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Toll Free Flow: टोल पर खत्म होगा जाम! मैसूरु-बेंगलुरु हाईवे पर नया ‘ANPR’ सिस्टम लॉन्च; अब बिना रुके सीधे FASTag से कटेगा टैक्स।

मैसूर-बेंगलुरु हाईवे पर टोल जाम खत्म! NHAI जून 2026 से MLFF सिस्टम ला रहा है। GPS, RFID FASTag और ANPR कैमरों वाली ओवरहेड गैंट्री से बिना रुके टोल कटेगा। वीकेंड जाम bye-bye, तेज सफर guaranteed। गुजरात मॉडल पर आधारित, 95% सफल। अब स्पीड से दौड़ें!

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Toll Free Flow: टोल पर खत्म होगा जाम! मैसूरु-बेंगलुरु हाईवे पर नया 'ANPR' सिस्टम लॉन्च; अब बिना रुके सीधे FASTag से कटेगा टैक्स।

अगर आप मैसूर से बेंगलुरु जाते हैं या लौटते हैं, तो टोल प्लाजा पर घंटों लाइन में खड़े होने की पुरानी यादें जल्द ही भूल जाएंगी। कल्पना कीजिए, तेज रफ्तार से हाईवे पार करते हुए बिना रुके टोल कट जाए – ये सपना अब हकीकत बनने वाला है। नेशनल हाईवे 275 पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम लगा रही है। जून 2026 तक ये पूरी तरह चालू हो जाएगा। रोज हजारों गाड़ियां इस रूट पर दौड़ती हैं, और वीकेंड पर तो तीन टोल प्लाजा पर 2 किलोमीटर लंबा जाम आम बात है। लेकिन अब सब बदलने वाला है!

पुरानी परेशानी का अंत

सोचिए, छुट्टी मनाने निकले हैं, फैमिली के साथ मस्ती कर रहे हैं, अचानक टोल बूथ पर लंबी कतार। गुस्सा आता है न? NHAI ने इसी दर्द को समझा है। MLFF सिस्टम पुराने बैरियर वाले टोल को अलविदा कहेगा। यहां ओवरहेड गैंट्री लगेंगी, जो सैटेलाइट GPS, हाई-स्पीड RFID FASTag रीडर और ANPR कैमरों से लैस होंगी। गाड़ी नॉर्मल स्पीड से गुजरेगी, सिस्टम खुद पहचान लेगा और FASTag से पैसे काट लेगा। न रुकना, न धीमा होना – बस फ्री फ्लो! गुजरात के NH-48 पर ये सिस्टम पहले से चल रहा है, जहां 95% सफलता दर मिली है। मैसूर-बेंगलुरु पर भी यही मॉडल अपनाया जा रहा है।

GPS से लेकर ANPR तक

ये सिस्टम कितना स्मार्ट है, बताता हूं। हर गैंट्री पर दो ANPR कैमरे होंगे जो नंबर प्लेट स्कैन करेंगे, दो RFID रीडर FASTag पढ़ेंगे, और GPS ट्रैकर लोकेशन पक्का करेगा। सब कुछ रियल-टाइम में बैकएंड सॉफ्टवेयर से जुड़ेगा। गाड़ी गुजरेगी, 2-3 सेकंड में ट्रांजेक्शन हो जाएगा। इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड प्रोजेक्ट संभाल रही है। मौजूदा टोल प्लाजा से थोड़ा पहले गैंट्री लगेंगी, ताकि ट्रैफिक फ्लो कभी न रुके। NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मिलिंद वाबले कहते हैं, “प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जून तक सब सेट हो जाएगा।” ये बदलाव न सिर्फ समय बचाएगा, बल्कि ईंधन और प्रदूषण भी कम करेगा।

ड्राइवर्स को क्या फायदा?

सबसे बड़ा प्लस पॉइंट – अब वीकेंड पर जाम की टेंशन खत्म। सुबह मैसूर से निकले, दोपहर तक बेंगलुरु पहुंचे। छोटे व्यापारी, स्टूडेंट्स, टूरिस्ट्स – सबको फायदा। FASTag पहले से आपके पास है न? बस बैलेंस चेक रखें। अगर FASTag न हो या बैलेंस कम हो, तो ANPR नंबर से लिंक होकर बाद में चार्ज होगा। सिस्टम इतना सटीक है कि गलती की गुंजाइश न के बराबर। हाईवे पर रोज 50,000 से ज्यादा वाहन गुजरते हैं, और लंबी छुट्टियों में दोगुना। MLFF से ट्रैफिक 30-40% तेज होगा। प्लस, सुरक्षा बढ़ेगी क्योंकि रुकावटें कम होंगी।

कब से शुरू? जून 2026 में धमाल

काम जोरों पर है। फरवरी 2026 में गैंट्री लगानी शुरू हो चुकी हैं। जून तक टेस्टिंग के बाद फुल लॉन्च। तब तक पुराने टोल चलेंगे, लेकिन धीरे-धीरे शिफ्ट होगा। NHAI ऐप से आप रियल-टाइम ट्रांजेक्शन चेक कर सकेंगे। अगर कहीं दिक्कत हो, हेल्पलाइन पर कॉल करें। ये सिस्टम पूरे देश में फैलेगा – दिल्ली-मेरठ, चेन्नई-बेंगलुरु जैसे रूट्स पर भी। मैसूर-बेंगलुरु पहले में शामिल है, तो गर्व की बात है।

भविष्य का हाईवे

ये बदलाव सिर्फ टोल का नहीं, बल्कि पूरे ट्रैवल एक्सपीरियंस का गेम-चेंजर है। कंजेशन कम होगा, इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा। ड्राइवर्स को लगेगा जैसे हाईवे उनका अपना है। अगर आप इस रूट पर चलते हैं, तो तैयार हो जाइए – जून से स्पीड बढ़ाने का टाइम आ गया! NHAI का ये कदम साबित करता है कि टेक्नोलॉजी से रोजमर्रा की जिंदगी कितनी आसान हो सकती है। अब इंतजार ही बाकी है।

Author
info@gurukulbharti.in

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