
कल 1 मार्च से आपका WhatsApp, Telegram या Signal जैसे इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप बिना एक्टिव सिम कार्ड के नहीं चलेंगे। केंद्र सरकार ने इस सिम बाइंडिंग नियम में किसी भी रियायत से इनकार कर दिया है। दूरसंचार मंत्रालय (DoT) के सख्त निर्देशों के तहत ये बदलाव साइबर फ्रॉड रोकने के लिए जरूरी बताए जा रहे हैं। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, WhatsApp ने बीटा वर्जन में सिम बाइंडिंग फीचर टेस्ट करना शुरू कर दिया है, जो भारतीय यूजर्स के लिए जल्द रोलआउट हो सकता है।
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सिम बाइंडिंग का नया दौर
सिम बाइंडिंग का मतलब साफ है – WhatsApp अकाउंट केवल उसी फोन पर चलेगा जहां उस नंबर का सिम कार्ड एक्टिव रूप से लगा हो। सिम निकालने, स्विच करने या इनएक्टिव होने पर ऐप तुरंत लॉगआउट हो जाएगा। DoT के Telecommunication Cybersecurity Amendment Rules, 2025 के तहत ये नियम 90 दिनों के अंदर लागू करने का आदेश दिया गया था, जो 1 मार्च को पूरा हो रहा है।
WhatsApp के बीटा वर्जन 2.26.8.6 में एक पॉप-अप नोटिफिकेशन देखा गया, जिसमें यूजर्स को चेतावनी दी गई है: “भारत सरकार के आदेशानुसार, फोन में अकाउंट एक्सेस करने के लिए संबंधित नंबर का सिम कार्ड लगाएं।” WA Beta Info जैसे विश्वसनीय सोर्स ने इसे शेयर किया। इससे साफ है कि Meta की कंपनी ने DoT के आदेश पर काम तेज कर दिया है। रोमिंग या ड्यूल सिम यूजर्स को ज्यादा परेशानी हो सकती है, हालांकि एक्टिव सिम पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
कंप्यूटर यूजर्स सावधान
कंप्यूटर या लैपटॉप पर WhatsApp Web इस्तेमाल करने वालों के लिए झटका बड़ा है। DoT के निर्देश से हर 6 घंटे में सेशन ऑटो लॉगआउट हो जाएगा। दोबारा लॉगिन के लिए मोबाइल से QR कोड स्कैन करना पड़ेगा, और मोबाइल में सिम अनिवार्य होगा। ये कदम अनऑथराइज्ड एक्सेस और फ्रॉड रोकने के लिए है। पहले ये सुविधा अनलिमिटेड थी, लेकिन अब प्रोफेशनल्स और बिजनेस यूजर्स को बार-बार री-लिंक करना पड़ेगा।
सरकार क्यों सख्त?
2024 में भारत में साइबर फ्रॉड से 22,800 करोड़ रुपये का नुकससान हुआ, जिसमें OTP स्कैम और फर्जी अकाउंट्स का बड़ा हाथ था। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “सिम-बाइंडिंग नियम नहीं बदलेंगे, सुरक्षा पहले।” DoT ने WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat, ShareChat, JioChat, Josh और Arattai जैसे 8 ऐप्स को नोटिस जारी किया। Telecom Act 2023 के तहत ये अनिवार्य है।
बिना सिम के WhatsApp चलाने की आदत लाखों यूजर्स की है, खासकर Signal और Telegram पर। ये फीचर फेक अकाउंट्स बंद करेगा, लेकिन प्राइवेसी चिंताओं को जन्म दे रहा है। IAMAI और Broadband India Forum ने DoT से समीक्षा की मांग की।
यूजर्स पर क्या असर?
- डेली यूजर्स: सिम हमेशा फोन में रखें। सिम स्विच करने पर री-रजिस्ट्रेशन जरूरी।
- बिजनेस/प्रोफेशनल्स: WhatsApp Business API या मल्टी-डिवाइस फीचर चेक करें, लेकिन सिम बाइंडिंग बाध्य।
- ट्रैवलर्स: अंतरराष्ट्रीय रोमिंग में सिम एक्टिव रखें।
नियम न मानने पर ऐप सस्पेंड या जुर्माना हो सकता है।
WhatsApp की तैयारी और भविष्य
WhatsApp ने मल्टी-डिवाइस सपोर्ट पहले ही शुरू किया, लेकिन सिम बाइंडिंग इसे सीमित करेगा। कंपनी ने अभी आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन बीटा टेस्टिंग से पुष्टि हो गई। DoT की वेबसाइट पर कोई नया अपडेट नहीं, लेकिन Sanchi saathi पोर्टल पर दस्तावेज उपलब्ध। ये बदलाव डिजिटल इंडिया को सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, लेकिन यूजर सुविधा पर सवाल। 1.4 अरब यूजर्स वाले भारत में अमल चुनौतीपूर्ण होगा। क्या सरकार डेडलाइन बढ़ाएगी? फिलहाल, सिम चेक करें और तैयार रहें!
















