पीएम आवास योजना के लाखों लाभार्थियों को इन दिनों अपनी अगली किस्त का इंतजार है। घर बनाने की प्रक्रिया बीच में रुक गई है, क्योंकि कई जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं हुईं। सरकारी स्तर पर नई लिस्ट जारी होने के बावजूद पैसा बैंक खातों में नहीं पहुंच पा रहा। यह समस्या मुख्य रूप से दस्तावेजों की कमी और सत्यापन में देरी से जुड़ी है। अगर आप भी इस योजना के तहत घर बना रहे हैं, तो फटाफट एक्शन लें वरना आपका नाम लिस्ट से कट सकता है।

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देरी की मुख्य वजहें क्या हैं?
योजना में शामिल होने वाले परिवारों के लिए सत्यापन प्रक्रिया को हाल ही में बढ़ाया गया है। पुरानी लिस्ट का वेरिफिकेशन जनवरी 2026 तक चलेगा, लेकिन कई जगहों पर यह काम पूरा नहीं हो सका। जॉइंट फैमिली के मामलों में नई शर्तें लगाई गई हैं, जैसे कि दो कमरों वाले पक्के घर में रहने वाले भाइयों में से सिर्फ एक को लाभ मिलेगा। आधार से बैंक खाते का लिंक न होने पर भुगतान रुक जाता है। निर्माण की प्रगति की फोटो और जियो-टैगिंग न अपलोड करने से भी किस्त अटक रही है। ग्रामीण इलाकों में सर्वे बढ़ाने से कुछ देरी तो हुई ही है।
घर बनाने वालों को तुरंत क्या करना चाहिए?
सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल pmaymis.gov.in पर अपना नाम चेक करें। स्टेटस देखें और अगर कोई कमी दिखे तो उसे दूर करें। बैंक जाकर आधार लिंकिंग करवाएं, क्योंकि बिना इसके पैसा ट्रांसफर नहीं होगा। नजदीकी CSC सेंटर या बैंक शाखा पर जियो-टैगिंग की मदद लें। निर्माण की ताजा फोटो अपलोड करें, जिसमें घर की दीवारें, छत और प्रगति साफ दिखे। पंचायत या ब्लॉक स्तर पर बनी समितियों से संपर्क करें। ये कदम उठाने से आपकी अगली किस्त जल्दी जारी हो सकती है। देरी न करें, क्योंकि समयसीमा सख्त है।
नई लिस्ट और भुगतान की ताजा स्थिति
2026 की नई सूची जारी हो चुकी है, जिसमें ढाई लाख से ज्यादा परिवारों को पहली किस्त के 60,000 रुपये मिलने शुरू हो गए। पहाड़ी क्षेत्रों में यह राशि 1.3 लाख तक जाती है। लेकिन अपात्र नाम हटाने की प्रक्रिया चल रही है, इसलिए दस्तावेज अपडेट रखें। वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में कुल 12 लाख परिवारों को पक्का घर देने का लक्ष्य है। कुछ राज्यों में केंद्र से फंड रिलीज में देरी हुई, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने पर भुगतान तेज होगा। ऑनलाइन आवेदन भी फिर शुरू हो गए हैं, जो हर जरूरतमंद को मौका दे रहे हैं।
लाभार्थियों के लिए खास टिप्स
योजना का फायदा उठाने वालों को नियमित स्टेटस ट्रैक करना चाहिए। जॉइंट फैमिली वाले साफ करें कि कौन सा सदस्य आवेदन करेगा। निर्माण कार्य में राज्य सरकार की मदद लें, क्योंकि वे अतिरिक्त सहायता दे सकती हैं। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दूसरे जिलों के कर्मचारियों से वेरिफिकेशन हो रहा है। अगर अभी तक पैसा न आया हो, तो घबराएं नहीं चरणबद्ध तरीके से वितरण हो रहा है। पोर्टल पर मोबाइल अलर्ट सेट करें ताकि अपडेट तुरंत मिले। इस तरह आपका सपनों का पक्का घर जल्द बनकर तैयार हो जाएगा।















