झारखंड सरकार ने ग्रामीण इलाकों के गरीब परिवारों को मजबूत छत देने के लिए अबुआ आवास योजना को नई गति दी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत 4.50 लाख नए लाभार्थियों की सूची तैयार कर ली गई है। जनवरी और फरवरी से इन परिवारों के बैंक खातों में पहली किस्तें पहुंचनी शुरू हो गई हैं। यह कदम उन लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो कच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं। राज्य सरकार 2028 तक कुल 20 लाख पक्के मकानों का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

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योजना का उद्देश्य और दायरा
अबुआ आवास योजना का मतलब है हमारा अपना घर। यह ग्रामीण विकास विभाग की एक प्रमुख पहल है जो केंद्र की प्रधानमंत्री आवास योजना से छूटे हुए परिवारों पर केंद्रित है। योजना के तहत हर लाभार्थी को 31 वर्ग मीटर का पक्का मकान मिलेगा जिसमें तीन कमरे रसोई और शौचालय शामिल होंगे। कुल 2 लाख रुपये की सहायता राशि पांच किस्तों में सीधे खाते में आती है। साथ ही मनरेगा योजना से 95 दिनों का काम भी उपलब्ध कराया जाता है ताकि घर का निर्माण जल्द पूरा हो सके। बिजली पानी और सड़क जैसी सुविधाओं का इंतजाम भी सुनिश्चित किया जाता है। इससे न सिर्फ आवास की समस्या हल होती है बल्कि गांवों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है।
कौन ले सकते हैं लाभ?
यह योजना खासतौर पर कच्ची झोपड़ियों या छप्पर वाले घरों में रहने वाले भूमिहीन गरीबों के लिए है। जो परिवार पहले से केंद्र या राज्य की अन्य आवास योजनाओं का लाभ ले चुके हैं वे अयोग्य माने जाते हैं। अनुसूचित जाति जनजाति विधवाओं दिव्यांगों और गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता मिलती है। चयन प्रक्रिया में ग्राम सभा पंचायत और ब्लॉक स्तर पर सत्यापन होता है जिससे पारदर्शिता बनी रहे। हाल ही में फरवरी तक लंबित पड़ी पहली दूसरी और तीसरी किस्तों को रिलीज करने का फैसला लिया गया है। इससे हजारों परिवारों को तुरंत राहत मिलेगी।
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नई सूची और स्टेटस जांच
2026 की नई लाभार्थी सूची को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है। सरकारी पोर्टल पर जिला ब्लॉक और पंचायत चुनकर आसानी से नाम खोजा जा सकता है। आधार नंबर राशन कार्ड या मोबाइल नंबर से सत्यापन करें। सूची पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड करने लायक है। अगर नाम सूची में आ गया है तो स्थानीय पंचायत या ब्लॉक विकास अधिकारी से संपर्क कर निर्माण कार्य शुरू करवाएं। डीबीटी की स्थिति जांचने के लिए भी वही पोर्टल काम आता है। किसी समस्या पर हेल्पलाइन या ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
आवेदन कैसे करें?
आवेदन प्रक्रिया को बेहद आसान बनाया गया है। नजदीकी पंचायत भवन या बीडीओ कार्यालय जाकर साधारण फॉर्म भरें। आधार कार्ड बैंक पासबुक राशन कार्ड और निवास प्रमाण जैसे जरूरी कागजात लगाएं। अब ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी रजिस्ट्रेशन संभव है। योजना के तहत अब तक हजारों घर बनकर तैयार हो चुके हैं हालांकि कुछ इलाकों में देरी की शिकायतें सामने आई हैं। सरकार ने इन्हें दूर करने का भरोसा दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह योजना झारखंड को हर घर पक्का बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गरीबों के चेहरों पर आई मुस्कान ही इसकी सबसे बड़ी सफलता है।
















