उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के मिशन में एक बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में आंगनवाड़ी भर्ती 2025 का ऐलान हुआ, जिसमें कुल 69,000 पद शामिल हैं। इनमें आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री के लिए 7,952 और सहायिका के लिए 61,254 पद हैं। लंबे इंतजार के बाद यह खबर उन महिलाओं के लिए खुशहाल साबित हो रही है, जो सरकारी नौकरी की तलाश में हैं। यह भर्ती न सिर्फ रोजगार देगी, बल्कि ग्रामीण और शहरी इलाकों में बच्चों की देखभाल व पोषण को मजबूत करेगी। हर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संचालित करेगी। आइए जानते हैं पूरी डिटेल।

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भर्ती प्रक्रिया की पूरी जानकारी!
भर्ती की शुरुआत जिला स्तर से होगी। पहले सभी जिलों में खाली आंगनवाड़ी पदों का सर्वे होगा। बाल विकास एवं पोषण निदेशालय ने जिलों को साफ निर्देश दिए हैं कि वे सटीक आंकड़े एकत्र करें। यह जानकारी आधिकारिक पोर्टल https://upanganwadibharti.in/ पर अपलोड की जाएगी। सर्वे पूरा होते ही आधिकारिक अधिसूचना जारी हो जाएगी, जिसके बाद ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। उम्मीदवारों को सलाह है कि वे नियमित रूप से पोर्टल चेक करें। यह सिस्टम सुनिश्चित करेगा कि कोई पद खाली न रहे और प्रक्रिया तेज हो। पारदर्शिता के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो फर्जीवाड़े को रोकेगा। कुल मिलाकर, यह प्रक्रिया 2-3 महीनों में पूरी हो सकती है।
योग्यता मानदंड
यह भर्ती उत्तर प्रदेश की मूल निवासी महिलाओं के लिए सीमित है। आवेदन से पहले ये शर्तें जांच लें:
- शैक्षिक योग्यता: न्यूनतम इंटरमीडिएट (12वीं) पास।
- आयु सीमा: 18 से 35 वर्ष।
- निवास प्रमाण: ग्राम पंचायत या नगर वार्ड का स्थायी निवासी होना जरूरी। विवाहित महिलाएं ससुराल के प्रमाण पत्र से आवेदन कर सकती हैं।
- विशेष प्राथमिकता: तलाकशुदा, विधवा या परित्यक्ता महिलाओं को चयन में सबसे ऊपर रखा जाएगा।
ये नियम महिलाओं को उनके स्थानीय क्षेत्र में ही रोजगार दिलाने पर केंद्रित हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप गांव की रहने वाली हैं, तो उसी गांव की आंगनवाड़ी के लिए आवेदन करें। यह व्यवस्था सामाजिक न्याय को बढ़ावा देगी।
चयन प्रक्रिया क्या है?
सबसे राहत की बात – कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं! चयन शैक्षिक योग्यता के अंकों पर आधारित होगा। इंटरमीडिएट, स्नातक या स्नातकोत्तर के मार्क्स ही निर्णायक होंगे। खास प्रावधान मौजूदा आंगनवाड़ी सहायिकाओं के लिए:
- डायरेक्ट प्रमोशन: कार्यकर्त्री पदों के 50% पर सीधी नियुक्ति।
- शर्तें: कम से कम 5 साल की सतत सेवा ग्रामीण/शहरी क्षेत्र में।
- अपवाद: खराब परफॉर्मेंस या 3 महीने से अधिक छुट्टी वालों को बाहर रखा जाएगा।
यह मॉडल अनुभव को महत्व देता है। मेरिट लिस्ट पोर्टल पर सार्वजनिक की जाएगी, ताकि कोई शिकायत न रहे। चयनित महिलाओं को तुरंत प्रशिक्षण देकर पद सौंपा जाएगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह भर्ती?
आंगनवाड़ी कार्य न सिर्फ वेतन देता है, बल्कि बच्चों के विकास में योगदान का संतोष भी। सरकार का लक्ष्य 2025 तक सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को पूरी क्षमता से चलाना है। इससे पोषण योजनाएं मजबूत होंगी, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधरेगा। महिलाओं के लिए यह आर्थिक स्वावलंबन का द्वार है। अगर आप योग्य हैं, तो तैयारी शुरू करें – दस्तावेज जुटाएं और पोर्टल पर रजिस्टर करें। यह मौका जीवन बदल सकता है!
















