
हाईवे पर सफर करने वाले लाखों ड्राइवरों के लिए केंद्र सरकार ने टोल टैक्स को लेकर खुशखबरी दी है। NHAI के नए नियम से आधे-अधूरे नेशनल एक्सप्रेसवे पर पूरा टोल शुल्क नहीं देना पड़ेगा। अब सिर्फ खुले हिस्से के लिए सामान्य नेशनल हाईवे दर लागू होगी, जो पहले लगने वाली 25% ऊंची एक्सप्रेसवे फीस से काफी कम है। यह बदलाव राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण और वसग्रह) नियम, 2008 में संशोधन से आया है और 15 फरवरी 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएगा। एक साल तक या एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू होने तक यह राहत मिलेगी।
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नया नियम क्या बदलेगा? पूरी डिटेल
पहले एक्सप्रेसवे पर एक्सेस कंट्रोल्ड, तेज और सुगम सफर के नाम पर नेशनल हाईवे से 25% ज्यादा टोल वसूला जाता था – भले ही सड़क पूरी बनी न हो। अब अगर एक्सप्रेसवे एंड-टू-एंड चालू नहीं है, तो केवल तैयार हिस्से पर ही टोल लगेगा और वो भी हाईवे की सामान्य दर से। उदाहरण के तौर पर, दिल्ली-मुंबई या कानपुर-लखनऊ जैसे आंशिक चालू एक्सप्रेसवे पर सफर सस्ता हो जाएगा।
सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार, यह कदम यात्रियों की जेब हल्की करने के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर उपयोग बढ़ाने का है। अधूरे हिस्सों पर भी दो-लेन से चार-लेन निर्माण वाले सेक्शन पर 70% तक छूट मिल सकती है। FASTag यूजर्स को ऑटो डिडक्ट में तुरंत फायदा दिखेगा।
यात्रियों और लॉजिस्टिक्स को कितना फायदा?
ट्रक, बस ऑपरेटरों और आम कार चालकों को परिवहन लागत में 20-30% तक कमी आएगी। सरकार का अनुमान है कि इससे लोग अधूरे लेकिन सुरक्षित एक्सप्रेसवे हिस्सों का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे। पुराने नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक कम होगा, जिससे जाम घटेगा, सफर तेज होगा और प्रदूषण में कमी आएगी। NHAI ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, “यात्रा ज्यादा किफायती और सुगम बनेगी।” दिल्ली से गुजरात तक के व्यस्त रूट्स पर असर पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह FDI और प्रोजेक्ट फंडिंग को बूस्ट देगा, क्योंकि कम टोल से टोल प्लाजा रेवेन्यू प्रभावित नहीं होगा। हालांकि, पूरी तरह चालू एक्सप्रेसवे पर ऊंची दर यथावत रहेगी।
कैसे चेक करें और कब लागू होगा?
15 फरवरी 2026 से सभी टोल प्लाजा पर लागू। NHAI ऐप, nhai.gov.in या MyFASTag ऐप से रूट-विशिष्ट टोल कैलकुलेटर चेक करें। निर्माणाधीन हाईवे पर भी छूट: चार-लेन से छह/आठ-लेन पर 25% कम। दो टोल प्लाजा के बीच 60 किमी न्यूनतम दूरी का पुराना नियम भी जारी। सैनिकों-पूर्व सैनिकों को अतिरिक्त छूट की खबरें हैं, लेकिन मुख्य बदलाव यही है। यदि बकाया टोल है, तो वाहन सर्विस प्रभावित हो सकती है। MoRTH ने राजपत्र अधिसूचना जारी कर दी है।
क्यों जरूरी था यह बदलाव?
भारत में 50,000+ किमी हाईवे विस्तार के बीच कई एक्सप्रेसवे आंशिक चालू हैं। ज्यादा टोल से लोग पुराने रूट चुनते थे, जिससे नई सड़कों का फायदा नहीं मिलता। अब लॉजिस्टिक्स कॉस्ट कम होने से अर्थव्यवस्था को बूस्ट। ऑटो सेक्टर विशेषज्ञों ने इसे “गेम चेंजर” बताया। अन्य राज्य हाईवे पर भी विचार चल रहा। यात्रियों की सलाह: GPS ऐप्स अपडेट रखें, टोल बचत का लाभ लें।
टोल राहत से हाईवे सफर सस्ता-सुगम! अधिक जानकारी के लिए NHAI हेल्पलाइन 1033 पर कॉल करें या वेबसाइट चेक करें। जेब खुशी से भरी रहेगी!
















