
केंद्र सरकार की पीएम कुसुम (PM-KUSUM) योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत किसान कुल लागत का मात्र 10% देकर 2 HP से 15 HP तक के सोलर पंप लगवा सकते हैं, जबकि 90% तक सब्सिडी सरकार वहन करती है। मार्च 2026 तक 34,800 MW सोलर क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें ₹34,422 करोड़ की केंद्रीय सहायता शामिल है।
योजना का मुख्य उद्देश्य डीजल और बिजली पर निर्भरता कम करना है। सोलर पंप लगने के बाद सिंचाई का खर्च शून्य हो जाता है, जिससे हर साल हजारों रुपये की बचत होती है। अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर किसान कमाई भी कर सकते हैं। नवंबर 2025 तक 10,203 MW स्थापित हो चुके हैं और ₹7,106 करोड़ जारी किए गए।
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सब्सिडी का सरल गणित
सोलर पंप की कुल लागत का वितरण पारदर्शी है: किसान 10% खुद देते हैं। केंद्र सरकार 30%, राज्य सरकार 30-60% (राज्यवार भिन्न) और शेष 30% बैंक लोन पर। उदाहरणस्वरूप, 5 HP पंप की ₹4-5 लाख लागत पर किसान सिर्फ ₹40-50 हजार चुकाते हैं। उत्तर-पूर्वी राज्यों में विशेष 50% CFA (₹1.75 Cr/MW तक)। योजना के तीन घटक हैं: कंपोनेंट A (ग्रिड-संबद्ध प्लांट), B (स्टैंडअलोन पंप), C (ग्रिड पंप सोलराइजेशन)।
पात्रता और दस्तावेज
किसी भी भारतीय किसान के लिए खुली है, बशर्ते कृषि भूमि और जल स्रोत (बोरवेल/कुआं) हो। आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, भूमि कागजात (खसरा-खतौनी), बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, फोटो और किसान कार्ड। डीजल पंप वाले ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों को प्राथमिकता।
आवेदन: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
- ऑफिशियल पोर्टल pmkusum.mnre.gov.in पर जाएं।
- राज्य चुनें (जैसे UP के लिए UPNEDA)।
- नया आवेदन भरें: नाम, जिला, आधार e-KYC, बैंक विवरण, खसरा।
- टोकन मनी जमा करें (UP में ₹5,000 जैसी)।
- सत्यापन के 120 दिनों में पंप लग जाता है। SMS से अपडेट मिलते हैं।
फर्जी साइट्स से सावधान! केवल .gov.in पोर्टल इस्तेमाल करें।
राज्यवार प्रगति और अपडेट
राजस्थान में 247 MW लक्ष्य पर 85 MW स्थापित। UP में 1 लाख+ आवेदन, 66,558 स्वीकृत। बिहार में 1.4 लाख पंप लक्ष्य। योजना डिमांड-ड्रिवन है, कोई फिक्स्ड अंतिम तिथि नहीं- चल रही है। बरेली (UP) में देरी से रैंक गिरी, DM ने निर्देश दिए। PM-KUSUM से किसान ‘उर्जादाता’ बन रहे हैं। दिल्ली के सोलर डुकान जैसे किसान इसे अपनाकर आत्मनिर्भर हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए राज्य नोडल एजेंसी से संपर्क करें।
















