
भारत सरकार ने पशुपालकों की आय दोगुनी करने और चारे के प्रबंधन को आसान बनाने के लिए चारा कटाई मशीन (चॉफ कटर) पर 50% तक की सब्सिडी वाली महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। यह योजना कृषि मशीनीकरण सबमिशन स्कीम के तहत चल रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य डेयरी किसानों की कड़ी मेहनत कम करना, चारे की बर्बादी रोकना और दूध उत्पादन बढ़ाना है। छोटे-सीमांत किसान, एससी/एसटी वर्ग, महिलाएं और बीपीएल परिवार इस स्कीम से सबसे ज्यादा लाभान्वित हो रहे हैं। बाजार में 7,000-10,000 रुपये की मशीन अब आधे दाम पर घर लाने का सुनहरा मौका मिला है।
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योजना का महत्व
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली यह पहल उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार जैसे राज्यों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। पशुपालन पर निर्भर लाखों किसान परिवारों को सस्ते आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराकर सरकार ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, मशीन से चारा बारीक कटने पर पशुओं का दूध उत्पादन 15-20% तक बढ़ सकता है, जिससे किसानों की मासिक आय में 5,000-10,000 रुपये की बढ़ोतरी संभव है।
योजना की मुख्य विशेषताएं
योजना के तहत हाथ से चलने वाली, मोटर वाली और ट्रैक्टर से संचालित ऑटोमैटिक चारा कटाई मशीनों पर 40-80% तक सब्सिडी दी जा रही है। सामान्य किसानों को 40-55% अनुदान मिलता है, जबकि विशेष श्रेणी (सीमांत किसान, महिलाएं, एससी/एसटी) को 50-80% तक छूट का लाभ होता है। अधिकतम सब्सिडी सीमा 20,000-25,000 रुपये या 60,000 रुपये तक है, जो डीबीटी के जरिए आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर होती है।
उदाहरण के लिए, 10,000 रुपये की मशीन पर सामान्य किसान को 4,000-5,500 रुपये और विशेष श्रेणी को 5,000-8,000 रुपये की बचत हो जाती है। यह स्कीम ‘पहले आओ, पहले पाओ’ आधार पर चलती है, इसलिए कोटा जल्द भर जाता है। पशुपालन प्रमाण वाले सभी किसान पात्र हैं, बशर्ते पिछले 3 वर्षों में योजना का लाभ न लिया हो।
आवेदन प्रक्रिया
आवेदन राज्यवार कृषि या पशुपालन विभाग के पोर्टल पर होता है।
- चरण 1: agrimachinery.gov.in या राज्य पोर्टल (जैसे UP के लिए upagriculture.com, राजस्थान के लिए rajkisan.rajasthan.gov.in) पर रजिस्टर करें।
- चरण 2: ‘कृषि यंत्र सब्सिडी’ सेक्शन में चारा कटाई मशीन चुनें, फॉर्म भरें (नाम, आधार, बैंक डिटेल्स, पशुधन ब्योरा)।
- चरण 3: दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन सबमिट करें। चयन लॉटरी या प्राथमिकता आधार पर होता है।
- चरण 4: मंजूरी मिलने पर मशीन खरीदें, बिल/इनवॉइस पोर्टल पर अपलोड करें। 15-30 दिनों में सब्सिडी खाते में आ जाती है।
ऑफलाइन मदद के लिए नजदीकी ई-मित्र केंद्र, कृषि कार्यालय या कॉमन सर्विस सेंटर जाएं। फर्जी वेबसाइट्स से बचें।
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड (मोबाइल लिंक्ड)।
- बैंक पासबुक/खाता विवरण।
- निवास प्रमाण (वोटर आईडी, राशन कार्ड)।
- जमीन दस्तावेज (खतौनी/जमाबंदी)।
- पशुपालन प्रमाण (पशु टैग, टीकाकरण कार्ड, जाति प्रमाण पत्र यदि लागू)।
राज्यवार आधिकारिक लिंक और तिथियां
| राज्य | पोर्टल लिंक | आवेदन स्थिति |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | upagriculture.com | खुला (मार्च तक) |
| राजस्थान | rajkisan.rajasthan.gov.in | स्लॉट उपलब्ध |
| मध्य प्रदेश | mpkrishi.mp.gov.in | पहले आओ-पहले पाओ |
| बिहार | dbtagriculture.bihar.gov.in | फरवरी अंत तक |
किसानों की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के किसान रामस्वरूप कहते हैं, “पहले चारा काटने में घंटों लगते थे, अब मिनटों में काम हो जाता है। सब्सिडी से 6,000 रुपये बचे।” योजना से अब तक लाखों किसान लाभ ले चुके हैं। सरकार 2026-27 में इसे और विस्तार देगी। पशुपालक जल्द आवेदन करें, क्योंकि फंड सीमित है। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय कृषि विभाग से संपर्क करें।
















