
बिहार के वाहन चालकों के लिए एक बड़ी राहत वाली खबर है। राज्य ट्रैफिक पुलिस और जिला परिवहन कार्यालय (DTO) ने चालान सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है। अब किसी भी वाहन की एक ही गलती के लिए पूरे दिन में सिर्फ एक ही चालान कटेगा। पहले एक ही दिन में शहर के अलग-अलग चौराहों या कैमरों पर बार-बार जुर्माना लग जाता था, जिससे चालकों की जेब पर हजारों रुपये का बोझ पड़ जाता था। यह नया नियम तकनीकी अपग्रेडेशन के बाद लागू हो गया है, जिससे आम आदमी को अनावश्यक परेशानी से निजात मिलेगी।
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राहुल कुमार की कहानी
गुरुवार को पटना से सटे नौबतपुर के रहने वाले राहुल कुमार शर्मा अपनी बाइक पर शहर पहुंचे। सुबह-सुबह उन्हें स्थानीय चाय की दुकान पर यह खबर मिली कि अब ‘एक दिन, एक चालान’ का नियम लागू हो गया है। राहुल बताते हैं, “मेरी बाइक के पिछले 8 साल में सिर्फ एक बार चालान कटा था, वो भी मामूली गलती पर। उसके बाद से मैं सतर्क हूं। लेकिन यह नया नियम उन लोगों के लिए वरदान है, जो रोज शहर घूमते हैं और एक ही गलती पर कई चालान झेलते थे।” राहुल जैसे सैकड़ों चालक अब राहत की सांस ले रहे हैं।
पुरानी व्यवस्था की थी कमियां
पहले का सिस्टम चालकों के लिए आफत बन गया था। मान लीजिए, कोई बाइक सवार पीछे बैठे व्यक्ति का हेलमेट न लगाए या कार चालक सीटबेल्ट भूले। फिर क्या? कोतवाली चौराहे पर एक चालान, अटल पथ पर दूसरा और एम्स गोलंबर पर तीसरा। एक ही गलती पर 1000-1000 रुपये के हिसाब से 3000 रुपये तक का नुकसान। इसी तरह कार चालकों को भी अलग-अलग कैमरों से मल्टीपल चालान का सामना करना पड़ता।
पिछले 5 महीनों में ऐसे सैकड़ों मामले सामने आए। पटना शहरी क्षेत्र में रोजाना औसतन 50-60 चालान कटते हैं, जिनमें 10-12 मामले ऐसे होते थे जहां एक ही वाहन पर दिनभर में 3-5 चालान लग जाते। कुछ चालकों को 3-5 हजार रुपये एक साथ भरने पड़ते। तकनीकी खामी के कारण सिस्टम अलग-अलग लोकेशनों पर दोहराव वाली गलती को नया उल्लंघन मान लेता था। इससे नाराज चालक DTO कार्यालय पहुंचने लगे। शिकायतों का अंबार लगने पर ट्रैफिक महकमा हरकत में आया।
सिस्टम का नया अपग्रेड कैसे काम करेगा?
बिहार पुलिस और DTO ने ऑनलाइन चालान सिस्टम, मोबाइल ऐप (फोटो से चालान) और मैनुअल मशीनों को पूरी तरह अपडेट कर दिया। अब जब कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी या कैमरा वाहन नंबर स्कैन करता है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट देता है: “इस वाहन का आज पहले ही चालान कट चुका है – स्थान: कोतवाली, कारण: हेलमेट।” इससे दोबारा चालान ब्लॉक हो जाता।
उदाहरण के तौर पर, अगर आपकी कार में सीटबेल्ट न हो, तो एम्स गोलंबर पर पहला चालान कटेगा (1000 रुपये), लेकिन कोतवाली या अटल पथ पर दोबारा नहीं। बाइक सवारों को भी पीछे सवारी के हेलमेट उल्लंघन पर सिर्फ एक जुर्माना। यह व्यवस्था पूरे बिहार में लागू है, लेकिन पटना में सबसे ज्यादा असर दिखेगा जहां ट्रैफिक डेंसिटी ज्यादा है। DTO के आंकड़ों के मुताबिक, इससे चालानों की संख्या में कमी नहीं आएगी, लेकिन दोहराव 100% रुकेगा।
अजीबोगरीब चालान भी रुकेंगे?
पहले कई हास्यास्पद मामले सामने आए। मुजफ्फरपुर के अमरनाथ कुमार की गाड़ी घर में खड़ी थी, फिर भी दूसरे शहर में चालान कट गया। इसी तरह बैंकका में कार चालक को बाइक वाला हेलमेट नियम तोड़ने पर फाइन। ये तकनीकी गड़बड़ियां थीं। नया सिस्टम ऐसी गलतियों को भी रोकेगा, क्योंकि यह वाहन डिटेल्स को क्रॉस-चेक करेगा। अगर गलती से दोबारा चालान कटे, तो पुरानी रसीद दिखाकर DTO या ट्रैफिक मुख्यालय में रद्द करवा सकते हैं।
ट्रैफिक पुलिस का स्पष्ट संदेश
ट्रैफिक विभाग ने चेतावनी दी है कि राहत का मतलब लापरवाही नहीं। “एक चालान से नियम तोड़ने की छूट नहीं मिलेगी। सड़क सुरक्षा सर्वोपरि है,” एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा। यह कदम जनता की शिकायतों पर सरकार का सकारात्मक जवाब है। नीतीश कुमार सरकार के परिवहन विभाग ने समय पर सुधार किया, जिससे पारदर्शिता बढ़ी। चालक साथियों, हेलमेट, सीटबेल्ट और अन्य नियमों का पालन करें। नया सिस्टम राहत देगा, लेकिन जिम्मेदारी आपकी। बिहार की सड़कों पर अब ट्रैफिक ज्यादा सुरक्षित और निष्पक्ष होगा।
















