बिजली बिलों से जूझ रहे लाखों भारतीय परिवारों के लिए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रही है। क्या आपको 2kW सोलर सिस्टम चाहिए या 3kW? इस सवाल का जवाब आपके घर की बिजली खपत और बजट पर निर्भर करता है। 2026 में मोनो PERC पैनलों की गिरती कीमतों ने सोलर को हर मध्यमवर्गीय परिवार के लिए सुलभ बना दिया है। रोजाना 8-15 यूनिट बिजली बनाकर न सिर्फ बिल खत्म होगा, बल्कि सरकार की भारी सब्सिडी से निवेश भी जल्दी वसूल हो जाएगा।

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2kW या 3kW, सही चुनाव कैसे करें?
छोटे परिवार जो मासिक 200-300 यूनिट बिजली इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए 2kW सिस्टम आदर्श है। यह रोज 8-10 यूनिट बिजली पैदा करता है, जो फ्रिज, पंखे, LED लाइट्स और एक AC चलाने के लिए काफी है। कुल लागत लगभग 1 से 1.4 लाख रुपये आती है, जिसमें से 60,000 रुपये की केंद्र सरकार सब्सिडी कट जाती है। नेट खर्च रह जाता है 40,000 से 80,000 रुपये।
दूसरी ओर, बड़े घर जहां 400-500 यूनिट खपत होती है, दो AC, वॉशिंग मशीन, कूलर आदि वहां 3kW बेहतर विकल्प है। यह 12-15 यूनिट प्रतिदिन बनाता है। मूल्य 1.6 से 2.5 लाख तक, सब्सिडी 78,000 रुपये मिलने पर आपका खर्च घटकर 82,000 से 1.72 लाख रह जाता है। महाराष्ट्र जैसे राज्यों में राज्य स्तरीय अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध है।
सब्सिडी का जादुई गणित
पीएम सूर्य घर योजना के तहत ऑन-ग्रिड सिस्टम पर सीधी बैंक खाते में सब्सिडी 7-10 दिनों में आ जाती है। मान लीजिए आप 2.3 लाख का 3kW सिस्टम लगाते हैं, सब्सिडी कटकर यह 1.52 लाख का हो जाता है। बिजली दर 6 रुपये प्रति यूनिट मानें तो सालाना 26,000 रुपये की बचत होगी। 25 साल की वारंटी के साथ कुल लाभ 25-30 लाख तक पहुंच सकता है। 2kW पर ROI 3-4 साल में, जबकि 3kW पर 4-5 साल। नेट मीटरिंग से अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई भी संभव है। हाइब्रिड सिस्टम बैटरी के साथ महंगे पड़ते हैं, लेकिन ब्लैकआउट वाले इलाकों के लिए उपयोगी।
लागत को प्रभावित करने वाले कारक
कीमतें ब्रांड, इनवर्टर क्वालिटी और लोकेशन पर निर्भर करती हैं। फेनिस, फ्रेयर एनर्जी जैसे विश्वसनीय वेंडर चुनें। छत पर 250-300 वर्ग फुट जगह चाहिए। 2026 में प्रति वाट लागत 60-65 रुपये तक लुढ़क गई है। लोन 5 प्रतिशत ब्याज पर आसानी से मिल जाते हैं, EMI 2,000-3,000 रुपये मासिक। रखरखाव न्यूनतम सालाना 1-2 सफाई ही काफी।
इंस्टॉलेशन प्रक्रिया
सबसे पहले pmsuryaghar.gov.in पर रजिस्टर करें और ऑनलाइन कैलकुलेटर से अपनी जरूरत जांचें। वेंडर से साइट विजिट करवाएं, कोटेशन लें। इंस्टॉलेशन 3-5 दिनों में पूरा, 30 दिनों में सब्सिडी स्वीकृत। नेट मीटर लगवाकर शुरू। फरवरी 2026 तक योजना पूरी ताकत से चल रही है, देर न करें।
















