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Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) Update: बुजुर्गों के लिए निवेश की सीमा बढ़ी; मार्च क्लोजिंग से पहले निवेश करने पर मिलेगा बढ़ा हुआ ब्याज और टैक्स छूट।

बुजुर्गों अलर्ट! वरिष्ठ नागरिक बचत योजना में निवेश सीमा 30 लाख हो गई। तुरंत निवेश करें, वरना पछताएंगे नियमित ब्याज और टैक्स छूट का दुर्लभ मौका! जल्दी करें, मार्च से पहले लाखों का फायदा हाथ से न निकले।

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वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) में निवेश सीमा को बढ़ाकर 30 लाख रुपये करने का नया प्रावधान बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। यह सरकारी योजना अब रिटायर्ड लोगों को अधिक पूंजी लगाने और नियमित ब्याज कमाने का बेहतरीन विकल्प दे रही है। वर्तमान ब्याज दर 8.2 प्रतिशत सालाना है, जो तिमाही आधार पर तय होती है। सोशल मीडिया पर मार्च से पहले निवेश पर अतिरिक्त ब्याज या टैक्स छूट के दावे वायरल हैं, लेकिन आधिकारिक रूप से ऐसा कोई विशेष लाभ अभी घोषित नहीं हुआ।

Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) Update: बुजुर्गों के लिए निवेश की सीमा बढ़ी; मार्च क्लोजिंग से पहले निवेश करने पर मिलेगा बढ़ा हुआ ब्याज और टैक्स छूट।

योजना की प्रमुख खूबियां जो बनाती हैं इसे खास

SCSS भारत सरकार की पूरी तरह सुरक्षित बचत स्कीम है, जो 60 साल से ऊपर के नागरिकों को लक्षित करती है। इसमें न्यूनतम 1000 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं और अधिकतम 30 लाख रुपये तक एक या कई खातों में जमा कर सकते हैं। खाता पांच साल के लिए होता है, जिसे तीन साल और बढ़ाया जा सकता है। अब एक्सटेंशन की सुविधा कई बार मिल सकती है। ब्याज हर तिमाही मिलता है – अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी में सीधे बैंक खाते में। यह तिमाही भुगतान पेंशन की तरह नियमित आय देता है, जो बुजुर्गों के लिए आदर्श है। पंजाब जैसे क्षेत्रों में रिटायर्ड परिवार इसे पसंद कर रहे हैं, क्योंकि यह मुद्रास्फीति के दौर में स्थिर रिटर्न सुनिश्चित करता है।

कौन ले सकता है इसका लाभ, पात्रता के नियम?

इस योजना में 60 वर्ष से अधिक उम्र के भारतीय नागरिक आसानी से शामिल हो सकते हैं। 55 से 60 साल के बीच रिटायर हुए सरकारी कर्मचारी या वीआरएस लेने वाले लोग सुपरअन्यूएशन के एक महीने के अंदर खाता खोल सकते हैं। पति-पत्नी संयुक्त खाता बना सकते हैं, लेकिन एनआरआई, एचयूएफ या ट्रस्ट इसके दायरे से बाहर हैं। लुधियाना के निवासी नजदीकी डाकघर या बैंक जैसे एसबीआई, पीएनबी में आवेदन कर सकते हैं। दस्तावेजों में आधार, पैन, उम्र प्रमाण और फोटो की जरूरत पड़ती है।

टैक्स में कैसे मिलेगी राहत

SCSS निवेश पर आयकर की धारा 80सी के तहत सालाना डेढ़ लाख रुपये तक की छूट मिलती है। ब्याज पर टीडीएस 50,000 रुपये से ज्यादा होने पर कटता है, लेकिन सीनियर सिटिजन को एक लाख तक की छूट का प्रावधान है। फॉर्म 15एच भरने से टीडीएस पूरी तरह रुक सकता है। वित्त वर्ष 2025-26 में यह टैक्स बचत के साथ सुरक्षित निवेश का बेहतरीन संयोजन है। हालांकि ब्याज कर योग्य होता है, इसलिए कुल आय पर नजर रखें।

खाता कैसे खोलें और क्या सावधानियां बरतें

आवेदन के लिए फॉर्म भरें, केवाईसी पूरा करें और राशि जमा करें। कुछ बैंकों में ऑनलाइन विकल्प भी उपलब्ध है। एक साल बाद प्रीमैच्योर विथड्रॉल संभव है, लेकिन एक से दो प्रतिशत पेनल्टी देनी पड़ेगी। निवेश से पहले ताजा ब्याज दरें जांच लें, क्योंकि ये बदल सकती हैं। मार्च क्लोजिंग से पहले जल्दबाजी में निवेश करने की अफवाहों से बचें। हमेशा सरकारी पोर्टल या डाकघर से सत्यापित जानकारी लें।

निवेशकों के लिए व्यावहारिक सलाह

SCSS पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन महंगाई दर से थोड़ा कम रिटर्न देता है। इसे फिक्स्ड डिपॉजिट या अन्य विकल्पों के साथ मिलाकर पोर्टफोलियो बनाएं। लुधियाना के बुजुर्ग स्थानीय डाकघर जाकर तुरंत संपर्क करें। यह योजना वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत करती है, बशर्ते सही योजना के साथ निवेश हो। सरकार के इस कदम से लाखों रिटायर्ड परिवार लाभान्वित होंगे।

Author
info@gurukulbharti.in

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