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PM Vishwakarma Yojana: क्या है यह योजना? फ्री ट्रेनिंग के साथ ₹15,000 का लाभ, आज ही जान लें पूरी डिटेल

पीएम विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों के लिए वरदान! 17 सितंबर 2023 से शुरू, फ्री ट्रेनिंग, ₹500 दैनिक स्टाइपेंड, ₹15,000 टूलकिट और 5% ब्याज पर ₹3 लाख तक बिना गारंटी लोन। 18 ट्रेड्स जैसे सुथार, लोहार, दर्जी पात्र। pmvishwakarma.gov.in पर आज अप्लाई करें- आत्मनिर्भर बनें!

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PM Vishwakarma Yojana: क्या है यह योजना? फ्री ट्रेनिंग के साथ ₹15,000 का लाभ, आज ही जान लें पूरी डिटेल

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी PM Vishwakarma Yojana पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए वरदान साबित हो रही है। 17 सितंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर लॉन्च की गई यह योजना 2027-28 तक चलेगी। 13,000 करोड़ रुपये के बजट वाली इस स्कीम का लक्ष्य देश के 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लाखों कारीगरों को आधुनिक स्किल्स, सस्ते लोन और मार्केटिंग सपोर्ट देकर आत्मनिर्भर बनाना है। ऊपर दी गई जानकारी और गहन रिसर्च के आधार पर हम आपको इसकी पूरी डिटेल बता रहे हैं, ताकि कोई इच्छुक कारीगर पीछे न रहे।

योजना का उद्देश्य और पात्रता

पीएम विश्वकर्मा योजना का मूल मकसद उन कारीगरों को सशक्त बनाना है, जो पीढ़ियों से हाथ के हुनर पर निर्भर हैं। इसमें 18 विशिष्ट व्यवसाय शामिल हैं: सुथार (कारपेंटर), लोहार (ब्लैकस्मिथ), सुनार (गोल्डस्मिथ), कुम्हार (पॉट्टर), दर्जी (टेलर), मोची (कोबलर), नाई (बार्बर), राजमिस्त्री (मेसन), चित्रकार (पेंटर), भांड बनानेवाला (कोपरस्मिथ), कढ़ाई करने वाला (एम्ब्रॉयडरर), स्टोन ब्रेकर, चर्मकार (लेदर वर्कर), मछली पकड़ने वाले जाल बुनकर, तांबई बर्तन बनाने वाले, जालीदार खिड़की बनाने वाले, बांस से सामान बनाने वाले और धातु की घंटी बनाने वाले। हां, ये वे 18 ट्रेड्स हैं, जिनकी डिमांड हमेशा बनी रहती है।

पात्रता सरल है: आवेदक की उम्र 18 से 65 वर्ष होनी चाहिए। वह 1 सितंबर 2023 से पहले से इनमें से किसी ट्रेड में सक्रिय हो। परिवार का केवल एक सदस्य लाभ ले सकता है। महत्वपूर्ण शर्त- पिछले 5 वर्षों में PMEGP, PM SVANidhi या MUDRA जैसी अन्य स्वरोजगार योजनाओं का लाभ न लिया हो। SC/ST, महिलाओं और दिव्यांगों को प्राथमिकता मिलती है। आधार, बैंक अकाउंट और ट्रेड से जुड़े प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेज पर्याप्त हैं।

आकर्षक लाभ: ट्रेनिंग से लोन तक

योजना के लाभ चरणबद्ध हैं, जो कारीगर को स्टेप बाय स्टेप मजबूत बनाते हैं। सबसे पहले फ्री ट्रेनिंग: 5-7 दिनों की बेसिक ट्रेनिंग और 15+ दिनों की एडवांस ट्रेनिंग, जिसमें रोज ₹500 का स्टाइपेंड डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से मिलता है। ट्रेनिंग के बाद स्किल असेसमेंट होता है, जिसके सफल होने पर ₹15,000 का ई-वाउचर आधुनिक टूलकिट (उपकरण) खरीदने के लिए दिया जाता है। यह टूलकिट कारीगर की उत्पादकता दोगुनी कर देगा।

लोन का प्रावधान सबसे क्रांतिकारी है। बिना गारंटी और मात्र 5% ब्याज पर पहले चरण में ₹1 लाख (18 महीने की EMI) और दूसरे चरण में ₹2 लाख अतिरिक्त (30 महीने) कुल ₹3 लाख तक का लोन। तीसरा चरण ₹10 लाख तक का है, लेकिन इसके लिए प्रदर्शन आधारित होगा। डिजिटल ट्रांजेक्शन पर ₹1 प्रति ट्रांजेक्शन का इंसेंटिव भी है। अन्य लाभों में पीएम विश्वकर्मा सर्टिफिकेट-ID कार्ड, मार्केटिंग सहायता, GI टैग प्रमोशन और इंश्योरेंस कवर शामिल हैं। 2026 तक लाखों कारीगरों को लाभ मिल चुका है, और ट्रेनिंग पेमेंट DBT से नियमित आ रहे हैं।

आवेदन प्रक्रिया

आवेदन दो तरीकों से: CSC सेंटर पर जाकर या pmvishwakarma.gov.in पर ऑनलाइन। रजिस्ट्रेशन में आधार/मोबाइल से OTP वेरिफाई करें, फॉर्म भरें, ट्रेड चुनें, फोटो-दस्तावेज अपलोड करें। CSC से फ्री मदद मिलेगी। स्टेटस चेक के लिए लॉगिन करें। हेल्पलाइन 1800-833-1666 पर कॉल करें। यह योजना ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सशक्त स्तंभ है। अगर आप या आपके जानने वाले कारीगर हैं, तो आज ही अप्लाई करें। देरी से अवसर हाथ से निकल सकता है!

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info@gurukulbharti.in

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