेन तकनीक से जमीन रिकॉर्ड चेन बनेंगे, जहां कोई छेड़छाड़ न हो सके। भूलेख पोर्टल पर सभी डिटेल्स एक क्लिक पर मिलेंगी। संपत्ति सौदों में निवेशक बढ़ेंगे, इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा। लेकिन जागरूक रहें – हमेशा वकील या एक्सपर्ट से सलाह लें। इस बदलाव से उत्तर प्रदेश संपत्ति क्षेत्र में देश का लीडर बनेगा। कुल मिलाकर, आधार के बिना रजिस्ट्री का दौर खत्म – अब सच्चाई ही राज करेगी।

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info@gurukulbharti.in

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