हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना गरीब और कमजोर वर्गों की बेटियों के लिए वरदान साबित हो रही है। ग्रेजुएशन पास छात्राओं को विशेष रूप से 51,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है, जो विधवा, अनाथ या बेसहारा बेटियों के विवाह को सरल बनाती है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, सिरसा जैसे जिलों में ही हजारों लाभार्थियों को करोड़ों रुपये जारी हो चुके हैं।

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योजना का उद्देश्य
यह योजना 2015 में शुरू हुई थी ताकि आर्थिक बोझ के कारण बेटियों की शादी में देरी न हो। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से जुड़ी यह स्कीम गरीब परिवारों को सम्मानजनक विवाह का अवसर देती है। ग्रेजुएट बेटियों को प्राथमिकता देकर शिक्षा को प्रोत्साहित किया जाता है। राज्यभर में अब तक लाखों परिवारों ने इसका लाभ उठाया है।
लाभ राशि का विवरण
विभिन्न वर्गों के लिए सहायता राशि अलग-अलग निर्धारित है।
| वर्ग | सहायता राशि |
|---|---|
| अनुसूचित जाति/विमुक्त जाति | 71,000 रुपये |
| सामान्य/पिछड़ा वर्ग | 41,000 रुपये |
| विधवा/अनाथ/बेसहारा बेटी | 51,000 रुपये |
| दोनों पति-पत्नी दिव्यांग | 51,000 रुपये |
| महिला खिलाड़ी/एक दिव्यांग | 41,000 रुपये |
ग्रेजुएशन धारक विधवा या अनाथ बेटियों को 51,000 रुपये का विशेष लाभ मिलता है।
पात्रता के मानदंड
परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। दुल्हन की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और वर की 21 वर्ष। हरियाणा के स्थायी निवासी ही आवेदन कर सकते हैं। ग्रेजुएट डिग्री वाले कोटा में प्राथमिकता है। महिला खिलाड़ियों और दिव्यांग दंपतियों को अतिरिक्त लाभ। कोई भी परिवार एक बेटी के लिए ही आवेदन कर सकता है।
आवेदन कैसे करें?
शादी के 6 महीने के अंदर ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य है।
- पोर्टल पर जाएं, sewa.haryana.gov.in या संबंधित साइट।

- रजिस्ट्रेशन कर फॉर्म भरें।
- जरूरी दस्तावेज अपलोड करें, आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, ग्रेजुएशन प्रमाण पत्र, शादी प्रमाण पत्र, बैंक विवरण।
- सत्यापन के बाद राशि सीधे खाते में ट्रांसफर।
जिला कल्याण विभाग आवेदनों का सत्यापन करता है। देरी से लाभ छूट सकता है।
योजना की सफलता और अपील
योजना ने हजारों गरीब बेटियों के सपनों को साकार किया है। सिरसा में 2334 लाभार्थियों को 13.99 करोड़ रुपये मिले। फिर भी जागरूकता की कमी बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाकर आवेदन प्रोत्साहित किए जा रहे हैं। यदि आपका परिवार पात्र है, तो तुरंत आवेदन करें। यह न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि बेटियों के सम्मान की गारंटी भी। सरकार का यह तोहफा हर पात्र बेटी तक पहुंचे, यही अपेक्षा है।
















