घर का सपना संजोए लाखों भारतीयों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की लगातार रेट कट पॉलिसी के असर से देश के प्रमुख बैंकों ने होम लोन की ब्याज दरें कम कर दी हैं। 2025 में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती के बाद फरवरी 2026 की मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले ही एसबीआई, एचडीएफसी, पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसी बैंक 7.25 से 7.50 प्रतिशत तक दरें सुधार चुकी हैं। इससे मासिक EMI का बोझ हल्का हो गया है और सस्ते घर का सपना अब हकीकत के करीब आ गया है।

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RBI की रेट कट का जादू
आरबीआई ने पिछले साल फरवरी से दिसंबर तक चार बार रेपो रेट घटाया, जो अब 5.25 प्रतिशत पर स्थिर है। फरवरी 6 को होने वाली अगली एमपीसी बैठक में 0.25 प्रतिशत की और कटौती की उम्मीदें बनी हुई हैं। इस नीति का सीधा असर बैंकों के रिटेल लोन पर पड़ता है। कम रेपो रेट से बैंकों का मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स आधारित लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) और एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (ईबीएलआर) कम हो जाता है। फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन ग्राहकों को इससे तुरंत फायदा मिलता है। उदाहरण के तौर पर, 50 लाख रुपये के 20 साल के लोन पर पहले 8.50 प्रतिशत दर से मासिक ईएमआई करीब 43,000 रुपये थी, जो अब घटकर 39,000 रुपये के आसपास रह गई है। सालाना हजारों रुपये की बचत अब लाखों में तब्दील हो रही है।
बैंकों ने दिए बड़े तोहफे
एसबीआई ने होम लोन पर ब्याज दरें 7.50 प्रतिशत से शुरू की हैं, जबकि एचडीएफसी बैंक सबसे आक्रामक कदम उठाते हुए 7.25 प्रतिशत तक पहुंच गया। पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा 7.40 प्रतिशत पर लोन मुहैया करा रहे हैं। निजी क्षेत्र के बैंक जैसे आईसीआईसीआई और एक्सिस भी इसी रेंज में दरें सुधार चुके हैं। पुराने ग्राहक बिना लोन ट्रांसफर के ही नई दरों का लाभ ले सकते हैं। नए खरीदारों के लिए यह सुनहरा मौका है, क्योंकि प्रॉपर्टी बाजार में मांग बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में रेट कट साइकिल जारी रह सकती है, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट मिलेगा।
ईएमआई में कितनी राहत?
मान लीजिए आपका 50 लाख का होम लोन है। 0.25 प्रतिशत की कटौती से मासिक ईएमआई में 3,500 से 4,000 रुपये की कमी आ जाती है। 20 साल की अवधि में यह बचत 2.5 लाख रुपये से ज्यादा हो जाती है। अगर आप 1 करोड़ का लोन लेते हैं, तो फायदा दोगुना हो जाता है। मौजूदा कर्जदारों को सलाह दी जाती है कि वे तुरंत बैंक शाखा जाएं और ईएमआई रीस्ट्रक्चरिंग का अनुरोध करें। प्रीपेमेंट पर कोई पेनल्टी न लगे, इसका ध्यान रखें।
ग्राहक क्या करें?
अभी देरी न करें। अपने बैंक से संपर्क कर नई दरें चेक करें और स्विचिंग का विकल्प तलाशें। ऑनलाइन कैलकुलेटर से ईएमआई की तुलना करें। फाइनेंशियल प्लानरों की राय है कि इन्फ्लेशन पर नजर रखें, क्योंकि यह रेट कट को प्रभावित कर सकता है। सस्ते होम लोन से न सिर्फ घर का सपना पूरा होगा, बल्कि आपकी जेब भी मजबूत होगी। यह मौका हाथ से न जाने दें!
















