लाखों जरूरतमंद छात्रों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार की पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 2025-26 सत्र की अगली किस्त मार्च में उनके खातों में आने वाली है। यह योजना एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक छात्रों को कक्षा 11 से स्नातक स्तर तक आर्थिक मदद देती है। होस्टलर छात्रों को 1200 से 7000 रुपये तक मासिक भत्ता मिलता है। लेकिन भुगतान पाने के लिए पीएफएमएस स्टेटस सही होना जरूरी है। गलत स्टेटस से लाखों रुपये का भुगतान रुक सकता है। समय रहते चेक करें और सुधार करवाएं।

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क्यों जरूरी है पीएफएमएस स्टेटस सही करना?
हर साल हजारों छात्रों को तकनीकी खामियों के कारण छात्रवृत्ति नहीं मिल पाती। सबसे आम समस्या बैंक खाते का आधार से मेल न खाना या गलत आईएफएससी कोड होता है। इसके अलावा आवेदन में रोल नंबर या मार्कशीट की त्रुटि भी भुगतान रोक देती है। पीएफएमएस यानी पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम सरकार का डीबीटी प्लेटफॉर्म है। यहां स्टेटस अंडर प्रोसेस, वेलिडेशन फेल्ड या रिजेक्टेड दिख सकता है। मार्च की किस्त 2024-25 के बकाया और नए सत्र के पहले चरण को कवर करेगी। पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में सत्यापन तेज हो रहा है। देरी न हो इसके लिए अभी एक्शन लें।
पीएफएमएस स्टेटस कैसे चेक करें?
पीएफएमएस की वेबसाइट पर जाकर नो योर पेमेंट सेक्शन चुनें। दो आसान तरीके हैं। पहला, अपना बैंक अकाउंट नंबर, बैंक का नाम और राज्य चुनें। कैप्चा भरें और सर्च करें। दूसरा, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल की एप्लीकेशन आईडी डालें। स्टेटस दिखेगा जैसे पेमेंट इनिशिएटेड या सक्सेसफुल। सक्सेसफुल पर 3 से 5 दिन में पैसे आ जाते हैं। यदि अंडर प्रोसेस है तो दो दिन बाद दोबारा देखें। पंजाब के छात्र एसएसपी पोर्टल पर भी चेक कर सकते हैं। राज्य पोर्टल जैसे बिहार का पीएमएस ऑनलाइन भी मददगार है। हर 48 घंटे चेक करते रहें।
स्टेटस सुधारने के आसान उपाय
यदि वेलिडेशन फेल्ड दिखे तो कॉलेज के नोडल ऑफिसर से बैंक डिटेल्स अपडेट करवाएं। आधार सीडेड खाता इस्तेमाल करें। रिजेक्टेड या डिफेक्ट पर एनएसपी पोर्टल पर लॉगिन करें। करेक्शन विंडो में रोल नंबर, मार्क्स या नाम सुधारें। डुप्लीकेट स्टेटस हमेशा नो रखें। ओटीपी न आए तो संदेश ऐप या उमंग ऐप ट्राई करें। कॉलेज न जाकर भी मोबाइल से काम हो जाता है। आवेदन से भुगतान तक 7 से 8 हफ्ते लगते हैं। हेल्पलाइन नंबर 0120-6619540 पर कॉल करें। स्थानीय डीडीसी ऑफिस भी सहायता देगा।
समयसीमा और सलाह
2025-26 का आवेदन जून से अक्टूबर तक चला। सत्यापन नवंबर तक पूरा हुआ। अप्रैल-मई में पीक सीजन आता है इसलिए मार्च में तैयारी करें। अमृतसर के छात्र जेईई जैसी परीक्षाओं के साथ छात्रवृत्ति पर निर्भर हैं। सही स्टेटस से पढ़ाई बिना रुकावट चलेगी। सरकार 92 प्रतिशत अनुमोदन का लक्ष्य लेकर चल रही है। अलर्ट रहें, हेल्पलाइन का सहारा लें। यह योजना गरीब छात्रों का भविष्य संवारेगी। अभी चेक करें, मार्च का इंतजार न करें।
















