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PM Vishwakarma Yojana: ₹3 लाख का लोन और ₹500 रोज का स्टाइपेंड! आज ही भरें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म।

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम विश्वकर्मा योजना' (PM Vishwakarma Yojana) देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए वरदान साबित हो रही है, इस योजना के जरिए न केवल हुनर को नई पहचान मिल रही है, बल्कि कारोबार शुरू करने के लिए बेहद सस्ती दरों पर लोन भी उपलब्ध कराया जा रहा है, पीएम विश्वकर्मा पोर्टल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, लाखों की संख्या में कारीगर इस आत्मनिर्भर पहल का हिस्सा बन रहे हैं

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PM Vishwakarma Yojana: ₹3 लाख का लोन और ₹500 रोज का स्टाइपेंड! आज ही भरें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म।
PM Vishwakarma Yojana: ₹3 लाख का लोन और ₹500 रोज का स्टाइपेंड! आज ही भरें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म।

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ (PM Vishwakarma Yojana) देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए वरदान साबित हो रही है, इस योजना के जरिए न केवल हुनर को नई पहचान मिल रही है, बल्कि कारोबार शुरु करने के लिए बेहद सस्ती दरों पर लोन भी उपलब्ध कराया जा रहा है, पीएम विश्वकर्मा पोर्टल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, लाखों की संख्या में कारीगर इस आत्मनिर्भर पहल का हिस्सा बन रहे हैं। 

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योजना के मुख्य आकर्षण: क्या है खास?

इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करना है, इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं: 

  • कारीगरों को बिना किसी गारंटी के (Collateral-free) ₹3 लाख तक का ऋण प्रदान किया जाता है। यह ऋण दो चरणों में मिलता है: पहले चरण में ₹1 लाख और दूसरे चरण में ₹2 लाख।
  • इस लोन पर ब्याज की दर केवल 5% है, जो बाजार दरों के मुकाबले काफी कम है।
  • लाभार्थियों को कौशल विकास के लिए मुफ्त ट्रेनिंग दी जाती है और ट्रेनिंग के दौरान ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड (भत्ता) भी मिलता है।
  •  आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए सरकार की ओर से ₹15,000 की ई-वाउचर सहायता प्रदान की जाती है।
  • सफल पंजीकरण और ट्रेनिंग के बाद, लाभार्थियों को PM Vishwakarma Certificate और पहचान पत्र मिलता है, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिलती है। 

किसे मिलेगा लाभ? (पात्रता)

योजना के दायरे में लोहार, सुनार, कुम्हार, बढ़ई, दर्जी, मोची, राजमिस्त्री और खिलौना बनाने वाले जैसे 18 पारंपरिक ट्रेड्स को शामिल किया गया है, आवेदन के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए और परिवार का केवल एक सदस्य ही इसका लाभ ले सकता है, सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को इस योजना से बाहर रखा गया है। 

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आवेदन की प्रक्रिया: ऐसे भरें ऑनलाइन फॉर्म 

इच्छुक कारीगर आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं, पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेज अनिवार्य हैं, चूंकि इसमें बायोमेट्रिक सत्यापन आवश्यक है, इसलिए आप अपने नजदीकी Common Service Centre (CSC) पर जाकर भी आसानी से आवेदन पूरा करवा सकते हैं। 

पीएम विश्वकर्मा योजना न केवल आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही है, बल्कि पारंपरिक शिल्पकला को आधुनिक तकनीक से जोड़कर ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान को भी नई गति दे रही है, यदि आप भी इन 18 ट्रेडों में से किसी एक से जुड़े हैं, तो आज ही अपना रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें। 

PM Vishwakarma Yojana
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info@gurukulbharti.in

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