
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ‘बेटी है अनमोल’ योजना (Beti Hai Anmol Yojana) के तहत बीपीएल (BPL) परिवारों की बेटियों को सशक्त बनाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, इस योजना के अंतर्गत सरकार ने जन्म के समय दी जाने वाली सहायता राशि को ₹12,000 से बढ़ाकर ₹21,000 कर दिया है।
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योजना के मुख्य लाभ
यह योजना बेटियों के जन्म से लेकर उनकी उच्च शिक्षा तक का समर्थन करती है:
- जन्म पर वित्तीय सहायता: बेटी के जन्म पर सरकार उसके बैंक या डाकघर खाते में ₹21,000 की राशि सावधि जमा (FD) के रूप में जमा करती है। यह राशि बालिका 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर निकाल सकती है।
वार्षिक छात्रवृत्ति: कक्षा 1 से स्नातक (Graduation) तक की पढ़ाई के लिए वार्षिक सहायता दी जाती है:
- कक्षा 1 से 3: ₹450 प्रति वर्ष
- कक्षा 4: ₹750 प्रति वर्ष
- कक्षा 5: ₹900 प्रति वर्ष
- कक्षा 6 से 10: ₹1,050 से ₹1,500 प्रति वर्ष
- कक्षा 11 व 12: ₹2,250 प्रति वर्ष
- स्नातक/व्यावसायिक कोर्स: ₹5,000 प्रति वर्ष
पात्रता मानदंड (Eligibility)
- मूल निवासी: आवेदक का हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
- आर्थिक स्थिति: परिवार बीपीएल (BPL) श्रेणी में होना चाहिए।
- संख्या: एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही इस योजना का लाभ मिल सकता है।
आवेदन की प्रक्रिया
योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी निम्नलिखित तरीकों से आवेदन कर सकते हैं:
- ऑनलाइन आवेदन: हिमाचल प्रदेश के आधिकारिक E-District Portal पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरा जा सकता है।
- ऑफलाइन आवेदन: संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या खंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय के माध्यम से आवेदन पत्र जमा किया जा सकता है।
- छात्रवृत्ति के लिए: बालिका के स्कूल में प्रवेश के बाद, स्कूल के प्रधानाचार्य के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाती है।
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आवश्यक दस्तावेज
- बेटी का जन्म प्रमाण पत्र
- बीपीएल प्रमाण पत्र
- हिमाचल बोनाफाइड प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड और बैंक पासबुक की प्रति
















