
देश में घर बनाने वालों के लिए एक नई चिंता उभरकर सामने आई है। प्रमुख स्टील मिलों ने सरिया (TMT/रीबार) के दामों में ₹3,000 प्रति टन तक की वृद्धि की घोषणा की है। इस फैसले के बाद निर्माण क्षेत्र में लागत बढ़ने की संभावना बढ़ गई है, जिससे आम घर खरीदार और बिल्डर दोनों प्रभावित होंगे।
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सरिया के रेट में तेजी का कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक इस तेजी के पीछे कई कारण हैं।
- मजबूत मांग और कम इन्वेंटरी: स्टील मिलों की ऑर्डर बुकिंग में मजबूती और सीमित स्टॉक ने कीमतों को ऊपर धकेला।
- कच्चे माल की महंगाई: बिलेट और स्पंज आयरन जैसी सामग्रियों की कीमतों में बढ़ोतरी भी मुख्य कारणों में से एक है।
- बाजार की रणनीति: कई मिलों ने आगामी महीनों के लिए उत्पादन को नियंत्रित किया है, जिससे सप्लाई-डिमांड संतुलन प्रभावित हुआ।
ताजा रेट्स-शहरों के हिसाब से
फरवरी 2026 की ताज़ा जानकारी के अनुसार सरिया के रेट्स राज्य और शहर के हिसाब से इस प्रकार हैं:
| शहर | TMT बार रेट (प्रति टन) |
|---|---|
| मुंबई | ₹50,200 |
| दिल्ली | ₹49,500 |
| हैदराबाद | ₹49,000 |
| जयपुर | ₹47,500 |
| राउरकेला | ₹46,300 |
(सभी रेट्स 18% GST अलग)
विशेषज्ञों का कहना है कि ये रेट्स ब्रांड, ग्रेड और आपूर्ति की मात्रा के अनुसार ऊपर-नीचे हो सकते हैं।
घर बनाने वालों पर असर
इस तेजी का सबसे बड़ा असर आम घर बनाने वालों और बिल्डरों पर पड़ेगा। सरिया निर्माण में मजबूती के लिए मुख्य घटक है और इसकी कीमत बढ़ने से कुल निर्माण लागत महंगी होगी। हालांकि कुछ अन्य निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट पर कुछ स्थिरता देखने को मिल रही है, लेकिन सरिया की कीमतों में बढ़ोतरी इस राहत को काफी हद तक कम कर देती है।
विशेषज्ञों की राय
- “सरिया की कीमतों में यह उछाल फिलहाल अस्थायी नहीं है। मिलों ने यह बढ़ोतरी मांग और उत्पादन संतुलन को देखते हुए की है। घर बनाने वालों को अब लागत का हिसाब और सावधानीपूर्वक बजट बनाना होगा,” – स्टील इंडस्ट्री एनालिस्ट, आर. के. शर्मा।
- “कम इन्वेंटरी और कच्चे माल की महंगाई मिलकर यह स्थिति पैदा कर रहे हैं। अगले तीन महीनों तक कीमतें स्थिर नहीं हो सकतीं,” – कंस्ट्रक्शन इकॉनॉमिक्स विशेषज्ञ, नीरज वर्मा।
















