
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों अंशधारकों को बड़ी सौगात देते हुए पीएफ निकासी की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं, ‘EPFO 3.0’ पहल के तहत अब पीएफ का पैसा निकालने के लिए हफ्तों का इंतजार नहीं करना होगा नए नियमों के लागू होने के बाद, अब पात्र सदस्यों के बैंक खातों में निकासी की राशि मात्र 72 घंटों (3 कार्य दिवसों) के भीतर क्रेडिट कर दी जाएगी।
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ऑटो-सेटलमेंट लिमिट में 5 गुना बढ़ोतरी
EPFO ने ‘ऑटो-मोड’ सेटलमेंट की सीमा को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया है। अब बीमारी, विवाह, शिक्षा या घर निर्माण जैसे अग्रिम दावों (Advance Claims) के लिए ₹5 लाख तक की राशि बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सीधे सॉफ्टवेयर द्वारा प्रोसेस की जाएगी। इस सिस्टम में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग किया जा रहा है, जिससे क्लेम रिजेक्शन की संभावना कम होगी और पैसा तेजी से खाते में पहुंचेगा।
जटिल श्रेणियों का खात्मा, अब केवल 3 मुख्य हेड
कर्मचारियों को फॉर्म भरते समय होने वाली उलझनों से बचाने के लिए EPFO ने निकासी की 13 जटिल श्रेणियों को समाप्त कर उन्हें 3 मुख्य श्रेणियों में समेट दिया है:
- अनिवार्य आवश्यकताएं: इसमें गंभीर बीमारी, बच्चों की उच्च शिक्षा और विवाह जैसे कारण शामिल हैं।
- आवासीय जरूरतें: घर खरीदने, प्लॉट लेने या घर की मरम्मत के लिए निकासी।
- विशेष परिस्थितियां: कुछ खास स्थितियों में अब सदस्य को निकासी का ठोस कारण बताने की भी जरूरत नहीं होगी।
निकासी की संख्या और पात्रता में दी ढील
नए नियमों के तहत अब सदस्यों को ज्यादा बार पैसा निकालने की छूट दी गई है, अब बच्चे की शिक्षा के लिए 10 बार और विवाह के लिए 5 बार तक आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) की जा सकती है साथ ही, निकासी के लिए जरूरी न्यूनतम सेवा अवधि (Minimum Service Period) को भी घटाकर अब मात्र 12 महीने कर दिया गया है।
निष्क्रिय खातों (Inoperative Accounts) के लिए भी बड़ी खबर
EPFO ने उन 31 लाख खातों की पहचान की है जो सालों से निष्क्रिय पड़े हैं। संगठन ने फैसला लिया है कि इन खातों में जमा करीब ₹10,000 करोड़ की लावारिस राशि को सीधे उनके मूल खाताधारकों या कानूनी वारिसों तक पहुँचाया जाएगा। इसके लिए अब भारी-भरकम कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं होगी।
जल्द शुरु होगी UPI पेमेंट सुविधा
तकनीकी सुधारों की कड़ी में EPFO अप्रैल 2026 तक पूर्णतः डिजिटल होने का लक्ष्य रख रहा है, इसके बाद, पीएफ का पैसा बैंक ट्रांसफर के बजाय सीधे UPI के जरिए रियल-टाइम में ट्रांसफर किया जा सकेगा, जिससे पैसा मिलने का समय 72 घंटे से भी कम होकर कुछ ही मिनटों का रह जाएगा।
















