सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा एक मैसेज लाखों लोगों को डरा रहा है। इसमें कहा जा रहा है कि 31 मार्च तक बैंक या डीमैट खाते में नॉमिनी का नाम न जोड़ने पर खाता बंद या फ्रीज हो जाएगा। यह दावा गलत है। वास्तव में कोई ऐसी सख्त समय सीमा नहीं है जो सीधे खाते को जाम कर दे। नॉमिनी जोड़ना परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए जरूरी कदम है, लेकिन इसे अनिवार्य दंड की तरह न समझें।

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सोशल मीडिया की भ्रामक अफवाहें क्यों फैल रही हैं?
व्हाट्सएप फॉरवर्ड्स और इंस्टाग्राम रील्स पर यह संदेश पुराने नियमों का मिश्रण बनाकर वायरल हो गया है। लोग घबरा कर बैंकों की दौड़ लगा रहे हैं। सच्चाई यह है कि नॉमिनेशन एक वैकल्पिक सुविधा है जो असामयिक मौत या दुर्घटना में परिवार को तुरंत पैसे उपलब्ध कराती है। बिना नॉमिनी के खाता चलता रहता है, लेकिन मृत्यु के बाद कानूनी प्रक्रिया लंबी हो जाती है। कोर्ट के वारिस प्रमाण-पत्र के लिए महीनों लग सकते हैं, जबकि नॉमिनी 15 दिनों में राशि निकाल सकता है।
बैंक खातों में नॉमिनेशन के नए बदलाव
पिछले साल लागू हुए संशोधनों से बैंकों को खाता खोलते समय नॉमिनी विकल्प साफ बताना पड़ता है। ग्राहक हां या ना लिखित रूप से चुन सकता है। अब एक के बजाय चार नॉमिनी तक नाम दर्ज कराए जा सकते हैं। हर नॉमिनी का हिस्सा प्रतिशत में तय किया जा सकता है, जैसे दो लोगों को 50-50 प्रतिशत। यह बदलाव पारदर्शिता लाता है। नॉमिनी न जोड़ने से खाता प्रभावित नहीं होता। बड़े बैंक अपने मोबाइल ऐप्स पर यह सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध करा चुके हैं। प्रक्रिया सरल है और मुफ्त।
डीमैट खाते, पुराना नियम, नई गलतफहमियां
शेयर बाजार निवेशकों के लिए डीमैट खाते में नॉमिनी का पुराना नियम तीन साल पहले लागू हुआ था। उस समय डेबिट लेन-देन पर पाबंदी की बात कही गई थी, लेकिन क्रेडिट हमेशा चालू रहता। आज अधिकांश खाते अपडेट हो चुके हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर आधार या पैन लिंक से नाम बदलना आसान है। कुछ ही घंटों में काम हो जाता है। निवेशक बिना घबराए अपने डिपॉजिटरी खाते की जांच कर लें।
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नॉमिनी अपडेट कैसे करें?
बैंक खाते के लिए नजदीकी शाखा जाएं। वहां उपलब्ध फॉर्म भरें जिसमें नॉमिनी का नाम, रिश्ता, पता और पहचान प्रमाण जोड़ें। साइनेचर के साथ जमा करें। डिजिटल तरीके से ऐप में लॉगिन कर विवरण अपलोड करें। डीमैट के लिए ब्रोकर ऐप खोलें। प्रोफाइल सेक्शन में नॉमिनी मेन्यू चुनें। नया नाम जोड़ें या पुराना बदलें। बदलाव तुरंत लागू हो जाता है। अगर एक से अधिक नॉमिनी हैं तो हिस्सेदारी साफ लिखें। कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता।
नॉमिनी के फायदे जो हर कोई जानना चाहिए
नॉमिनी खाते का मालिक नहीं बनता, सिर्फ ट्रस्टी होता है। यह परिवार को तत्काल राहत देता है। बिना इसके क्लेम प्रक्रिया जटिल हो जाती है। खासकर पंजाब जैसे राज्यों में जहां परिवार संयुक्त होते हैं, यह स्टेप वसीयत का डिजिटल विकल्प है। डिजिटल बैंकिंग के इस दौर में नियमित जांच जरूरी है। गलत फॉरवर्ड्स पर भरोसा न करें। फर्जी ऐप्स या वेबसाइट्स से सावधान रहें जो पैसे मांगते हैं।
अफवाहें रोकें, सुरक्षा बढ़ाएं
31 मार्च कोई खतरे की घंटी नहीं। बैंकिंग नियम सुविधा पर केंद्रित हैं। हर खाताधारक को अपने खाते की स्थिति जांच लेनी चाहिए। पारिवारिक चर्चा कर नॉमिनी चुनें। यह छोटा कदम बड़ा नुकसान बचा सकता है। जागरूक रहें, अफवाहें न फैलाएं। सुरक्षित निवेश और बचत के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।
















