
उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के तहत स्प्रे पंप पर भारी सब्सिडी की घोषणा की है। छोटे व सीमांत किसानों के लिए बैटरी और पावर स्प्रेयर पर 50% से 100% तक का अनुदान उपलब्ध है, जबकि सोलर आधारित पंपों पर पूर्ण सब्सिडी का प्रावधान है। यह योजना न केवल खेती को आधुनिक बनाएगी, बल्कि श्रम लागत घटाकर किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। हाल ही में जनवरी 2026 में सक्रिय हुई यह प्रक्रिया अभी भी जारी है, जिसका लाभ लाखों किसान उठा सकते हैं।
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योजना का विस्तृत विवरण
उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के अंतर्गत नेपसेक स्प्रेयर, पावर स्प्रेयर और बैटरी चालित मशीनों पर सब्सिडी 50% से 80% के बीच तय है, जो विशेष वर्गों के लिए 100% तक पहुंच जाती है। सोलर स्प्रे पंप जैसी पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों पर केंद्र व राज्य सरकार संयुक्त रूप से पूर्ण अनुदान दे रही हैं। इसके अलावा, रोटावेटर व अन्य बड़े यंत्रों पर 40-50% सब्सिडी (अधिकतम 50,000 रुपये तक) उपलब्ध है। यह सब्सिडी DBT के माध्यम से सीधे किसान के बैंक खाते में हस्तांतरित होती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक हाथ के पंपों को बदलकर समय, श्रम व दवा की बचत सुनिश्चित करना है। एक एकड़ खेत में छिड़काव का काम अब घंटों के बजाय मिनटों में पूरा हो जाएगा, जिससे फसल सुरक्षा बढ़ेगी और उत्पादन में 20-30% की वृद्धि संभव है। उत्तर प्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्य में, जहां गन्ना, गेहूं व धान प्रमुख फसलें हैं, यह मशीनें कीटनाशक छिड़काव को प्रभावी बनाएंगी।
पात्रता व दस्तावेज
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी किसान होना चाहिए। UP Agriculture Portal पर पंजीकरण अनिवार्य है, जिसमें लघु-सीमांत किसान, महिला किसान व SC/ST वर्ग को प्राथमिकता मिलेगी। आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड (मोबाइल लिंक्ड), जमीन के कागज (खतौनी), बैंक पासबुक व जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू) शामिल हैं। पहले ऐसी मशीन न खरीदे गए किसानों को प्राथमिकता दी जाती है।
आवेदन की आसान प्रक्रिया
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है। सबसे पहले https://agrimachinery.nic.in/ या UP Agriculture Portal पर लॉगिन करें। ‘अनुदान पर कृषि यंत्रों हेतु बुकिंग करें’ विकल्प चुनकर स्प्रे पंप सिलेक्ट करें। कुछ मामलों में मामूली जमानत राशि जमा करनी पड़ सकती है, जिसके बाद टोकन जारी हो जाएगा। टोकन मिलने पर अधिकृत डीलर से मशीन खरीदें। भौतिक सत्यापन के बाद सब्सिडी राशि DBT से खाते में आ जाएगी। जिला स्तर पर कृषि कार्यालयों में ऑफलाइन सहायता भी उपलब्ध है। नोट: आवेदन खिड़की समय-समय पर खुलती है; वर्तमान में कई जिलों में बुकिंग सक्रिय है। अपने जिले की स्थिति जांचने के लिए स्थानीय कृषि विभाग से संपर्क करें।
भविष्य की संभावनाएं
यह योजना उत्तर प्रदेश के 2.5 करोड़ से अधिक किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। पश्चिमी UP के बागपत व मेरठ जैसे जिलों में पहले ही हजारों किसान लाभान्वित हो चुके हैं, जहां स्प्रे पंप ने मजदूरी खर्च 70% तक घटा दिया। सरकार का लक्ष्य 2026-27 तक सभी लघु किसानों को आधुनिक यंत्र उपलब्ध कराना है। भविष्य में ड्रोन स्प्रेयर जैसी तकनीकों को शामिल करने की योजना है, जो खेती को और क्रांतिकारी बनाएगी।
किसान भाइयों, यह सुनहरा अवसर हाथ से न जाने दें। तुरंत पोर्टल पर जाकर आवेदन करें और अपनी खेती को मजबूत बनाएं। अधिक जानकारी के लिए जिला कृषि कार्यालय या हेल्पलाइन 1800-180-1551 पर संपर्क करें।
















