
अगर आप अक्सर एटीएम से पैसे निकालते हैं तो अब सावधानी बरतना जरूरी है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एटीएम लेनदेन से जुड़े नियमों में संशोधन किया है, जो 1 मई 2025 से लागू हो चुके हैं और 2026 में भी यही नियम जारी रहेंगे। इसके तहत अब मुफ्त ATM लेनदेन की सीमा पार करने पर ग्राहकों को अधिक शुल्क देना होगा।
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मुफ्त एटीएम लेनदेन की सीमा
RBI ने तय किया है कि हर ग्राहक को महीने में कुछ मुफ्त ट्रांज़ैक्शन मिलेंगे।
- अपनी बैंक के ATM: महीने में 5 मुफ्त लेनदेन।
- अन्य बैंक के ATM:
- मेट्रो शहर: 3 मुफ्त लेनदेन
- नॉन‑मेट्रो शहर: 5 मुफ्त लेनदेन
यह मुफ्त सीमा केवल निकासी ही नहीं, बल्कि बैलेंस जांच, मिनी स्टेटमेंट और PIN बदलने जैसे गैर‑नकद लेनदेन पर भी लागू होती है।
फ्री लिमिट पार करने पर चार्ज
मुफ्त सीमा पार करने पर अब बैंक ₹23 + GST प्रति लेनदेन शुल्क ले सकते हैं। पहले यह शुल्क ₹21 था। इसका मतलब साफ है: महीने के फ्री ट्रांज़ैक्शन के बाद हर अतिरिक्त निकासी या अन्य एटीएम लेनदेन महंगा पड़ सकता है।
उदाहरण के लिए, अगर आप महीने में अपनी बैंक के ATM से 7 बार पैसे निकालते हैं, तो पहले 5 बार तो मुफ्त हैं, लेकिन 6वीं और 7वीं निकासी पर बैंक ₹23 + GST लेगा।
शुल्क बढ़ने का कारण
RBI ने यह कदम बैंकिंग सेक्टर की लागत और डिजिटल ट्रांज़ैक्शन को बढ़ावा देने के मकसद से उठाया है। एनपीसीआई और बैंकिंग फेडरेशन के अनुसार, एटीएम संचालन की लागत बढ़ी है, और मुफ्त ट्रांज़ैक्शन की सीमा को पार करने वाले उपयोगकर्ताओं से शुल्क लेना अब जरूरी माना गया।
बचने के उपाय
- महीने में अपने फ्री ट्रांज़ैक्शन की संख्या का ध्यान रखें।
- अपनी बैंक के ATM का ही इस्तेमाल करें, अन्य बैंक के ATM पर शुल्क अधिक हो सकता है।
- डिजिटल विकल्प जैसे UPI या बैंक ऐप का उपयोग करके नकद निकासी कम करें।
संक्षेप में
| श्रेणी | नया नियम |
|---|---|
| मुफ्त लेनदेन | 5 (own bank), 3 (other bank metro), 5 (other bank non-metro) |
| शुल्क (free limit पार) | ₹23 + GST प्रति लेनदेन |
| लागू | 1 मई 2025 से, 2026 में जारी |
| शामिल लेनदेन | Cash withdrawal + balance check + mini statement + PIN change |
















