
फरवरी का महीना खेती-किसानी के लिए ‘गोल्डन पीरियड’ माना जाता है, अगर आप पारंपरिक खेती से हटकर कम समय में बंपर मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो तर ककड़ी (Long Cucumber) आपके लिए लॉटरी साबित हो सकती है, कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक ऐसी फसल है जो बोने के महज 35 से 40 दिनों के भीतर किसानों की जेब भरना शुरू कर देती है।
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क्यों है यह ‘मुनाफे का सौदा’?
फरवरी के शुरुआती पखवाड़े में लगाई गई तर ककड़ी मार्च के मध्य तक बाजार में दस्तक दे देती है, उस समय बाजार में गर्मियों की सब्जियों की आवक कम होती है, जिसके चलते इसके मंडी भाव ₹80 प्रति किलो से लेकर ₹100 प्रति किलो तक पहुंच जाते हैं, कम लागत और नाममात्र के रखरखाव के कारण इसे ‘खेती का एटीएम’ भी कहा जा रहा है।
अन्य ‘शॉर्ट-टर्म’ फसलें जो बदल देंगी किस्मत
- मूली की अगेती खेती: अगर आप फरवरी में उन्नत किस्म की मूली लगाते हैं, तो यह 40-45 दिनों में तैयार हो जाती है, गर्मियों की आहट के साथ इसकी डिमांड तेजी से बढ़ती है।
- तोरई और लौकी: अगेती बुवाई करने पर ये बेल वाली सब्जियां बाजार में सबसे पहले पहुँचती हैं, जिससे किसानों को शुरुआती दौर में प्रीमियम भाव (Top Market Price) मिलते हैं।
- पालक और धनिया: मात्र 30 से 35 दिनों में कटाई के लिए तैयार होने वाली ये फसलें दैनिक नगदी आय का बेहतरीन जरिया हैं।
एक्सपर्ट की सलाह: अपनाएं ये तकनीक
कृषि जानकारों का कहना है कि बेहतर मुनाफे के लिए किसानों को हाइब्रिड बीजों का चुनाव करना चाहिए, साथ ही, मल्चिंग पेपर और ड्रिप इरिगेशन का उपयोग करने से न केवल पानी की बचत होती है, बल्कि फसल की गुणवत्ता और चमक भी बढ़ती है, जिससे मंडी में ऊंचे दाम मिलते हैं।
















