दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा को नया आयाम दिया है। दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ने पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड शुरू कर गुलाबी टिकट व्यवस्था को अलविदा कह दिया है। 1 अप्रैल 2026 के बाद पुरानी गुलाबी टिकट काम नहीं करेगी। बिना इस नए कार्ड के फ्री सफर संभव नहीं रहेगा। यह कदम यात्रा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, भीड़ कम करने और दुरुपयोग रोकने के लिए उठाया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यह पहल महिलाओं को ज्यादा सुविधा देगी, लेकिन लाखों को जल्द कार्ड बनवाना पड़ेगा।

Table of Contents
पुरानी व्यवस्था का अंत क्यों?
2019 से चल रही गुलाबी टिकट योजना ने रोजाना लाखों महिलाओं को DTC और क्लस्टर बसों में राहत दी। हर माह करीब दो करोड़ यात्री इसका फायदा उठाते थे। लेकिन कंडक्टरों द्वारा टिकट बांटने में गड़बड़ी, नकली टिकटों का चलन और लंबी कतारें बड़ी समस्या बनी रहीं। इन कमियों को दूर करने के लिए स्मार्ट कार्ड तकनीक अपनाई गई। यह नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड पर आधारित है। कार्ड में RFID चिप लगी है, जो बस कंडक्टर की इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन पर छूने मात्र से सक्रिय हो जाती है। इसमें धारक का नाम, फोटो और यात्रा डेटा दर्ज रहता है। इससे सिस्टम ट्रैक करने लायक हो गया है। आने वाले समय में मेट्रो या अन्य रेल सेवाओं में भी इसका इस्तेमाल बढ़ सकता है।
कौन ले सकता है कार्ड?
दिल्ली की मूल निवासी महिलाएं और ट्रांसजेंडर लोग इसके हकदार हैं। उम्र सीमा मुख्यतः 12 साल से ऊपर रखी गई है। आधार कार्ड में दिल्ली का स्थायी पता होना जरूरी है, या फिर वोटर पहचान पत्र काम करेगा। एक व्यक्ति को सिर्फ एक ही कार्ड जारी होगा। इससे दुरुपयोग की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। राजधानी की लगभग डेढ़ करोड़ महिलाओं को यह योजना सीधा लाभ देगी। खासकर निम्न आय वर्ग और कामकाजी महिलाओं के लिए यह वरदान साबित होगी। छोटी उम्र की लड़कियों के नियमों पर अभी स्पष्टता की जरूरत है, जिसे जल्द ही आधिकारिक घोषणा से दूर किया जाएगा।
कार्ड कैसे बनवाएं, पूरा तरीका
प्रक्रिया को आसान रखा गया है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन DTC की मुख्य वेबसाइट या दिल्ली ट्रांसपोर्ट पोर्टल से करें। अपना नाम, आधार नंबर, फोन नंबर, फोटो और पता प्रमाण अपलोड करें। आधार आधारित e-KYC पूरा होने पर SMS से संदर्भ संख्या मिलेगी। कार्ड कुछ दिनों में घर पहुंच जाएगा। अगर ऑनलाइन संभव न हो, तो डिप्टी कमिश्नर कार्यालय, DTC डिपो या नामित केंद्रों पर जाएं। वहां आधार दिखाकर फॉर्म भरें। पासपोर्ट साइज फोटो और पहचान पत्र साथ ले जाएं। पूरी प्रक्रिया मुफ्त है और सात से दस दिन में कार्ड मिल जाता है। विशेष वेबसाइट भी स्टेटस चेक की सुविधा देती है।
कब से लागू होगा नया नियम?
पहले कई तारीखें चर्चा में रहीं, लेकिन अब पक्का है कि 1 अप्रैल 2026 से गुलाबी टिकट पूरी तरह बंद। मार्च 2026 के प्रारंभ में इसकी शुरुआत हो चुकी है। सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं का सफर सुरक्षित और तेज होगा। यात्रा डेटा से बस सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों या कम पढ़ी-लिखी महिलाओं के लिए चुनौतियां हो सकती हैं। इसलिए हेल्पलाइन नंबर और जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं।
महिलाओं के लिए नया दौर
यह बदलाव दिल्ली के परिवहन तंत्र को आधुनिक रूप देगा। कतारें कम होंगी, समय बचेगा और सुरक्षा बढ़ेगी। सभी महिलाओं से अपील है कि आधिकारिक चैनलों से जानकारी लें। समय रहते कार्ड बनवा लें, ताकि अप्रैल से कोई असुविधा न हो। यह योजना न सिर्फ यात्रा आसान बनाएगी, बल्कि डिजिटल भारत को मजबूत करेगी।
















