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Bank Account Safety: अगर आपका बैंक डूबता है तो पैसा कैसे मिलेगा वापस? नया DICGC नियम समझें।

आपका बैंक दिवालिया हो जाए तो घबराओ मत! DICGC का नया नियम बताता है कि 5 लाख तक का डिपॉजिट 100% सुरक्षित। पुराने नियम से ज्यादा कवरेज, कैसे क्लेम करें? अभी पढ़ें, वरना पछताएंगे!

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बैंकिंग क्षेत्र में जमाकर्ताओं की चिंता को दूर करने वाला एक बड़ा कदम उठाया गया है। अगर आपका बैंक कभी दिवालिया हो जाता है, तो अब डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) 90 दिनों के अंदर आपकी बीमित राशि सीधे खाते में जमा कर देगा। यह नया नियम 2025 में लागू हुआ, जो पुरानी लंबी और जटिल प्रक्रिया को पूरी तरह बदल देता है। RBI की इस सब्सिडियरी ने लाखों लोगों का भरोसा मजबूत किया है।

Bank Account Safety: अगर आपका बैंक डूबता है तो पैसा कैसे मिलेगा वापस? नया DICGC नियम समझें।

DICGC क्या है और कैसे काम करता है?

DICGC रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है, जो सभी व्यावसायिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों के डिपॉजिट को इंश्योरेंस कवर प्रदान करती है। सेविंग्स अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट, करंट अकाउंट और रेकरिंग डिपॉजिट जैसे सभी प्रकार के खाते इसमें शामिल हैं। प्रति जमाकर्ता प्रति बैंक अधिकतम 5 लाख रुपये तक की सुरक्षा मिलती है। ध्यान दें, स्टॉक्स, म्यूचुअल फंड्स, बॉन्ड्स या सोना जैसी निवेश राशियां इससे बाहर हैं। देशभर के 97.6 प्रतिशत बैंक अकाउंट अब पूरी तरह सुरक्षित हैं।

बैंक फेलियर की स्थिति में पैसा कैसे वापस मिलेगा?

मान लीजिए कोई बैंक विफल हो जाता है या उस पर मोरेटोरियम लग जाता है। DICGC तुरंत सक्रिय हो जाती है। बैंक की दावा सूची तैयार होते ही 90 दिनों के भीतर पात्र जमाकर्ताओं को भुगतान शुरू हो जाता है। पुराने नियमों में यह प्रक्रिया महीनों चलती थी, लेकिन नए डिजिटल सिस्टम NIAC ने इसे तेज और पारदर्शी बना दिया है। उदाहरण के तौर पर, लक्ष्मी विलास बैंक के मर्जर के दौरान लाखों जमाकर्ताओं को इसी तरह तेज राहत मिली थी। अब विदेशी बैंकों की भारतीय शाखाएं भी कवर में हैं।

एक बैंक में कई खाते रखने का खतरा

अगर आपके नाम से एक ही बैंक में कई खाते हैं, चाहे अलग-अलग ब्रांचों में ही क्यों न हों तो सभी को जोड़कर कुल 5 लाख रुपये तक ही कवर मिलेगा। जैसे, सेविंग्स में 3 लाख, FD में 2.5 लाख और करंट में 1 लाख होने पर कुल 6.5 लाख में से सिर्फ 5 लाख ही सुरक्षित होंगे। बाकी राशि पर जोखिम आपका रहेगा। सलाह यही है कि बड़ी रकम को कई बैंकों में 5 लाख के नीचे बांट दें। दो अलग बैंकों में 3-3 लाख रखने पर पूरी 6 लाख राशि सुरक्षित रहेगी।

नए नियमों की मुख्य खासियतें और सावधानियां

2025 के अपडेटेड नियमों में 90-दिवसीय पेआउट के अलावा प्रीमियम कैलकुलेशन और क्लेम प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। DICGC की वेबसाइट पर जाकर आप आसानी से अपने अकाउंट का कवर चेक कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स की सलाह है, FD लेने से पहले इंश्योरेंस लिमिट जांच लें। अगर बैंक डूबने की खबर आए, तो घबराएं नहीं, बल्कि DICGC पोर्टल पर क्लेम फाइल करें।

DICGC चेयरमैन ने कहा, “यह नियम बैंकिंग सिस्टम को और मजबूत बनाएंगे।” विशेषज्ञ जोर देकर कहते हैं, जागरूक रहें, पैसा समझदारी से बांटें। इससे न सिर्फ आपकी पूंजी सुरक्षित रहेगी, बल्कि नींद भी अच्छी आएगी। बैंकिंग में विश्वास बनाए रखना ही असली सुरक्षा है।

Author
info@gurukulbharti.in

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