
रिटायरमेंट प्लानिंग या अतिरिक्त मासिक आय की तलाश में हैं? भारतीय डाक विभाग की मंथली इनकम स्कीम (MIS) आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो रही है। 2025 में लॉन्च हुई इस स्कीम ने निवेशकों में खासा उत्साह जगाया है। एक बार पैसा जमा करें और उसके बाद हर महीने 7.4% सालाना ब्याज पर फिक्स्ड इनकम पाएं। सिंगल या जॉइंट अकाउंट खोलकर कोई भी भारतीय नागरिक आसानी से शुरू कर सकता है।
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स्कीम की मुख्य खासियतें
MIS एक लो-रिस्क सरकारी बचत योजना है, जो 5 साल की तय अवधि के लिए चलती है। निवेश पर मासिक ब्याज सीधे आपके पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट या बैंक खाते में ECS के जरिए आता है। वर्तमान ब्याज दर FY 2025-26 के लिए 7.4% है, जो तिमाही आधार पर रिव्यू होती है। सिंगल होल्डर के लिए अधिकतम निवेश सीमा ₹9 लाख और जॉइंट अकाउंट (दो या तीन वयस्कों के लिए) ₹15 लाख तक है।
2025 में आया सबसे बड़ा अपडेट सिंगल लिमिट को ₹4.5 लाख से बढ़ाकर ₹9 लाख करना था, जबकि जॉइंट लिमिट ₹15 लाख हो गई। इससे मध्यम वर्ग के लोग ज्यादा निवेश कर पा रहे हैं। आवेदक की न्यूनतम उम्र 10 वर्ष है (गार्जियन के साथ माइनर अकाउंट), लेकिन जॉइंट में 18+ जरूरी। बच्चे के नाम पर गार्जियन जॉइंट अकाउंट खोल सकते हैं। मैच्योरिटी पर मूलधन समेत अंतिम ब्याज मिलता है।
निवेश से मासिक आय का हिसाब
यह स्कीम क्लिकबेट हेडलाइंस जैसे “₹15,000+ मासिक” का वादा नहीं करती, लेकिन वास्तविक गणना आकर्षक है। ₹9 लाख निवेश पर सालाना ₹66,600 ब्याज (7.4%) से मासिक लगभग ₹5,550 मिलते हैं। जॉइंट ₹15 लाख पर यह ₹9,250 तक पहुंच सकता है। नीचे टेबल में विस्तृत ब्रेकडाउन:
| निवेश राशि | सालाना ब्याज (₹) | मासिक आय (लगभग ₹) |
|---|---|---|
| ₹1 लाख | 7,400 | 617 |
| ₹3 लाख | 22,200 | 1,850 |
| ₹5 लाख | 37,000 | 3,083 |
| ₹7 लाख | 51,800 | 4,317 |
| ₹9 लाख (अधिकतम सिंगल) | 66,600 | 5,550 |
| ₹15 लाख (जॉइंट अधिकतम) | 1,11,000 | 9,250 |
ये आंकड़े सरल फॉर्मूले (निवेश × 7.4% / 12) पर आधारित हैं। रिटायर्ड लोग या कंटेंट क्रिएटर्स, जो स्थिर आय चाहते हैं, इसके लिए आइडियल है।
कैसे खोलें अकाउंट?
किसी भी डाकघर में जाकर आसानी से शुरू करें। जरूरी दस्तावेज: आधार, पैन, फोटो, पता प्रमाण। ऑनलाइन इंडिया पोस्ट पोर्टल से भी आवेदन संभव। कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं। न्यूनतम निवेश ₹1,000 से शुरू। फायदे गिनाएं तो: पूर्ण सरकारी गारंटी, जीरो रिस्क, पूरे देश में उपलब्ध। FD से बेहतर मासिक पेआउट और टैक्स सेविंग नहीं लेकिन स्थिरता बेजोड़।
जोखिम और नियम जान लें
जल्दबाजी में बंद करने पर पेनल्टी: 1 साल से पहले- कोई ब्याज नहीं; 1-3 साल- 2% कटौती; 3-5 साल- 1%। ब्याज टैक्सेबल है (सेक्शन 80C डिडक्शन नहीं)। TDS केवल ₹40,000+ वार्षिक ब्याज पर। विशेषज्ञों का कहना है कि महंगाई के दौर में यह स्कीम पर्सनल फाइनेंस का मजबूत स्तंभ है। दिल्ली-एनसीआर के निवासी संजीव कुमार ने बताया, “₹5 लाख जमा कर ₹3,000+ मासिक मिल रही है, बिना चिंता के।” डाक विभाग के आंकड़ों से 2025 में लाखों नए अकाउंट खुले।
क्या आप तैयार हैं पक्की मासिक कमाई के लिए? नजदीकी डाकघर जाएं या ऑनलाइन चेक करें। यह स्कीम न सिर्फ आम आदमी की जेब मजबूत करेगी, बल्कि वित्तीय स्वतंत्रता का रास्ता भी प्रशस्त करेगी।
















