
रिटायरमेंट के बाद नियमित आय की चिंता हर सीनियर सिटीजन को सताती है। लेकिन इंडियन पोस्टल सर्विसेज ने सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) के जरिए एक जादुई हल पेश किया है। जीरो रिस्क वाली इस सरकारी स्कीम में एकमुश्त निवेश पर औसतन ₹17,000 से ₹20,500 तक मासिक गारंटीड कमाई मिल सकती है। 8.2% आकर्षक ब्याज दर के साथ यह बाजार के उतार-चढ़ाव से बिल्कुल मुक्त है। यदि आप अधिकतम ₹30 लाख निवेश करें, तो सालाना ₹2,46,000 ब्याज बनेगा, जो तिमाही पेमेंट के रूप में ₹61,500 हर तीन महीने आता रहेगा- यानी मासिक औसत ₹20,500।
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₹17,000 मासिक आय का सटीक गणित
यह आंकड़ा महज प्रचार नहीं, बल्कि सटीक कैलकुलेशन पर टिका है। SCSS में न्यूनतम ₹1,000 से निवेश शुरू हो जाता है, लेकिन ₹17,000 मासिक लक्ष्य के लिए करीब ₹25 लाख लगाने पड़ेंगे। 8.2% दर पर सालाना ब्याज ₹2,05,000 (25 लाख x 8.2%)। यह अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी में तिमाही चेक के रूप में मिलता है – प्रति तिमाही ₹51,250, जो मासिक औसत ₹17,083 बनाता है।
₹30 लाख पर यह सीधे ₹20,500 मासिक तक पहुंच जाता है। ध्यान दें, मासिक पेमेंट नहीं बल्कि तिमाही भुगतान इसकी खासियत है, जो बड़े अमाउंट की सुविधा देता है। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई के दौर में यह फिक्स्ड इनकम रिटायरमेंट कोर को मजबूत बनाती है। पोस्ट ऑफिस के MIS कैलकुलेटर से खुद वेरिफाई कर सकते हैं।
SCSS बनाम MIS: कौन सही चुनाव?
पोस्ट ऑफिस की दो धांसू स्कीम्स – SCSS और मंथली इनकम स्कीम (MIS)– रिटायरमेंट प्लानिंग में छाई हैं। SCSS सीनियर्स के लिए स्पेशल है, जबकि MIS सभी उम्र वालों को खुला है। SCSS में 8.2% ब्याज और ₹30 लाख तक निवेश की छूट है, जो MIS के 7.4% और ₹9 लाख (एकल)/₹15 लाख (जॉइंट) से कहीं बेहतर।
MIS में सच्ची मासिक आय मिलती है (₹9 लाख पर करीब ₹5,550 मासिक), लेकिन SCSS ज्यादा रिटर्न देता है। दोनों ही भारत सरकार बैक्ड हैं, यानी पूर्ण सुरक्षित। यदि आप सीनियर हैं, तो SCSS प्राथमिकता। MIS छोटे निवेशकों के लिए आइडियल। हालिया रिपोर्ट्स में SCSS को FD से बेहतर बताया गया, क्योंकि सरकारी गारंटी और टैक्स लाभ है।
पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया
SCSS केवल 60+ उम्र के भारतीय नागरिकों के लिए है। 55+ रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी या VRS लेने वाले भी क्वालिफाई करते हैं। जॉइंट अकाउंट सिर्फ स्पाउस के साथ। टैक्स में धारा 80C से ₹1.5 लाख डिडक्शन, लेकिन ब्याज टैक्सेबल (₹50,000 से ऊपर TDS सीनियर्स पर)। मैच्योरिटी 5 साल, 3 साल एक्सटेंशन संभव। प्रीमैच्योर विदड्रॉल पर 1-2 साल में 1.5-2% पेनल्टी। नॉमिनेशन और लोन सुविधा भी।
योजना में आवेदन के लिए अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस या SBI/PNB जैसे बैंक जाएं। PAN, आधार, फोटो, निवेश प्रूफ जमा करें। कैश, चेक या ट्रांसफर से पेमेंट। 2026 में डिजिटल KYC से 1-2 दिन में अकाउंट एक्टिव। इंडिया पोस्ट ऐप से स्टेटस चेक करें।
क्यों अपनाएं SCSS अभी?
वित्तीय सलाहकार कहते हैं, “SCSS रिटायरमेंट के लिए गोल्ड स्टैंडर्ड है।” 2026 में दरें स्थिर हैं, लेकिन अप्रैल रिव्यू हो सकती है। ₹10 लाख निवेश पर भी ₹6,833 मासिक औसत मिलेगा। स्टॉक मार्केट रिस्क से बचें, यह सरकारी सेफ्टी नेट है। लाखों सीनियर्स ने अपनाई, आप क्यों पीछे? अधिक डिटेल्स के लिए indiapost.gov.in या लोकल ब्रांच विजिट करें। रिटायरमेंट प्लानिंग में देरी न करें – SCSS से चैन की नींद पाएं!
















