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UP में राशन कार्ड की छुट्टी! अब सिर्फ ‘आधार कार्ड’ से मिलेगा गेहूं-चावल, योगी सरकार ने अधिकारियों को दिया बड़ा आदेश

यूपी में बड़ा बदलाव। अब राशन कार्ड जरूरी नहीं, सिर्फ आधार दिखाओ और अनाज ले जाओ। योगी सरकार ने सभी अधिकारियों को सख्त आदेश जारी किया। क्या आपका आधार अपडेट है? जल्दी चेक करें, ये सुविधा लाखों को फायदा देगी।

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उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल रूप देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राशन कार्ड की जरूरत खत्म हो गई है। गेहूं और चावल जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए केवल आधार कार्ड ही काफी होगा। मार्च 2026 से यह व्यवस्था प्रदेश में लागू हो जाएगी। योगी आदित्यनाथ सरकार का यह कदम गरीबों को बड़ी राहत देगा, खासकर उन लोगों को जो दूर रहकर मजदूरी करते हैं।

UP में राशन कार्ड की छुट्टी! अब सिर्फ 'आधार कार्ड' से मिलेगा गेहूं-चावल, योगी सरकार ने अधिकारियों को दिया बड़ा आदेश

इस बदलाव से लाखों परिवार लाभान्वित होंगे। पहले राशन कार्ड खो जाने या घर न पहुंच पाने पर लोग परेशान होते थे। अब ई-पॉश मशीनों पर आधार नंबर डालकर बायोमेट्रिक जांच से तुरंत अनाज मिलेगा। इससे कालाबाजारी पर लगाम लगेगी और सही जरूरतमंद तक सामान पहुंचेगा। ग्रामीण इलाकों से शहरों तक फैले प्रवासी मजदूरों के लिए यह वरदान साबित होगा।

प्रवासियों को मिलेगी आसानी

काम की तलाश में बाहर जाने वाले मजदूर अब किसी भी कोटे की दुकान पर अपना हिस्सा ले सकेंगे। परिवार के सदस्य अलग-अलग जगहों पर रहते हैं तो वे अपने-अपने स्थान पर राशन प्राप्त कर लेंगे। पहले पूरा कोटा एक ही दुकान से लेना पड़ता था, जो मुश्किल भरा था। अब वन नेशन वन राशन कार्ड योजना और मजबूत हो गई है। सरकार ने सभी जिलों में कोटेदारों को नई तकनीक का प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है।

डिजिटल सिस्टम कैसे बदलेगा सबकुछ

ई-पॉश मशीनें अब आधार प्रमाणीकरण के साथ काम करेंगी। अंगूठे की बायोमेट्रिक जांच से सत्यापन होगा। अगर बायोमेट्रिक फेल हो जाए तो ओटीपी विकल्प उपलब्ध रहेगा। डुप्लीकेट कार्डों का खेल खत्म हो जाएगा। सालाना करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार रुकने की उम्मीद है। रायबरेली जैसे जिलों में यह पहले से चल रहा है और जल्द पूरे राज्य में फैलेगा। लगभग दो करोड़ से ज्यादा लाभार्थी इससे जुड़ेंगे।

आवेदन प्रक्रिया क्या है?

  • सबसे पहले नजदीकी कोटे की दुकान पर आधार कार्ड लेकर जाएं।
  • ई-पॉश मशीन पर आधार नंबर दर्ज करें।
  • अंगूठे की बायोमेट्रिक जांच करवाएं या ओटीपी का इस्तेमाल करें।
  • सत्यापन के बाद तुरंत गेहूं-चावल का कोटा मिलेगा।
  • अगर आधार लिंक नहीं है तो खाद्य विभाग की वेबसाइट पर जाकर लिंक करवाएं।

चुनौतियां और समाधान

ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या हो सकती है, लेकिन सरकार वैकल्पिक तरीके तैयार कर रही है। कोटेदारों को सख्त निर्देश हैं कि कोई विलंब न हो। विपक्ष ने इसे सकारात्मक बताया है, लेकिन अमल पर नजर रखने को कहा है। यह कदम नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट को मजबूत करेगा।

योगी सरकार की यह पहल डिजिटल इंडिया को नई ऊंचाई देगी। गरीब का अनाज अब बर्बाद नहीं होगा। अन्य राज्य भी इसे अपना सकते हैं। यह बदलाव न सिर्फ भुखमरी रोकेगा बल्कि पारदर्शिता लाएगा। 

Author
info@gurukulbharti.in

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