
देश में रोजाना करोड़ों यात्री ट्रेनों से सफर करते हैं, लेकिन रेलवे की कई छिपी सुविधाओं से अभी भी अछूते हैं। इन्हीं में सर्कुलर जर्नी टिकट प्रमुख है, जो तीर्थयात्रियों और टूरिस्ट्स के लिए वरदान साबित हो रहा है। एक ही टिकट पर आठ शहरों की सैर, 56 दिनों की वैलिडिटी और 20-30% तक किराया बचत- फिर भी ज्यादातर लोग अलग-अलग टिकट खरीदकर महंगे पड़े हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जानकारी के अभाव में करोड़ों रुपये यात्रियों के नुकसान में जा रहे हैं।
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सर्कुलर जर्नी टिकट क्या है?
भारतीय रेलवे के अनुसार, यह टिकट एक ही स्टेशन से शुरू होकर वहीं समाप्त होती है। यात्री तय रूट पर अधिकतम आठ ब्रेक जर्नी स्टेशनों (मूल स्टेशन 제외) को शामिल कर सकते हैं। अलग-अलग ट्रेनों से सफर की छूट है, सामान्य ब्रेक जर्नी नियम लागू नहीं होते। टेलिस्कोपिक किराया प्रणाली से फायदा: कुल दूरी का आधा हिस्सा मानकर दोगुना चार्ज, जो लंबी यात्रा में सस्ता पड़ता है। उदाहरणस्वरूप, दिल्ली-आगरा-मथुरा-वृंदावन सर्किट में अलग टिकटों से ₹2000+ लगें, तो सर्कुलर से ₹1400-1600 में काम।
वैलिडिटी 56 दिनों तक है – यानी रुक-रुक कर टूर प्लान करें। प्रति दिन 400 किमी यात्रा + 200 किमी ब्रेक की सीमा। अगर रूट सबसे छोटे से 15% ज्यादा लंबा, तो अतिरिक्त पर सामान्य किराया। सीनियर सिटीजन को 1000 किमी+ पर 40% (पुरुष) से 50% (महिला) छूट।
कैसे बुक करें और फायदे?
बुकिंग PRS काउंटर या स्टेशन मैनेजर से: रूट विवरण दें, फॉर्म भरें, किराया कैलकुलेट करवाएं। IRCTC पर सीमित, ग्रुप बुकिंग संभव। यात्रा शुरू पर साइन करें, टीटीई एंडोर्समेंट वैकल्पिक। सभी क्लास (फर्स्ट AC/फ्लेक्सी फेयर में सीमाएं) उपलब्ध।
फायदे स्पष्ट: समय-धन की बचत, लचीलापन। दक्षिण भारत टूर (चेन्नई-मुंबई-गोवा-बैंगलोर-चेन्नई) में अलग टिकटों से ₹10,000+ vs सर्कुलर से ₹7000। पर्यटन बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार ने 2026 में इसे प्रचारित किया।
| विशेषता | विवरण | बचत उदाहरण |
|---|---|---|
| ब्रेक स्टेशन | अधिकतम 8 | दिल्ली सर्किट: 20-30% |
| वैलिडिटी | 56 दिन | लंबे टूर के लिए |
| किराया | टेलिस्कोपिक | 1000+ किमी पर छूट |
| बुकिंग | PRS/काउंटर | ग्रुप संभव |
चुनौतियां और सुझाव
राजधानी/दुरंतो में सीमित, EC शताब्दी पर अतिरिक्त चार्ज। जागरूकता कम होने से उपयोग घटा। रेलवे बोर्ड ने 2026 सर्कुलर में जागरूकता अभियान का उल्लेख किया। यात्रियों को सलाह: स्टेशन मास्टर से संपर्क करें, ऐप्स पर चेक न करें। यह सुविधा न केवल पैसे बचाती है, बल्कि यात्रा को यादगार बनाती है। अगली छुट्टी पर सर्कुलर जर्नी आजमाएं- हजारों रुपये जेब में, अनुभव दिल में!
















