हरियाणा सरकार ने गरीब परिवारों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब परिवार पहचान पत्र के जरिए BPL राशन कार्ड बिना किसी आवेदन के अपने आप बनने लगेगा। यह व्यवस्था राज्य के लाखों जरूरतमंद लोगों को सस्ता अनाज उपलब्ध कराने में मदद करेगी। पहले इस प्रक्रिया में कई परेशानियां होती थीं, लेकिन अब सब कुछ सरल और तेज हो गया है।

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योजना की पूरी जानकारी!
यह नई व्यवस्था परिवार पहचान पत्र पर टिकी है। हर परिवार को एक खास पहचान संख्या मिलती है, जिसमें आय और अन्य जानकारियां दर्ज होती हैं। अगर परिवार की सालाना कमाई एक लाख अस्सी हजार रुपये से कम है, तो सिस्टम उसे गरीबी रेखा के नीचे मान लेता है। इसके बाद राशन कार्ड सीधे जारी हो जाता है। यह बदलाव राज्य भर में लागू हो चुका है और हर महीने सैकड़ों नए कार्ड बन रहे हैं। आय बढ़ने पर कार्ड खुद बंद भी हो जाता है, जिससे सही लोगों को ही लाभ मिले।
पहले की परेशानियां खत्म
पहले लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। लंबे फॉर्म भरने, कागजात जमा करने और महीनों इंतजार करने की मजबूरी थी। कई बार कार्ड न मिलने से सस्ता गेहूं और चावल लेना मुश्किल हो जाता था। अब यह झंझट पूरी तरह दूर है। ग्रामीण इलाकों के किसान, मजदूर और छोटे परिवारों को सबसे ज्यादा राहत मिली है। राज्य के सभी जिलों में राशन की दुकानों पर अब आसानी से दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल मिल रहा है।
आवेदन प्रक्रिया कैसे होगी?
- सबसे पहले परिवार पहचान पत्र की वेबसाइट या ऐप पर जाएं।
- अपनी पहचान संख्या डालकर परिवार की डिटेल्स चेक करें।
- अगर आय मानदंड पूरा हो रहा है, तो कार्ड 7 से 10 दिनों में अपने आप बन जाएगा।
- कोई फॉर्म या कागजात जमा करने की जरूरत नहीं।
- स्थिति जानने के लिए उसी पोर्टल पर दोबारा देखें।
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पारदर्शिता में इजाफा
इस डिजिटल सिस्टम से भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हो गई है। सभी जानकारियां ऑनलाइन जुड़ी हुई हैं, इसलिए गलती की संभावना न के बराबर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम देश के अन्य राज्यों के लिए मिसाल बनेगा। गरीबी रेखा के नीचे आने वाले परिवार अब बिना देरी के सरकारी योजनाओं का फायदा उठा सकेंगे। हालांकि, गांवों में इंटरनेट और जागरूकता की कमी अभी चुनौती है। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
भविष्य की संभावनाएं
अगले चरण में यह सिस्टम अन्य सरकारी मदद जैसे मुफ्त गैस कनेक्शन और स्वास्थ्य बीमा से जुड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हर घर तक सही सहायता पहुंचेगी। यह व्यवस्था न केवल समय बचाएगी, बल्कि जरूरतमंदों का भरोसा भी बढ़ाएगी। हरियाणा अब डिजिटल सुशासन का नया उदाहरण पेश कर रहा है। गरीब परिवारों के चेहरों पर खुशी लौट आई है।
















