
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित बिजली बिल राहत योजना 2025-26 (OTS) के तहत बकाया बिलों पर अब तक का सबसे बड़ा राहत पैकेज मिलने का आखिरी समय आ गया है। यूपीपीसीएल (उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) की इस योजना का तीसरा और अंतिम चरण 1 फरवरी से चल रहा है, जिसकी समाप्ति तिथि 28 फरवरी 2026 है। लाखों उपभोक्ताओं के लिए यह सुनहरा अवसर है, जहां 100% ब्याज माफी के साथ मूलधन पर 15% तक छूट पाई जा सकती है।
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योजना का विवरण
योजना की शुरुआत 1 दिसंबर 2025 को हुई थी और इसे तीन चरणों में बांटा गया है। पहले चरण (दिसंबर 2025) में मूलधन पर 25% छूट मिली, दूसरे चरण (जनवरी 2026) में 20% और अब तीसरे चरण में 15% छूट उपलब्ध है। हर चरण में 100% सरचार्ज (ब्याज) की माफी सभी पात्र उपभोक्ताओं को दी जा रही है।
विशेष रूप से घरेलू उपभोक्ताओं (2 किलोवाट तक लोड), छोटे व्यावसायिक उपभोक्ताओं (1 किलोवाट की दुकानें), किसानों और औद्योगिक उपयोगकर्ताओं के लिए यह राहत है। मार्च 31, 2025 से पहले के बकायों वाले वे उपभोक्ता पात्र हैं, जिन्होंने उसके बाद कोई भुगतान नहीं किया। बिजली चोरी के पुराने मामलों में भी जुर्माने पर भारी छूट और मुकदमों से मुक्ति का प्रावधान है, बशर्ते जुर्माना जमा कर दिया जाए।
पात्रता और लाभ
योजना के तहत किसानों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई है। उदाहरण के लिए, यदि किसी घरेलू उपभोक्ता का बकाया बिल 50,000 रुपये है, जिसमें 20,000 रुपये ब्याज है, तो 100% ब्याज माफी के बाद मूलधन पर 15% छूट से बिल घटकर लगभग 42,500 रुपये रह जाएगा। किसानों के सितंबर 2024 से पहले के बकायों पर विशेष राहत है। हालांकि, नियमित भुगतान करने वाले या मार्च 2025 के बाद के डिफॉल्टर पात्र नहीं हैं। पोर्टल पर “नॉट एलिजिबल” मैसेज आने पर स्थानीय एसडीओ कार्यालय से संपर्क करें।
पंजीकरण प्रक्रिया
पंजीकरण प्रक्रिया बेहद सरल है। ऑनलाइन तरीका: आधिकारिक वेबसाइट UPPCL Consumer Portal पर जाएं। अपना कंज्यूमर नंबर (मीटर नंबर) और मोबाइल दर्ज करें, OTP सत्यापन के बाद बकाया विवरण चेक करें। पात्र होने पर ₹2,000 का पंजीकरण शुल्क (या मूल्यांकन का 10%) जमा करें, जो बाद में बिल में एडजस्ट हो जाता है।
रसीद डाउनलोड करना न भूलें। ऑफलाइन तरीका: नजदीकी बिजली घर, जनसेवा केंद्र (CSC), एसडीओ कार्यालय या मीटर रीडर के माध्यम से आवेदन करें। आवश्यक दस्तावेजों में कंज्यूमर नंबर और पुराना बिल शामिल है। किस्त विकल्प भी उपलब्ध है (₹500-750 प्रति माह), लेकिन इससे छूट कम हो जाती है। टोल-फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करें।
पृष्ठभूमि और सलाह
यूपी में बिजली बकाये की समस्या पुरानी रही है। पिछले साल 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के बकाये थे, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों का बड़ा हिस्सा था। इस योजना से सरकार ने वसूली बढ़ाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को राहत देने का लक्ष्य रखा है। लाभार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन अंतिम दिनों में सर्वर डाउन होने की शिकायतें आ सकती हैं। फर्जी एजेंटों से सावधान रहें- केवल आधिकारिक चैनलों का उपयोग करें।
अंतिम अपील
उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि यह योजना गरीब और मध्यम वर्ग के लिए वरदान है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में जहां बकाये अधिक हैं, वहां जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। यदि आपका बकाया है, तो आज ही पोर्टल चेक करें। 28 फरवरी के बाद यह मौका हाथ से निकल जाएगा। ऊर्जा मंत्री का बयान है, “यह उपभोक्ता हितैषी योजना है, अधिक से अधिक लोग लाभ लें।” समय बर्बाद न करें, फटाफट रजिस्टर करें!
















