
अगर आप सैलरीड क्लास, बिजनेसमैन या फ्रीलांसर हैं और हर साल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के ड्राफ्ट रूल्स जारी किए हैं, जिसमें 1 अप्रैल 2026 से पुराने फेमस फॉर्म्स जैसे Form 16, 26AS, 16A समेत कई फॉर्म्स के नंबर बदल दिए जाएंगे। यह बदलाव टैक्स सिस्टम को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, लेकिन शुरुआत में टैक्सपेयर्स को थोड़ा कन्फ्यूजन हो सकता है।
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ड्राफ्ट रूल्स का बैकग्राउंड
नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 पुराने 1961 एक्ट को रिप्लेस करेगा, जिसमें सेक्शन्स की संख्या 819 से घटाकर 536 और चैप्टर्स 47 से घटाकर 23 कर दी गई है। फॉर्म्स की संख्या भी 399 से घटकर 190 हो गई है। CBDT ने 7 फरवरी 2026 को ड्राफ्ट रूल्स पब्लिक कमेंट्स के लिए जारी किए, जिसमें स्टेकहोल्डर्स से फीडबैक मांगा गया है। संसद के अप्रैल से पहले पास होने की उम्मीद है। टैक्स एक्सपर्ट CA सुरेश सुराणा ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, “यह स्ट्रक्चरल सिम्प्लिफिकेशन है। टैक्स ईयर 2026-27 से सभी कम्युनिकेशन और कंप्लायंस नए नंबरों पर शिफ्ट हो जाएंगे।” हालांकि, ऑपरेशनल रोलआउट इनकम टैक्स पोर्टल की तैयारी पर निर्भर करेगा।
पुराने vs नए फॉर्म नंबर
यहां ड्राफ्ट के मुताबिक मुख्य फॉर्म्स की तुलना दी गई है। इनके काम में कोई बदलाव नहीं, सिर्फ नंबरिंग:
| पुराना फॉर्म | नया फॉर्म | विवरण |
|---|---|---|
| Form 3CA, 3CB, 3CD | Form 26 | ऑडिट रिपोर्ट और विवरण पत्र (सेक्शन 63) |
| Form 16 | Form 130 | सैलरी/पेंशन पर TDS सर्टिफिकेट (सेक्शन 395) |
| Form 16A | Form 131 | अन्य TDS सर्टिफिकेट (सेक्शन 395(4)) |
| Form 24Q | Form 138 | सैलरी TDS का क्वार्टरली स्टेटमेंट (सेक्शन 397) |
| Form 26Q | Form 140 | नॉन-सैलरी TDS क्वार्टरली स्टेटमेंट |
| Form 27Q | Form 144 | नॉन-रेजिडेंट TDS क्वार्टरली स्टेटमेंट |
| Form 26AS | Form 168 | एनुअल इनफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS/TCS) |
फ्लाई हाई फाइनेंशियल्स के CEO ब्रजेश प्रनामी का कहना है, “नंबर बदलने से टैक्स पॉलिसी या कंप्लायंस बोझ नहीं बढ़ेगा। सिस्टम डिजिटल हो रहा है।”
ट्रांजिशन पीरियड और टैक्सपेयर्स पर असर
शुरुआती सालों में पैरेलल रनिंग की संभावना है, यानी पुराने और नए नंबर साथ चल सकते हैं। पुराने टैक्स ईयर (2025-26 तक) के लिए पुराने फॉर्म्स मान्य रहेंगे। सुराणा ने चेतावनी दी, “शॉर्ट-टर्म कन्फ्यूजन हो सकता है, लेकिन अच्छे कम्युनिकेशन से ठीक हो जाएगा। CBDT को डिटेल्ड FAQs जारी करने चाहिए।” नौकरीपेशा लोगों को नियोक्ता से Form 130 मांगना होगा, ITR सॉफ्टवेयर अपडेट करने पड़ेंगे। NRIs, ट्रस्ट्स और NGO्स को भी नए नंबरों पर स्विच करना पड़ेगा। गलत फॉर्म इस्तेमाल पर नोटिस का रिस्क है।
सरकार का मकसद और आगे की राह
सरकार का लक्ष्य टैक्स फाइलिंग को आम आदमी के लिए आसान बनाना है। नियमों की संख्या 511 से 333 हो गई। बजट 2026 के बाद नए ITR फॉर्म्स FY 2027-28 से पहले आएंगे। टैक्सपेयर्स को सलाह: e-filing पोर्टल चेक करें, CA से बात करें और CBDT नोटिफिकेशन का इंतजार करें। यह बदलाव डिजिटल इंडिया को बूस्ट देगा।
















