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ई-कॉमर्स पर ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचें: कंज्यूमर कोर्ट में अब मोबाइल से ही दर्ज कराएं शिकायत, जानें पूरी प्रक्रिया

धोखेबाजों ने उड़ाए लाखों के पैसे! मोबाइल से 2 मिनट में कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत कर रिफंड लो, पूरी प्रक्रिया जानें, वरना फंस जाओगे!

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आजकल हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन है और ज्यादातर लोग ऑनलाइन शॉपिंग करना पसंद करते हैं। लेकिन इसी के साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर धोखाधड़ी की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। सस्ते दामों का लालच देकर फर्जी विक्रेता नकली सामान, खाली डिब्बे या बिल्कुल बेकार चीजें डिलीवर कर देते हैं। लाखों लोग हर साल इसका शिकार बनते हैं, खासकर फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स और कपड़ों की खरीदारी में। किसी भी धोखाधड़ी से बचने के सतर्क रहना बहुत जरुरी है।

ई-कॉमर्स पर ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचें: कंज्यूमर कोर्ट में अब मोबाइल से ही दर्ज कराएं शिकायत, जानें पूरी प्रक्रिया

ऐसे हो रही है धोखाधड़ी

ई-कॉमर्स फ्रॉड कई रूपों में आते हैं। सबसे ज्यादा होता है फर्जी प्रोडक्ट डिलीवरी, जहां ऑर्डर किया स्मार्टफोन आने की बजाय ईंट या पत्थर मिल जाता है। पेमेंट स्कैम में विक्रेता कार्ड की पूरी डिटेल मांग लेते हैं। फिर बल्क ऑर्डर फ्रॉड, जहां एक साथ कई आइटम मंगवाकर पैसे डुबो दिए जाते हैं। साइबर अपराधी अज्ञात आईपी एड्रेस से हमला करते हैं और दो-चरणीय सत्यापन को चकमा दे देते हैं। इनसे बचने के लिए हमेशा सुरक्षित वेबसाइट चुनें।

बचाव के सरल उपाय

सुरक्षा के लिए कुछ बुनियादी कदम उठाएं। खरीदारी से पहले साइट का पता ‘HTTPS’ से शुरू हो यह जांचें। कभी भी सीवीवी नंबर या ओटीपी शेयर न करें। दो-चैप्टर प्रमाणीकरण चालू रखें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। विक्रेता के रिव्यूज, रेटिंग और डिलीवरी हिस्ट्री अच्छे से देखें। पेमेंट गेटवे पर ही ट्रांजेक्शन करें, डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर से बचें। ग्राहक डेटा न्यूनतम दें और नियमित पासवर्ड बदलें। ये छोटे-छोटे कदम बड़े नुकसान से बचा सकते हैं।

शिकायत दर्ज करने का आसान तरीका

अब चिंता की कोई बात नहीं मोबाइल से ही कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत हो जाती है। सरकारी नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पोर्टल या ऐप पर जाएं। पहले मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें। फिर ‘नई शिकायत’ चुनकर जिला फोरम सिलेक्ट करें। ऑर्डर आईडी, पेमेंट रसीद, ईमेल, प्रोडक्ट की फोटो और समस्या का पूरा विवरण भरें। सबमिट करने पर ट्रैकिंग नंबर मिलेगा। दो लाख तक के मामलों में जिला स्तर पर सुनवाई होती है। सेलर को नोटिस जाता है और रिफंड का आदेश संभव है। टोल-फ्री नंबर 1915 या व्हाट्सएप पर भी तुरंत संपर्क करें।

जरूरी दस्तावेज और समय सीमा

शिकायत के लिए ऑर्डर डिटेल, बिल, स्क्रीनशॉट और वारंटी कार्ड रखें। खरीदारी के दो साल के अंदर कार्रवाई करें। फर्जी विक्रेता को तुरंत ब्लॉक करें और बैंक को सूचित करें। सरकार ने ‘जागो ग्राहक जागो’ कैंपेन से जागरूकता बढ़ाई है। पिछले साल लाखों शिकायतों पर रिफंड और जुर्माना वसूला गया। एक उदाहरण में फर्जी एसी खरीदने वाले को पूरा पैसा लौटा।

उपभोक्ता अधिकारों का सम्मान

डिजिटल भारत में उपभोक्ता संरक्षण कानून मजबूत हैं। सतर्क खरीदारी और त्वरित शिकायत से धोखेबाजों पर लगाम लगेगी। सावधानी बरतें, अधिकारों का इस्तेमाल करें, ऑनलाइन शॉपिंग मजेदार बनेगी।

Author
info@gurukulbharti.in

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