
आधार कार्ड (Aadhaar Card) जैसी महत्वपूर्ण पहचान पत्र से जुड़ी सेवाओं को और अधिक सरल व सुगम बनाने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब देशभर के नागरिक अपने नजदीकी वेरीफाइड आधार सेंटर को सीधे गूगल मैप्स पर सर्च कर सकेंगे। इस नई साझेदारी से नया आधार बनवाना, मोबाइल नंबर या पता अपडेट कराना बेहद आसान हो जाएगा।
पहले लोग अनधिकृत एजेंटों या बंद सेंटर्स के चक्कर में समय और पैसे की बर्बादी करते थे, लेकिन अब केवल अधिकृत केंद्र ही मैप पर दिखेंगे। UIDAI और गूगल की इस पहल से लाखों आधार धारकों का जीवन सरल हो जाएगा।
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UIDAI-गूगल साझेदारी की घोषणा
यह सुविधा आने वाले महीनों में सभी यूजर्स के लिए रोलआउट हो जाएगी। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 25-26 फरवरी को इसकी आधिकारिक घोषणा की। UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने कहा, “यह कदम आधार सेवाओं को पारदर्शी और पहुंच योग्य बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है। अब लोग विश्वसनीय केंद्रों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।” गूगल इंडिया की स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप्स हेड रोली अग्रवाल ने भी इसे “विश्वासपूर्ण सेवाओं की खोज” करार दिया।
60,000+ वेरीफाइड सेंटर्स की डिटेल्स मैप पर
UIDAI द्वारा संचालित 60,000 से अधिक आधार केंद्र, जिनमें आधुनिक आधार सेवा केंद्र (Aadhaar Seva Kendras – ASKs) शामिल हैं, गूगल मैप्स पर डिजिटल रूप से मैप हो जाएंगे। यूजर्स सर्च करते ही नजदीकी केंद्रों की पूरी जानकारी पा सकेंगे। उदाहरणस्वरूप, देहरादून जैसे शहरों में रहने वाले सोलर दुकान जैसे उपयोगकर्ता आसानी से सहस्त्रधारा रोड या राजपुर के पास के वेरीफाइड सेंटर ढूंढ सकेंगे।
मैप पर उपलब्ध जानकारियां
मैप पर दिखने वाली मुख्य जानकारियां:
- सेवाओं का प्रकार: वयस्कों का नामांकन, बच्चों का आधार पंजीकरण, केवल मोबाइल/पता अपडेट, या बायोमेट्रिक बदलाव।
- संचालन समय: केंद्र कब खुलता-बंद होता है।
- एक्सेसिबिलिटी फीचर्स: दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं, रैंप, पार्किंग उपलब्धता।
- अन्य डिटेल्स: रेटिंग, रिव्यू, और सीधी नेविगेशन।
सेवाओं के लिए फिल्टरिंग का उदाहरण
अगर कोई सिर्फ मोबाइल नंबर अपडेट कराना चाहता है, तो वह ‘मोबाइल अपडेट सेंटर्स’ फिल्टर चुनकर सटीक जगह चुन लेगा। इसी तरह, बच्चों के आधार के लिए अलग फिल्टर मिलेगा। इससे प्लानिंग आसान हो जाएगी और अनावश्यक यात्रा रुकेगी।
पुरानी परेशानियों का अंत
पहले आधार सेंटर ढूंढना बड़ी चुनौती था। UIDAI की वेबसाइट (appointments.uidai.gov.in/easearch.aspx) पर स्टेट-डिस्ट्रिक्ट चुनना पड़ता था, जो जटिल था। कई बार लोग फर्जी एजेंटों के जाल में फंस जाते, जहां अतिरिक्त वसूली या गलत सेवा मिलती। ग्रामीण इलाकों में तो केंद्र बंद मिलने की शिकायतें आम थीं। इससे न केवल समय बर्बाद होता, बल्कि पहचान चोरी का खतरा भी बढ़ता।
नई सुविधा के फायदे
नई सुविधा इन समस्याओं का समाधान है। केवल वेरीफाइड सेंटर्स दिखने से मिसइंफॉर्मेशन रुकेगी। भविष्य में गूगल बिजनेस प्रोफाइल से UIDAI फीडबैक मैनेज करेगा और डायरेक्ट अपॉइंटमेंट बुकिंग का विकल्प भी आएगा। इससे आधार सेवाएं डिजिटल इंडिया का सच्चा प्रतीक बनेंगी।
डिजिटल गवर्नेंस पर प्रभाव
यह साझेदारी डिजिटल गवर्नेंस को नई ऊंचाई देगी। उत्तराखंड जैसे राज्यों में, जहां आधार बैंकिंग, सब्सिडी स्कीम्स (जैसे सोलर पैनल योजनाएं) से जुड़ा है, यह वरदान साबित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आधार अपडेट रेट 20-30% बढ़ सकता है। गूगल मैप्स के 50 करोड़+ भारतीय यूजर्स को सीधा फायदा होगा।
प्राइवेसी और भविष्य की चिंताएं
हालांकि, प्राइवेसी को लेकर सतर्कता बरतनी होगी। UIDAI ने स्पष्ट किया कि केवल पब्लिक डेटा शेयर होगा। उपयोगकर्ता फीडबैक से सुधार होगा। कुल मिलाकर, यह जनसुविधा की मिसाल है।
कैसे इस्तेमाल करें? गूगल मैप्स खोलें, “नजदीकी आधार सेंटर” सर्च करें। वेरीफाइड टैग वाले चुनें और नेविगेट करें। अपडेट फीस: नामांकन ₹50, अपडेट ₹25-50।
















