उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में क्रांतिकारी बदलाव किया है। पहले जहां बेटियों को कुल 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया है। यह सहायता बेटी के जन्म से लेकर स्नातक या डिप्लोमा स्तर तक छह चरणों में सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित होगी। 2019 में शुरू हुई यह योजना अब तक लाखों परिवारों का सहारा बनी हुई है और 2024-25 वित्तीय वर्ष से नई राशि लागू हो चुकी है।

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योजना का उद्देश्य और महत्व
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का मुख्य लक्ष्य बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को मजबूती देना है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों में लड़कियों की शिक्षा और स्वास्थ्य को प्रोत्साहन देने के लिए डिजाइन की गई यह योजना लिंगानुपात सुधारने तथा स्कूल ड्रॉपआउट दर कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसे जीरो पॉवर्टी कार्यक्रम से जोड़कर गरीब परिवारों को प्राथमिकता दी है। अब तक 26 लाख से अधिक बेटियां इससे लाभान्वित हो चुकी हैं, जो उत्तर प्रदेश के सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम है। योजना पारदर्शिता के साथ डीबीटी सिस्टम से चलाई जा रही है, जिससे भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं रहती।
पात्रता के नए मानदंड
इस योजना का लाभ लेने के लिए परिवार उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए और उसकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। अधिकतम दो बेटियों को लाभ मिलेगा, हालांकि जुड़वां बेटियों के मामले में तीन तक की पात्रता है। बेटी का जन्म 1 अप्रैल 2019 या उसके बाद होना अनिवार्य है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेज जरूरी हैं। गलत जानकारी देने पर आवेदन रद्द हो सकता है, इसलिए सटीक विवरण भरना महत्वपूर्ण है। विशेष अभियान के तहत गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को चिह्नित किया जा रहा है।
सहायता राशि का चरणबद्ध वितरण
सहायता राशि छह माइलस्टोन पर आधारित है। पहला चरण बेटी के जन्म पर 5,000 रुपये है। दूसरा चरण एक वर्ष की आयु तक पूर्ण टीकाकरण पर 2,000 रुपये। तीसरा चरण कक्षा एक में प्रवेश पर 3,000 रुपये, चौथा कक्षा छह में प्रवेश पर 3,000 रुपये। पांचवां चरण कक्षा नौ में प्रवेश पर 5,000 रुपये और अंतिम चरण 12वीं पास करने या स्नातक तथा दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश पर 7,000 रुपये मिलेंगे। प्रत्येक चरण की सत्यापन के बाद ही राशि जारी होती है, जो योजना की प्रभावशीलता सुनिश्चित करती है। कुल 25,000 रुपये से बेटियों की पढ़ाई का खर्च आसान हो जाता है।
आसान आवेदन प्रक्रिया
आवेदन आधिकारिक वेबसाइट mksy.up.gov.in पर ऑनलाइन किया जा सकता है। सबसे पहले नया पंजीकरण चुनें, मोबाइल नंबर और कैप्चा डालकर फॉर्म भरें। आवश्यक दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें और सबमिट करें। आवेदन स्थिति मेरा आवेदन सेक्शन में चेक करें, साथ ही एसएमएस अलर्ट भी प्राप्त होंगे। डिजिटल प्रक्रिया से कागजी घमासान खत्म हो गया है और प्रक्रिया तेज हो गई है। जागरूकता अभियान के तहत ग्राम पंचायतों और स्कूलों में कैंप लगाए जा रहे हैं।
समाज पर प्रभाव
यह योजना न केवल आर्थिक सहायता देती है बल्कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाती है। योगी सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश को बेटा-बेटी में भेदभाव रहित राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। गरीब परिवारों के लिए वरदान बनी यह स्कीम पूरे देश के लिए प्रेरणा है। अधिक से अधिक पात्र परिवारों को लाभ मिले, इसके लिए जागरूकता जरूरी है।
















