देश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पूर्वी राज्यों में तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जनजीवन को हिला दिया है, जबकि उत्तर और पश्चिमी इलाकों में चिलचिलाती गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले 48 घंटों में यह सिलसिला और तेज होगा। बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल तक 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार वाली हवाओं ने तबाही मचा दी है, वहीं दिल्ली और मुंबई में हीटवेव ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

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पूर्वी भारत में तूफानी हवाओं का आतंक
बिहार के पटना, गया और भागलपुर जैसे जिलों में अचानक बदले मौसम ने सबको चौंका दिया। सुबह से ही काले बादल छाए हुए हैं और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक ने लोगों को घरों में कैद कर लिया। किसानों की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। खेतों में खड़ी गेहूं और सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसी तरह पश्चिम बंगाल के कोलकाता से सीमांचल तक बारिश का दौर जारी है। झारखंड और ओडिशा में भी छिटपुट वर्षा के साथ वज्रपात की घटनाएं सामने आ रही हैं। ग्रामीण इलाकों में बिजली के खंभे उखड़ गए और कुछ जगहों पर सड़कें अवरुद्ध हो गईं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।
उत्तर-पश्चिम में मार्च की असामान्य गर्मी
दिल्ली-एनसीआर में दिन का पारा 38 डिग्री तक चढ़ गया है। न्यूनतम तापमान भी 18 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जिससे रातें भी उमस भरी गुजर रही हैं। मुंबई में समुद्री हवाओं के बावजूद उमस ने जनजीवन को थका दिया। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी यही हाल है। लोग हीट स्ट्रोक की चपेट में आ रहे हैं। अस्पतालों में गर्मी से संबंधित शिकायतें बढ़ गई हैं। प्रदूषण का स्तर थोड़ा कम हुआ है, लेकिन गर्म हवाओं ने इसे फिर से बढ़ाने का खतरा पैदा कर दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मार्च के लिए असामान्य है।
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मौसम बदलाव के पीछे की वजह
पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम ने पूरे सिस्टम को प्रभावित किया है। मार्च में हीटवेव और तूफान का यह संयोजन जलवायु परिवर्तन का संकेत देता है। मौसम विभाग ने पूर्वी राज्यों के लिए 9 से 11 मार्च तक और उत्तर-पूर्व के लिए 10 से 14 मार्च तक अलर्ट जारी किया है। उड़ानें और ट्रेन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
क्या करें आम आदमी?
तूफान प्रभावित इलाकों में खुले स्थानों से दूर रहें। बिजली गिरने का खतरा है, इसलिए पेड़ों या ऊंचे स्थानों से बचें। किसान अपनी फसलें ढक दें। गर्मी वाले क्षेत्रों में खूब पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और दोपहर में बाहर न निकलें। प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर सक्रिय कर दिए हैं। क्या यह मौसम पटरी पर लौटेगा या और बिगड़ेगा, आने वाले घंटे बताएंगे। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
















