
केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से महिलाओं के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं में कर्नाटक की ‘गृह लक्ष्मी योजना’ (Griha Lakshmi Scheme) एक मील का पत्थर साबित हो रही है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना परिवार की महिला मुखिया को प्रतिमाह ₹2000 की सीधी आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
मध्य प्रदेश की सफल ‘लाड़ली बहना योजना’ की तर्ज पर यह पहल महिलाओं को घरेलू खर्चों से लेकर आत्मनिर्भरता तक की राह दिखा रही है, जहां लाड़ली बहना में राशि ₹1500 तक पहुंच चुकी है। कर्नाटक में लाखों महिलाएं इसका लाभ उठा रही हैं, जो राज्य की महिला सशक्तिकरण नीति को मजबूत कर रही है।
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योजना का उद्देश्य और महत्व
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित गृह लक्ष्मी योजना का मुख्य लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। यह राशि परिवार के दैनिक खर्च, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और छोटे व्यवसायों में निवेश के लिए उपयोगी साबित हो रही है। योजना के तहत बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) और एपीएल (गरीबी रेखा से ऊपर) दोनों राशन कार्ड धारकों को लाभ मिलता है, जिसमें बीपीएल परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए आधार-लिंक्ड बैंक खाते में राशि पहुंचाई जाती है, जबकि गैर-लिंक्ड खातों में RTGS का सहारा लिया जाता है। लाड़ली बहना की तरह यहां भी पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान प्रमुख हैं, जिससे महिलाओं में विश्वास बढ़ा है।
कौन ले सकता है लाभ?
यह योजना विशेष रूप से कर्नाटक की निवासी महिलाओं के लिए है, जिनका नाम राशन कार्ड में परिवार की मुखिया के रूप में दर्ज हो। आयु सीमा या आयकर/GST दायरे में न आने वाली महिलाएं प्राथमिक हैं। यदि मुखिया की मृत्यु हो जाए, तो परिवार की अगली पात्र महिला को जोड़ा जा सकता है। अपात्र श्रेणी में पुरुष मुखिया वाले परिवार, आयकर/GST भुगतान करने वाली महिला मुखिया शामिल हैं। लाड़ली बहना से तुलना करें तो यहां राशन कार्ड आधारित चयन अधिक सरल है, जबकि MP योजना में आयु और पारिवारिक आय की सख्त शर्तें हैं।
| पात्रता मानदंड | विवरण |
|---|---|
| निवास | कर्नाटक राज्य का स्थायी निवासी |
| राशन कार्ड | बीपीएल/एपीएल, महिला मुखिया का नाम दर्ज |
| प्राथमिकता | बीपीएल परिवार |
| अपात्र | आयकर/GST दाता, पुरुष मुखिया परिवार |
आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया
आवेदन के लिए राशन कार्ड कॉपी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक (आधार लिंक्ड), निवास प्रमाण, आय प्रमाण पत्र (यदि लागू), स्व-घोषणा पत्र और विधवा महिलाओं के लिए पति का मृत्यु प्रमाण पत्र जरूरी हैं। प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है- sevasindhugs.karnataka.gov.in पर आधार और मोबाइल से रजिस्टर करें। फॉर्म भरें, दस्तावेज अपलोड करें, सहमति दें और सबमिट करें। रेफरेंस नंबर से स्टेटस ट्रैक करें। लाड़ली बहना की ऑफलाइन प्रक्रिया से अलग, यह डिजिटल प्लेटफॉर्म महिलाओं को घर बैठे आवेदन की सुविधा देता है।
चुनौतियां और प्रभाव
हालांकि योजना ने लाखों महिलाओं को सशक्त किया है, कुछ चुनौतियां बरकरार हैं- जैसे आधार लिंकिंग में देरी या जागरूकता की कमी। कर्नाटक सरकार ने कैंप आयोजित कर इसे दूर करने का प्रयास किया है। लाड़ली बहना की सफलता (1.26 करोड़ लाभार्थी) से प्रेरित होकर गृह लक्ष्मी भी तेजी से विस्तार कर रही है। महिलाएं अब दुकानें खोल रही हैं, शिक्षा पर खर्च बढ़ा रही हैं।
यह योजना न केवल आर्थिक सहायता है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम है। इच्छुक महिलाएं तत्काल आवेदन करें और लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें।
















