
बिहार में जमीन के असली मालिकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण (Bihar Land Survey) को लेकर दिसंबर 2027 की फाइनल डेडलाइन तय कर दी है, डिप्टी सीएम ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में जमीन संबंधी विवादों को जड़ से खत्म करने और रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाने के लिए इस काम को हर हाल में तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।
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सर्वे की प्रगति के लिए 13 मार्च को बड़ी बैठक
सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा और इसे गति देने के लिए 13 मार्च, 2026 को पटना में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है इस बैठक की मुख्य बातें:
- सभी जिलों की समीक्षा: राज्य के सभी जिलों के बंदोबस्त अधिकारी अपनी प्रगति रिपोर्ट के साथ शामिल होंगे।
- पिछड़े जिलों पर नजर: जिन जिलों में सर्वे का काम धीमी गति से चल रहा है, उनकी विशेष समीक्षा की जाएगी।
- दो चरणों का आकलन: पहले चरण के 20 जिलों और दूसरे चरण के 18 जिलों में अब तक हुए कार्यों की वर्तमान स्थिति जांची जाएगी।
हड़ताल के बीच सख्त संदेश
राजस्व अधिकारियों की चल रही हड़ताल पर विजय सिन्हा ने कड़ा रुख अपनाया है, उन्होंने साफ लहजे में कहा कि अधिकारियों की हड़ताल के बावजूद सर्वे का काम नहीं रुकेगा उन्होंने चेतावनी दी है कि काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।
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जमीन मालिकों के लिए अन्य महत्वपूर्ण अपडेट
- दाखिल-खारिज (Mutation): अब विवाद रहित दाखिल-खारिज 14 दिन में और विवादित मामले अधिकतम 75 दिन में निपटाने होंगे।
- परिमार्जन का लक्ष्य: लंबित परिमार्जन कार्यों को 31 मार्च तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
- ‘भू योद्धा’ सम्मान: वैसे नागरिक जो पुरानी जमीनों के गुम हो चुके मूल दस्तावेज खोजने में मदद करेंगे, उन्हें सरकार ‘भू योद्धा’ के रूप में सम्मानित करेगी।
सरकार का मानना है कि दिसंबर 2027 तक सर्वे पूरा होने के बाद बिहार में जमीन से जुड़े खूनी संघर्ष और कानूनी मुकदमों पर प्रभावी लगाम लग सकेगी, जमीन मालिक अपने पुराने रिकॉर्ड और जानकारी के लिए बिहार भूमि पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं।
















